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सवालों के घेरे में पुलिस का ढेरोंवाल एनकाउंटर
Updated Mon, 04 Sep 2017 10:16 PM IST
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बद्दी (सोलन)। बीबीएन के नालागढ़ में चोरी और एटीएम लूटने की वारदात में लुटेरों ने एक नहीं बल्कि दो वाहनों का प्रयोग किया था। पुलिस जांच और सीसीटीवी फुटेज में इसका खुलासा हुआ है। सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक लुटेरों ने नालागढ़-रोपड़ मार्ग पर ढेरोंवाल से रात 12:57 बजे प्रवेश किया है। दो बजे वह एचडीएफसी के एटीएम में घुसे जहां उन्होंने बाहर वाले सीसीटीवी कैमरे पर स्प्रे किया। बाद में भीतर जाने के बाद दूसरे सीसीटीवी कैमरे पर स्प्रे किया। लेकिन बाहर वाले सीसीटीवी कैमरे में एक किनारे स्प्रे नहीं हुआ। इसकी फुटेज देखने के बाद एक वाहन से तीन लोग निकले जो एटीएम में प्रवेश करने के बाद 2:30 बजे तक भीतर ही थे। इसके बाद उन्होंने बिजली की तार को काट डाला और सीसीटीवी ने काम करना बंद कर दिया और इसके बाद एटीएम मशीन में धमाका हुआ था। लेकिन दूसरी गाड़ी मौके पर सीसीटीवी फुटेज में नहीं दिखी है।
सवाल उठता है कि वारदात वाले दिन पुलिस का कहना था कि ढेरोंवाला के पास मुठभेड़ में एक गाड़ी में सभी लुटेरे सवार थे। इस दौरान उन्होंने गाड़ी पुलिस कर्मचारियों पर चढ़ाने के कोशिश की। इस बीच पुलिस ने अपने बचाव में फायरिंग की जिसमें एक की मौत हो गई है और दूसरा आरोपी घायल हो गया। अन्य तीन आरोपी गाड़ी से उतरकर मौके से फरार हो गए। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब तीन लुटेरे एक गाड़ी में थे तो मुठभेड़ के दौरान पांच कहां से आ गए। वाहन भी दो इस्तेमाल हुए तो दूसरा वाहन कहां है? यही नहीं अगर तीन लुटेरे दूसरे वाहन में थे तो पहले दिन एक गाड़ी में पांच लोग कौन थे। यही नहीं पैदल भाग रहे तीन लुटेरों को पुलिस क्यों नहीं पकड़ पाई। कुलमिलाकर इस मुठभेड़ से पुलिस फायरिंग सवालों के घेरे में है।
इस वारदात में पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में मारे गए एक आरोपी सागर पुत्र मित्रदेव निवासी गांव दरबाथू, बल्ह मंडी के शव का पुलिस ने शिमला में पोस्टमार्टम करवा दिया है जिसकी रिपोर्ट आनी बाकी है। इस हादसे में घायल हुआ कमलेश उर्फ चिन्नू निवासी बल्ह मंडी बयान देने की स्थिति में नहीं है। पुलिस इसके बयान देने की हालत में आने का इंतजार कर रही है वहीं डॉक्टरों का पैनल उसे होश में लाने का प्रयास कर रही है। इसके बयान देने के बाद कई अहम खुलासे हो सकते हैं, जिसका पुलिस को इंतजार है। फिलहाल पुलिस इस कांड में फरार हुए तीन आरोपियों और एक वाहन की धरपकड़ के लिए पुलिस ऐड़ी चोटी का जोर लगा रही है और जगह-जगह दबिशें दे रही है।
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स्वतंत्र एजेंसी से करवा लें जांच : एसपी
एसपी राहुल नाथ ने कहा कि अभी तक की जांच और सीसीटीवी फुटेज में दो वाहनों में आरोपी दिखे हैं। कहा कि पुलिस फरार हुए आरोपियों की धरपकड़ करने में जुटी है, वहीं घायल के होश में आने का पुलिस इंतजार कर रही है, ताकि पुलिस उसके बयान कलमबद्ध कर सके। पुलिस खुद भी इस मामले की जांच कर रही है। साथ ही पुलिस ने इस मुठभेड़ की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से करवाने को लेकर मानवाधिकार आयोग को भी लिखा है।
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सवाल उठता है कि वारदात वाले दिन पुलिस का कहना था कि ढेरोंवाला के पास मुठभेड़ में एक गाड़ी में सभी लुटेरे सवार थे। इस दौरान उन्होंने गाड़ी पुलिस कर्मचारियों पर चढ़ाने के कोशिश की। इस बीच पुलिस ने अपने बचाव में फायरिंग की जिसमें एक की मौत हो गई है और दूसरा आरोपी घायल हो गया। अन्य तीन आरोपी गाड़ी से उतरकर मौके से फरार हो गए। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब तीन लुटेरे एक गाड़ी में थे तो मुठभेड़ के दौरान पांच कहां से आ गए। वाहन भी दो इस्तेमाल हुए तो दूसरा वाहन कहां है? यही नहीं अगर तीन लुटेरे दूसरे वाहन में थे तो पहले दिन एक गाड़ी में पांच लोग कौन थे। यही नहीं पैदल भाग रहे तीन लुटेरों को पुलिस क्यों नहीं पकड़ पाई। कुलमिलाकर इस मुठभेड़ से पुलिस फायरिंग सवालों के घेरे में है।
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इस वारदात में पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में मारे गए एक आरोपी सागर पुत्र मित्रदेव निवासी गांव दरबाथू, बल्ह मंडी के शव का पुलिस ने शिमला में पोस्टमार्टम करवा दिया है जिसकी रिपोर्ट आनी बाकी है। इस हादसे में घायल हुआ कमलेश उर्फ चिन्नू निवासी बल्ह मंडी बयान देने की स्थिति में नहीं है। पुलिस इसके बयान देने की हालत में आने का इंतजार कर रही है वहीं डॉक्टरों का पैनल उसे होश में लाने का प्रयास कर रही है। इसके बयान देने के बाद कई अहम खुलासे हो सकते हैं, जिसका पुलिस को इंतजार है। फिलहाल पुलिस इस कांड में फरार हुए तीन आरोपियों और एक वाहन की धरपकड़ के लिए पुलिस ऐड़ी चोटी का जोर लगा रही है और जगह-जगह दबिशें दे रही है।
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स्वतंत्र एजेंसी से करवा लें जांच : एसपी
एसपी राहुल नाथ ने कहा कि अभी तक की जांच और सीसीटीवी फुटेज में दो वाहनों में आरोपी दिखे हैं। कहा कि पुलिस फरार हुए आरोपियों की धरपकड़ करने में जुटी है, वहीं घायल के होश में आने का पुलिस इंतजार कर रही है, ताकि पुलिस उसके बयान कलमबद्ध कर सके। पुलिस खुद भी इस मामले की जांच कर रही है। साथ ही पुलिस ने इस मुठभेड़ की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से करवाने को लेकर मानवाधिकार आयोग को भी लिखा है।