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पेंशनरों को बांटने की सरकार की कोशिश नहीं होगी सफल : इंद्रपाल
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अक्तूबर से जन जागरण अभियान, 12 नवंबर से धरने शुरू करने का किया एलान
संवाद न्यूज एजेंसी
कुनिहार(सोलन)। हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति के महासचिव इंद्रपाल शर्मा ने मुख्यमंत्री की ओर से तथाकथित ज्वाइंट फ्रंट के नेताओं और कुछ पेंशनरों के साथ हुई बैठक की कड़ी निंदा की है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पेंशनरों को आपस में बांटकर संयुक्त संघर्ष समिति के आंदोलन को कमजोर करना चाहती है। कहा कि 18 प्रमुख पेंशनर संगठनों की संयुक्त संघर्ष समिति प्रदेश के करीब 90 प्रतिशत पेंशनरों का प्रतिनिधित्व करती है।
उन्होंने कहा कि 1 जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए पेंशनरों को अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर तृतीय श्रेणी को 35 प्रतिशत और प्रथम व द्वितीय श्रेणी को 15 प्रतिशत बकाया भुगतान के आदेश जारी किए गए हैं। ये आदेश बैठक से पहले ही तैयार थे। इनमें ग्रेच्युटी, लीव इन कैशमेंट और महंगाई भत्ते के बकाया का स्पष्ट उल्लेख नहीं है।
शर्मा ने कहा कि 13 मई को मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक में संबंधित पेंशनरों को कुल बकाया राशि का 40 प्रतिशत भुगतान करने का निर्णय हुआ था। साथ ही दशहरा और दिवाली के बीच महंगाई राहत की किस्तें जारी करने का आश्वासन दिया गया था। उन्होंने सरकार से आश्वासनों को पूरी तरह लागू करने की मांग की। उन्होंने बताया कि 18 सितंबर की राज्य कार्यकारिणी बैठक में अक्तूबर के पहले सप्ताह से जनजागरण अभियान शुरू करने का निर्णय लिया गया है। 12 नवंबर से सभी जिलों में क्रमिक धरने शुरू होंगे। संघर्ष को अगले वर्ष विधानसभा चुनाव तक जारी रखने की बात कही गई है। शर्मा ने कहा कि सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों का संयुक्त संगठन बनाने के लिए वार्ता जारी है।
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कुनिहार(सोलन)। हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति के महासचिव इंद्रपाल शर्मा ने मुख्यमंत्री की ओर से तथाकथित ज्वाइंट फ्रंट के नेताओं और कुछ पेंशनरों के साथ हुई बैठक की कड़ी निंदा की है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पेंशनरों को आपस में बांटकर संयुक्त संघर्ष समिति के आंदोलन को कमजोर करना चाहती है। कहा कि 18 प्रमुख पेंशनर संगठनों की संयुक्त संघर्ष समिति प्रदेश के करीब 90 प्रतिशत पेंशनरों का प्रतिनिधित्व करती है।
उन्होंने कहा कि 1 जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए पेंशनरों को अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर तृतीय श्रेणी को 35 प्रतिशत और प्रथम व द्वितीय श्रेणी को 15 प्रतिशत बकाया भुगतान के आदेश जारी किए गए हैं। ये आदेश बैठक से पहले ही तैयार थे। इनमें ग्रेच्युटी, लीव इन कैशमेंट और महंगाई भत्ते के बकाया का स्पष्ट उल्लेख नहीं है।
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शर्मा ने कहा कि 13 मई को मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक में संबंधित पेंशनरों को कुल बकाया राशि का 40 प्रतिशत भुगतान करने का निर्णय हुआ था। साथ ही दशहरा और दिवाली के बीच महंगाई राहत की किस्तें जारी करने का आश्वासन दिया गया था। उन्होंने सरकार से आश्वासनों को पूरी तरह लागू करने की मांग की। उन्होंने बताया कि 18 सितंबर की राज्य कार्यकारिणी बैठक में अक्तूबर के पहले सप्ताह से जनजागरण अभियान शुरू करने का निर्णय लिया गया है। 12 नवंबर से सभी जिलों में क्रमिक धरने शुरू होंगे। संघर्ष को अगले वर्ष विधानसभा चुनाव तक जारी रखने की बात कही गई है। शर्मा ने कहा कि सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों का संयुक्त संगठन बनाने के लिए वार्ता जारी है।
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