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जंगल की आग से दो गोशालाएं राख, दो घरों को भी नुकसान
Updated Wed, 23 May 2018 10:51 PM IST
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कुनिहार (सोलन)। गर्मी के मौसम में कुनिहार विकास खंड के अधिकांश जंगलों में आग लगने का सिलसिला बढ़ गया है।
मंगलवार शाम करीब 4 बजे वन मंडल कुनिहार के अंतर्गत वन मंडल कार्यालय से लगभग 300 मीटर की दूरी पर जंगल में आग लग गई। बुधवार सुबह देवधार बीट के जंगल भी सुलग रहे थे। देखते ही देखते यह आग हवा के झोंकों से भड़कती हुई पूरे चील के पेड़ों के जंगल को खाक कर कुनिहार पंचायत के गांव बरड कॉलोनी में पहुंच गई। जहां आग से ग्रामीणों की लाखों रुपये की संपत्ति को नुकसान हुआ है। वहीं एक गाय भी आग की भेंट चढ़ गई।
जानकारी के अनुसार गांव की बिमला देवी की गोशाला, इमारती लकड़ी, घास राख हो गई। गोशाला में बंधी तीन गायों में से दो को लोगों ने अपनी जान जोखिम में डालकर बचाया। लेकिन एक गाय इस आग में झुलस कर मर गई। गांव के ही हरिदास गोशाला भी राख हो गई। गांव के राजू व बाबू राम के घर को भी आग से नुकसान पहुंचा है। वन विभाग व स्थानीय लोगों के सामूहिक प्रयास से करीब बुधवार 6 बजे आग पर काबू पाया गया। लेकिन तब तक लाखों का नुकसान हो चुका था। स्थानीय पुलिस, पटवारी व एसडीएम कार्यालय से भी प्रशासन के लोग घटना स्थल पर पहुंचे। जिन्होंने निरीक्षण कर आग से हुए नुकसान का जायजा लिया। एसडीएम कार्यालय की तरफ से पीड़ितों को फौरी राहत भी दी गई।
डीएफओ कुनिहार सतीश नेगी ने बताया कि गर्मी के मौसम में आग की घटनाओं को देखते हुए फायर वाचर विभाग की ओर से रखे जाते हैं। ग्रामीणों के सहयोग से ही जंगलों को आग से बचाया जा सकता है। क्षेत्र में अधिकतर चीड़ के जंगल हैं। एक छोटी सी चिंगारी भी हवा के रुख के साथ थोड़े समय में ही विकराल रूप ले लेती है। उन्होंने कहा कि जंगलों में लग रही आग के लिए अज्ञात लोगों के खिलाफ विभाग की ओर से पुलिस में शिकायत की गई है।
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मंगलवार शाम करीब 4 बजे वन मंडल कुनिहार के अंतर्गत वन मंडल कार्यालय से लगभग 300 मीटर की दूरी पर जंगल में आग लग गई। बुधवार सुबह देवधार बीट के जंगल भी सुलग रहे थे। देखते ही देखते यह आग हवा के झोंकों से भड़कती हुई पूरे चील के पेड़ों के जंगल को खाक कर कुनिहार पंचायत के गांव बरड कॉलोनी में पहुंच गई। जहां आग से ग्रामीणों की लाखों रुपये की संपत्ति को नुकसान हुआ है। वहीं एक गाय भी आग की भेंट चढ़ गई।
जानकारी के अनुसार गांव की बिमला देवी की गोशाला, इमारती लकड़ी, घास राख हो गई। गोशाला में बंधी तीन गायों में से दो को लोगों ने अपनी जान जोखिम में डालकर बचाया। लेकिन एक गाय इस आग में झुलस कर मर गई। गांव के ही हरिदास गोशाला भी राख हो गई। गांव के राजू व बाबू राम के घर को भी आग से नुकसान पहुंचा है। वन विभाग व स्थानीय लोगों के सामूहिक प्रयास से करीब बुधवार 6 बजे आग पर काबू पाया गया। लेकिन तब तक लाखों का नुकसान हो चुका था। स्थानीय पुलिस, पटवारी व एसडीएम कार्यालय से भी प्रशासन के लोग घटना स्थल पर पहुंचे। जिन्होंने निरीक्षण कर आग से हुए नुकसान का जायजा लिया। एसडीएम कार्यालय की तरफ से पीड़ितों को फौरी राहत भी दी गई।
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डीएफओ कुनिहार सतीश नेगी ने बताया कि गर्मी के मौसम में आग की घटनाओं को देखते हुए फायर वाचर विभाग की ओर से रखे जाते हैं। ग्रामीणों के सहयोग से ही जंगलों को आग से बचाया जा सकता है। क्षेत्र में अधिकतर चीड़ के जंगल हैं। एक छोटी सी चिंगारी भी हवा के रुख के साथ थोड़े समय में ही विकराल रूप ले लेती है। उन्होंने कहा कि जंगलों में लग रही आग के लिए अज्ञात लोगों के खिलाफ विभाग की ओर से पुलिस में शिकायत की गई है।
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