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Solan News: लिंग के आधार पर भेदभाव नहीं करें
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पाइनग्रोव स्कूल सुबाथू में शिक्षकों के लिए आयोजित कार्यशाला में मौजूद शिक्षक। स्त्रोत:स्कूल
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पाइनग्रोव स्कूल में लैंगिक संवेदनशीलता पर कार्यशाला
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। पाइनग्रोव स्कूल सुबाथू में स्कूलों में लैंगिक संवेदनशीलता पर सीबीएसई का क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यशाला में 35 शिक्षकों ने भाग लिया। इसका उद्देश्य प्रतिभागियों को लैंगिक रुढ़ियों और छात्रों पर उनके प्रभाव पर चिंतन करने के लिए प्रोत्साहित करना था।
कार्यशाला का संचालन सोनिया कपूर और रिया यादव ने किया। इसमें सहभागी चर्चाओं, गतिविधियों और केस स्टडी का उपयोग किया गया। लैंगिक संवेदनशीलता का अर्थ लड़कों और लड़कियों के प्रति सम्मान, अवसर और निष्पक्ष व्यवहार रखना है। यह समझना महत्वपूर्ण है कि किसी व्यक्ति के साथ उसके लिंग के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए। विद्यालय में इसका प्रयोग सभी विद्यार्थियों को समान अवसर प्रदान करके किया जाता है। लड़के और लड़कियों को पढ़ाई, खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियों में समान भागीदारी दी जाती है। उन्हें नेतृत्व के अवसरों में भी समान भागीदारी मिलती है। शिक्षकों द्वारा सभी छात्रों के साथ बिना किसी भेदभाव के व्यवहार किया जाता है। इससे आपसी सम्मान, सहयोग और समानता की भावना विकसित होती है। यह विद्यालय के वातावरण को सुरक्षित, सकारात्मक और समावेशी बनाता है। कार्यक्रम में हेड टीचर पंकज शर्मा और हेड एक्टिविटी गुरप्रीत सिंह सहित 35 शिक्षकों ने हिस्सा लिया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। पाइनग्रोव स्कूल सुबाथू में स्कूलों में लैंगिक संवेदनशीलता पर सीबीएसई का क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यशाला में 35 शिक्षकों ने भाग लिया। इसका उद्देश्य प्रतिभागियों को लैंगिक रुढ़ियों और छात्रों पर उनके प्रभाव पर चिंतन करने के लिए प्रोत्साहित करना था।
कार्यशाला का संचालन सोनिया कपूर और रिया यादव ने किया। इसमें सहभागी चर्चाओं, गतिविधियों और केस स्टडी का उपयोग किया गया। लैंगिक संवेदनशीलता का अर्थ लड़कों और लड़कियों के प्रति सम्मान, अवसर और निष्पक्ष व्यवहार रखना है। यह समझना महत्वपूर्ण है कि किसी व्यक्ति के साथ उसके लिंग के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए। विद्यालय में इसका प्रयोग सभी विद्यार्थियों को समान अवसर प्रदान करके किया जाता है। लड़के और लड़कियों को पढ़ाई, खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियों में समान भागीदारी दी जाती है। उन्हें नेतृत्व के अवसरों में भी समान भागीदारी मिलती है। शिक्षकों द्वारा सभी छात्रों के साथ बिना किसी भेदभाव के व्यवहार किया जाता है। इससे आपसी सम्मान, सहयोग और समानता की भावना विकसित होती है। यह विद्यालय के वातावरण को सुरक्षित, सकारात्मक और समावेशी बनाता है। कार्यक्रम में हेड टीचर पंकज शर्मा और हेड एक्टिविटी गुरप्रीत सिंह सहित 35 शिक्षकों ने हिस्सा लिया।
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