{"_id":"62c72362d986ed242f4a5903","slug":"education-department-seeks-report-of-poor-and-decrepit-buldings-from-government-school-in-solan-solan-news-sml414449042","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले के खस्ताहाल स्कूल भवनों का शिक्षा विभाग ने मांगा रिकॉर्ड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले के खस्ताहाल स्कूल भवनों का शिक्षा विभाग ने मांगा रिकॉर्ड
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। विद्यार्थियों को सुरक्षा के लिए शिक्षा विभाग ने सभी सरकारी स्कूलों से भवनों का रिकॉर्ड मांगा है। सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर अपने-अपने क्षेत्र में स्कूलों के जर्जर भवनों की रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं।
लोक निर्माण विभाग जांच कर सुरक्षित और असुरक्षित भवनों की रिपोर्ट शिक्षा विभाग को देगा। इसके बाद यह रिपोर्ट निदेशालय भेजी जाएगी। यहां से स्कूल भवन के विस्तारीकरण और नवनिर्माण को लेकर निर्णय लिया जाएगा।
शिक्षा खंड अधिकारियों को यह रिपोर्ट मानसून से पहले सौंपनी थी लेकिन अभी भवनों की जांच का कार्य पूरा नहीं हो पाया है। इसमें तेजी लाने के निर्देश जिला शिक्षा विभाग ने दिए हैं।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार जिले में कई सरकारी स्कूलों में भवन जर्जर हालत में हैं। इसकी पूरी जानकारी अभी विभाग के पास नहीं है। इसकी रिपोर्ट तैयार करने के लिए लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ एक कमेटी बनाई है। अभी बरसात के मौसम में पीडब्ल्यू की सभी टीमें व्यस्त चल रही हैं जिस कारण जांच में भी समय लग रहा है।
सरकारी स्कूलों के कुछ भवन वर्षों पुराने हैं। इन भवनों की छत या फिर प्लास्टर गिरने की घटनाएं होती रहती हैं। पुराने भवन बच्चों के बैठाने के लिए कितने सुरक्षित हैं। इसकी जांच लोक निर्माण विभाग कर रहा है।
उधर, शिक्षा उपनिदेशक उच्च शिक्षा डॉ. जगदीश नेगी ने बताया कि सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को सुरक्षित माहौल देने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। सभी खंड शिक्षा अधिकारियों से जर्जर भवनों की सूची मांगी गई है।
इसकी जांच पीडब्ल्यू के साथ गठित कमेटी कर रही है। हालांकि अभी तक यह कार्य पूरा नहीं हुआ है। सभी शिक्षा खंड अधिकारियों को तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
सोलन। विद्यार्थियों को सुरक्षा के लिए शिक्षा विभाग ने सभी सरकारी स्कूलों से भवनों का रिकॉर्ड मांगा है। सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर अपने-अपने क्षेत्र में स्कूलों के जर्जर भवनों की रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं।
लोक निर्माण विभाग जांच कर सुरक्षित और असुरक्षित भवनों की रिपोर्ट शिक्षा विभाग को देगा। इसके बाद यह रिपोर्ट निदेशालय भेजी जाएगी। यहां से स्कूल भवन के विस्तारीकरण और नवनिर्माण को लेकर निर्णय लिया जाएगा।
विज्ञापन
शिक्षा खंड अधिकारियों को यह रिपोर्ट मानसून से पहले सौंपनी थी लेकिन अभी भवनों की जांच का कार्य पूरा नहीं हो पाया है। इसमें तेजी लाने के निर्देश जिला शिक्षा विभाग ने दिए हैं।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार जिले में कई सरकारी स्कूलों में भवन जर्जर हालत में हैं। इसकी पूरी जानकारी अभी विभाग के पास नहीं है। इसकी रिपोर्ट तैयार करने के लिए लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ एक कमेटी बनाई है। अभी बरसात के मौसम में पीडब्ल्यू की सभी टीमें व्यस्त चल रही हैं जिस कारण जांच में भी समय लग रहा है।
सरकारी स्कूलों के कुछ भवन वर्षों पुराने हैं। इन भवनों की छत या फिर प्लास्टर गिरने की घटनाएं होती रहती हैं। पुराने भवन बच्चों के बैठाने के लिए कितने सुरक्षित हैं। इसकी जांच लोक निर्माण विभाग कर रहा है।
उधर, शिक्षा उपनिदेशक उच्च शिक्षा डॉ. जगदीश नेगी ने बताया कि सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को सुरक्षित माहौल देने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। सभी खंड शिक्षा अधिकारियों से जर्जर भवनों की सूची मांगी गई है।
इसकी जांच पीडब्ल्यू के साथ गठित कमेटी कर रही है। हालांकि अभी तक यह कार्य पूरा नहीं हुआ है। सभी शिक्षा खंड अधिकारियों को तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।