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अनाधिकृत निर्माण नियमित करवाने से सस्ता है उसे तोड़ना, कसौली में तीन ने ही कर रखे हैं आवेदन
Updated Thu, 29 Nov 2018 05:15 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
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सोलन। कसौली में अनाधिकृत निर्माण को नियमित करवाना महंगा सौदा साबित हो रहा है। शिमला के लिए जारी आदेशों को एनजीटी ने कसौली पर भी लागू किया था। यहां अनाधिकृत तौर पर बने भवनों को नियमित करने की शर्तें लागू कर दी थी। इन शर्तों के लागू होने के बावजूद महज तीन ही केस टीसीपी विभाग के पास पहुंचे हैं। अन्य किसी ने भी अनाधिकृत भवनों के निर्माण नियमित करने के लिए आवेदन ही नहीं किया है।
दरअसल, नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने अधिसूचना जारी कर पांच से दस हजार प्रति स्क्वेयर फीट फीस चुकता कर अनाधिकृत निर्माण को नियमित करने की शर्त रखी थी। जो लोग इस शर्त के बाद सामने आए, उनके निर्माण पर जुर्माना दो लाख से दस लाख रुपये के बीच बन रहा था जबकि इस निर्माण को तुड़वाने का खर्च महज हजारों में सीमित था। इसके चलते अन्य लोगों ने इस सुविधा के तहत आवेदन ही नहीं किया।
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सुप्रीम कोर्ट ने एक निर्णय में जिन लोगों ने एनजीटी के तहत आवेदन किया था, उस पर भी स्टे लगा दिया और ऐसे आवेदन के तहत अनाधिकृत तौर पर बने भवनों को नियमित करने का निर्णय लागू नहीं किया। इसके बाद तीन आवेदक भी लटक गए हैं। कसौली में अनाधिकृत तौर पर बने 13 होटलों को सर्वोच्च न्यायालय ने गिराने के आदेश जारी किए थे।
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इसके बाद इन भवनों को गिराने की कार्रवाई के दौरान गोलीकांड हो गया था। उसके बाद कई भवन मालिक ऐसे भी सामने आए जिनका निर्माण बेहद सीमित क्षेत्र में था और कुल निर्माण का 10 से 20 प्रतिशत तक ही था। एनजीटी ने इन लोगों की हालत को देखते हुए शर्तों पर निर्माण नियमित करने की बात कही थी। इसमें एक स्क्वेयर फीट का पांच से दस हजार रुपये का भुगतान आवेदक को करना था। बेहद महंगा सौदा साबित होने के बाद ज्यादातर भवन मालिकों ने आवेदन ही नहीं किए।
10 से 20 प्रतिशत तक ही है अनाधिकृत निर्माण : टीसीपी
कसौली में टीसीपी विभाग के योजना अधिकारी राजेश कुमार का कहना है कि शिमला की तर्ज पर कसौली में आवेदन मांगे गए थे। फीस महंगी होने की वजह से ज्यादातर लोगों ने आवेदन ही नहीं किए। महज तीन आवेदन आए थे लेकिन अब सर्वोच्च न्यायालय ने एनजीटी के उन आदेशों पर रोक लगा दी है। इस वजह से वे आवेदन भी पास नहीं हो पाएंगे। उन्होंने बताया कि ज्यादा निर्माण 10 से 20 प्रतिशत के बीच है। भवन मालिकों के लिए जिन्हें तोड़ने का खर्च आवेदन की फीस से कई गुणा कम है।