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हॉलमार्क का गलत इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे ज्वेलर

Wed, 03 Jan 2018 10:38 PM IST
Updated Wed, 03 Jan 2018 10:38 PM IST
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हॉलमार्क का गलत इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे ज्वेलर
gold smuggling
सोलन। आभूषणों की दुकान पर अब हॉलमार्क के निशान का गलत इस्तेमाल नहीं हो पाएगा। दुकान के बाहर हॉलमार्क लगाने वाले ज्वेलर को इसका पंजीकरण करवाना होगा। यदि कोई ज्वेलर हॉलमार्क में पंजीकरण न होने के बावजूद दुकान के बाहर निशान लगा लेता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। यह कार्रवाई वीआईएस एक्ट 2016 के तहत होगी। इसका खुलासा भारतीय मानक ब्यूरो के प्रदेश प्रभारी बी चक्रवर्ती ने किया है।
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वह बुधवार को सोलन में ज्वेलर एसोसिएशन की ओर से आयोजित जागरूकता कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने कहा कि वीआईएस एक्ट 12 अक्टूबर 2017 को लागू हो चुका है। इस एक्ट के तहत कार्रवाई से पूर्व मानक ब्यूरो ने प्रदेश के ज्वेलरों को जागरूक करने का काम छेड़ा है। इस अभियान के पूरा होते ही निरीक्षण शुरू किया जाएगा और हॉलमार्क का गलत इस्तेमाल पाए जाने की सूरत में कार्रवाई होगी। उन्होंने बताया कि एक्ट में दुकानदार को एक लाख रुपये जुर्माना और कम से कम एक साल की कैद हो सकती है। इसके अलावा उसके पिछले साल की टर्नओवर का पांच प्रतिशत जुर्माना भी लगाया जा सकता है। आभूषण कम कैरेट के बेचे जाने पर भी ज्वेलर को कार्रवाई का सामना करना होगा। बिल पर 22 कैरेट लिखने और जांच में 20 कैरेट पाए जाने जैसा कोई मामला सामने आता है तो ज्वेलर को कैरेट के अंतर तथा आभूषण के बिल को गुणा करके जो राशि बनेगी उसे शिकायतकर्ता को लौटाना होगा। कहा कि ज्वेलर एक्ट के तहत आईएसआई का लाइसेंस ले सकते हैं।
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प्रदेश भर में इस समय करीब 164 हॉल मार्क लाइसेंस धारक दुकानदार हैं। अन्य दुकानदारों के पास यह लाइसेंस नहीं है। बी चक्रवर्ती ने बताया कि मानक ब्यूरो की मदद से तीन साल के लिए हॉलमार्क लाइसेंस बनाया जा सकता है। इसके लिए 5300 रुपये की फीस निर्धारित की है। उन्होंने कहा कि हॉलमार्क में गुणवत्ता की गारंटी दी जाती है। ज्वेलर इस गारंटी पर खरा उतर रहे हैं या नहीं इसकी जांच के लिए बाजार से सैंपल उठाए जाते हैं और उनकी जांच की जाती है।
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बैठक में यह रहे मौजूद
शिविर में शहर के करीब 50 स्वर्णकारों ने भाग लिया। इस मौके पर साइंटिस्ट सी गुरमेल सिंह भी मौजूद रहे। इसके अलावा सर्राफा एवं स्वर्णकार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष रामजी चौहान, सचिव लेखराम वर्मा, कोषाध्यक्ष सचिन वर्मा, संरक्षक दर्शन सिंह और महेंद्र वर्मा सहित अनेक स्वर्णकार मौजूद रहे।
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