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ओच्छघाट के नर्सिंग संस्थान में छात्रा की मौत पर बवाल, परिजनों ने जताया हत्या का संदेह
Updated Wed, 05 Sep 2018 11:21 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
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सोलन। ओच्छघाट में चल रहे निजी नर्सिंग संस्थान में प्रशिक्षु नर्स की मौत मामले में परिजनों ने हत्या का संदेह जताया है। साथ ही पुलिस की धीमी जांच और संस्थान संचालकों के गैर जिम्मेदाराना रवैये पर भी सवाल उठाए हैं। परिजनों ने पुलिस पर उन्हें पोस्टमार्टम रिपोर्ट व एफआईआर मुहैया न करवाने की भी बात कही। बेटी की मौत से गमगीन अभिभावक एक माह बाद इस पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं।
30 जुलाई की रात को नर्सिंग प्रथम वर्ष की छात्रा तनुजा शर्मा की संदिग्ध हालत में मौत हो गई थी। संस्थान संचालकों ने पुलिस को बयान दिए थे कि छात्रा ने हॉस्टल की पांचवीं मंजिल से कूदकर जान दी। इसके बाद पुलिस ने भादंसं की धारा 174 के तहत मामला दर्जकर छात्रा का पोस्टमार्टम करवाया। साथ ही मामले की जांच का आश्वासन परिजनों को दिया। शिमला के घणाहट्टी की छात्रा का शव लेकर परिजन सोलन से चले गए थे। इस बीच करीब एक माह तक मामला पूरी तरह से शांत रहा।
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अब पुलिस की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक न होने और पूरे मामले का सच सामने न आने के बाद परिजन दोबारा आक्रोश से भर गए हैं। मृतक छात्रा के अभिभावकों माता वीना और पिता महेंद्र शर्मा ने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी को पहले मारा गया और उसके बाद उसे हॉस्टल के बाहर फेंक दिया गया। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी के मुंह या सिर पर चोट के गंभीर निशान नहीं थे। उन्होंने आरोप लगाया है कि हॉस्टल में सीसीटीवी कैमरे भी नहीं थे। साथ ही यह घटना करीब 11 बजे घटित हुई जबकि हॉस्टल नौ बजे बंद हो जाता है।
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ऐसे में उनकी बेटी ग्यारह बजे हॉस्टल से बाहर पांचवीं मंजिल तक कैसे पहुंची। इस समय यह घटना हुई हॉस्टल की वार्डन कहां थी और पुलिस या संस्थान संचालकों ने वार्डन पर अब तक क्या कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी आत्महत्या जैसा कदम नहीं उठा सकती है। उसकी मौत के पीछे की सभी वजह साफ होनी चाहिए। पुलिस एक माह में जांच रिपोर्ट तैयार नहीं कर पाई है। इसलिए वे इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हैं। मामले की जांच सीबीआई से करवाई जानी चाहिए ताकि उनकी बेटी को न्याय मिल सके।
मामले की जांच जारी है : एएसपी
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिव कुमार शर्मा का कहना है कि पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। पोस्टमार्टम के बाद विसरा लैब में जांच के लिए भेजा है जहां से रिपोर्ट आना बाकी है। उन्होंने कहा कि यदि अभिभावकों को मामले से जुड़े पहलुओं पर कुछ संदेह है तो वे इसे पुुलिस के साथ साझा कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस पूरे मामले की निष्पक्षता से जांच कर रही है। जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
परिजनों के सवाल
- नौ बजे हॉस्टल बंद हो जाता है तो 11 बजे उनकी बेटी पांचवीं मंजिल तक कैसे पहुंच गई?
- हॉस्टल में सीसीटीवी क्यों नहीं लगाए गए?
- छात्रा की मौत के समय हॉस्टल वार्डन क्या कर रही थी?
- पुलिस एक महीने में मामले की जांच पूरी क्यों नहीं कर पाई?
- छात्रा की मौत से जुड़ी एफआईआर व पोस्टमार्टम की रिपोर्ट परिजनों को क्यों नहीं मिली?
- संस्थान संचालक छात्रा के परिजनों का हाल जानने शिमला क्यों नहीं आए?