{"_id":"6963eed4c43bff42b00ffbb4","slug":"diwan-decorated-in-dhang-tapriyan-on-the-occasion-of-prakash-parv-of-guru-gobind-singh-solan-news-c-176-1-ssml1044-161145-2026-01-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Solan News: गुरु गोबिंद सिंह के प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में ढांग टपरियां में सजा दीवान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Solan News: गुरु गोबिंद सिंह के प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में ढांग टपरियां में सजा दीवान
विज्ञापन
नालागढ़ के ढांग टपरियां में आयोजित समागम में शब्द कीर्तन करते हुए रागी जत्था- स्रोत- सिंह सभा
सालाना गुरमत समागम में रागी जत्थों ने गुरु महिमा का किया गुणगान, लंगर भी लगाया
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़ (सोलन)। नालागढ़ के ढांग टपरियां स्थित सिंह सभा गुरुद्वारा साहिब में दशमेश पिता श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में सालाना गुरमत समागम बड़ी श्रद्धा और धूमधाम से मनाया गया। इस पावन अवसर पर भारी संख्या में संगत ने हाजिरी भरी और गुरु चरणों में शीश नवाया। शुक्रवार से आरंभ किए गए श्री अखंड पाठ साहिब का रविवार सुबह भोग डाला गया, जिसके उपरांत भव्य दीवान सजाया गया। आनंदपुर साहिब से आए भाई कमलदीप सिंह के अखंड कीर्तनी जत्थे ने शबद-कीर्तन के माध्यम से गुरु की वाणी की अमृत वर्षा कर संगत को निहाल किया।कविश्री जत्थे के भाई बरयाम सिंह ने गुरु गोबिंद सिंह जी के साहिबजादों की शहादत और गौरवशाली सिख इतिहास को वाणी के माध्यम से प्रस्तुत किया। कथावाचक ज्ञानी बलजीत सिंह ने अपने प्रवचनों में गुरु साहिब के त्याग और बलिदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने धर्म और देश की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उन्होंने संगत को ब्रह्म मुहूर्त में उठकर गुरुबाणी के अनुसार जीवन यापन करने के लिए प्रेरित किया।समागम के दौरान गुरु का अटूट लंगर भी लगाया गया, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इस धार्मिक आयोजन से पूरा क्षेत्र गुरु की महिमा के जयकारों से गूंज उठा।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़ (सोलन)। नालागढ़ के ढांग टपरियां स्थित सिंह सभा गुरुद्वारा साहिब में दशमेश पिता श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में सालाना गुरमत समागम बड़ी श्रद्धा और धूमधाम से मनाया गया। इस पावन अवसर पर भारी संख्या में संगत ने हाजिरी भरी और गुरु चरणों में शीश नवाया। शुक्रवार से आरंभ किए गए श्री अखंड पाठ साहिब का रविवार सुबह भोग डाला गया, जिसके उपरांत भव्य दीवान सजाया गया। आनंदपुर साहिब से आए भाई कमलदीप सिंह के अखंड कीर्तनी जत्थे ने शबद-कीर्तन के माध्यम से गुरु की वाणी की अमृत वर्षा कर संगत को निहाल किया।कविश्री जत्थे के भाई बरयाम सिंह ने गुरु गोबिंद सिंह जी के साहिबजादों की शहादत और गौरवशाली सिख इतिहास को वाणी के माध्यम से प्रस्तुत किया। कथावाचक ज्ञानी बलजीत सिंह ने अपने प्रवचनों में गुरु साहिब के त्याग और बलिदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने धर्म और देश की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उन्होंने संगत को ब्रह्म मुहूर्त में उठकर गुरुबाणी के अनुसार जीवन यापन करने के लिए प्रेरित किया।समागम के दौरान गुरु का अटूट लंगर भी लगाया गया, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इस धार्मिक आयोजन से पूरा क्षेत्र गुरु की महिमा के जयकारों से गूंज उठा।