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Himachal News: सीटीएल लैब कंडाघाट को एनएबीएल, एफएसएसएआई की मान्यता, अब देश भर में मान्य होगी जांच रिपोर्ट
Tue, 31 Mar 2026 11:12 AM IST
Ankesh Dogra
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन।
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Tue, 31 Mar 2026 11:12 AM IST
सार
कंडाघाट स्थित सीटीएल लैब की जांच रिपोर्ट अब पूरे देश में मान्य होगी। इससे पहले इस लैब की रिपोर्ट को अन्य राज्यों में चुनौती दी जा सकती थी या वहां इसे स्वीकार भी नहीं किया जाता था। लेकिन अब यह लैब राष्ट्रीय मानकों पर खरी उतरी है। पढ़ें पूरी खबर...
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश की एकमात्र कंडाघाट स्थित सीटीएल लैब को राष्ट्रीय परीक्षण और अंशशोधन प्रयोगशाला प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीएल), भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) की संयुक्त मान्यता मिल गई है। अब लैब की जांच रिपोर्ट पूरे देश में मान्य होगी।
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इससे पहले इस लैब की रिपोर्ट को अन्य राज्यों में चुनौती दी जा सकती थी या वहां इसे स्वीकार भी नहीं किया जाता था। लेकिन अब यह लैब राष्ट्रीय मानकों पर खरी उतरी है। कंडाघाट स्थित प्रदेश की इस एकमात्र लैब में अत्याधुनिक मशीनों द्वारा विभिन्न प्रकार के नमूनों की जांच की जाती है।
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इसमें खाद्य पदार्थ मिलावट और गुणवत्ता की जांच, प्राकृतिक व अन्य पेयजल की शुद्धता का परीक्षण, एक्साइज से संबंधित नशीले पदार्थों के सैंपलों की जांच की जाती है। लेकिन इनकी जांच रिपोर्ट की मान्यता पहले प्रदेश तक ही सीमित थी, लेकिन अब इसे राष्ट्र स्तर पर भी प्रस्तुत किया जा सकता है। इसके अलावा सीटीएल में सूक्ष्म जीव प्रयोगशाला को भी स्थापित करने की योजना है। इसके तहत भी इससे संबंधित सैंपलों की जांच सीटीएल भी ही होगी।
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प्रदेश सकार की ओर से भी इस लैब के उत्थान को लेकर कार्य किए जा रहे है। इसमें आधुनिक और नई प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी। उधर, सीटीएल खाद्य विश्लेषक डॉ. रिपु धमन कुमार ने बताया कि इस संयुक्त मान्यता से प्रदेश के व्यापारियों को सबसे अधिक लाभ होगा। अब उन्हें अपने उत्पादों की राष्ट्रीय स्तर की जांच के लिए दूसरे राज्यों की प्रयोगशालाओं में नहीं जाना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि कानूनी प्रक्रियाओं में भी स्थानीय लैब की रिपोर्ट को देशभर में साक्ष्य के रूप में इस्तेमाल किया जा सकेगा। इस लैब के विकास को लेकर प्रदेश सरकार की ओर से यहां आधुनिक उपकरण भी स्थापित किए जा रहे हैं।