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मालिक ही निकाला अपने ट्रक चोरी करने का आरोपी
Updated Sat, 30 Dec 2017 10:09 PM IST
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चोरी
- फोटो : बस्ती
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सोलन। दाड़लाघाट पुलिस ने ट्रक चोरी के मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। हैरानी की बात तो यह है कि ट्रक चोरी करने वाला स्वयं ट्रक मालिक ही है। इसने खुद 22 अक्तूबर 2016 को अपने ट्रक चोरी होने की शिकायत दर्ज करवाई थी। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस इस ट्रक को पकड़ने के लिए खाक छानती रही। लेकिन पुलिस के हाथों कुछ नहीं लगा। अब गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने ट्रक चोर को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने ट्रक का चेसी नंबर मिटा दिया था। पुलिस ने भी खुलासा करने की ठान रखी थी। फोरेंसिक टीम को मौके पर बुलाया। टीम ने पुराना चेसी नंबर दोबारा हासिल कर लिया जोकि उक्त व्यक्ति ने शिकायत में लिखवाया था। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने खुद ही अपने ट्रक के नागालैंड से फर्जी दस्तावेज बनाकर उसके दस्तावेजों को हिमाचल में अपने नाम ट्रांसफर करवाया। इसके बाद अपने ट्रक का चेसी नंबर मिटाकर इन दस्तावेजों के आधार उसे एक अन्य व्यक्ति को बेच दिया। दूसरी तरफ पुलिस पर अपने ट्रक को ढूंढने के लिए दबाव बनाता रहा। इस बीच जब जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि ट्रक चोरी ही नहीं हुआ है बल्कि चेसी नंबर बदलकर उसे आगे बेच दिया गया है। पुलिस ने जब फोरेंसिक टीम को मौके पर बुलाया तो चेसी नंबर सामने आ गया। इसके बाद खुलासा हुआ कि ट्रक न तो नागालैंड में खरीदा गया न ही चोरी हुआ था। आरोपी ने अपने ही ट्रक का चेसी नंबर मिटाकर उसे बेच डाला था। नए दस्तावेजों के आधार पर शिमला के एसडीएम कार्यालय में पेशकर ट्रक का नया नंबर भी ले लिया था। पुलिस के इस खुलासे से दो बड़ी बातें सामने आई है। पहली यह है कि फर्जी इंश्योरेंस हासिल करने का खेल खेला जाता है। दूसरा यह कि कैसे उत्तर पूर्वी राज्यों से वाहनों के फर्जी दस्तावेज जुटा लिए जाते हैं। दाड़लाघाट एसएचओ मोती सिंह ठाकुर ने बताया कि पुलिस ने आरोपी लेखराज के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। बताया कि लेखराज ने यह ट्रक अन्य एक व्यक्ति को बेच दिया था।
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पुलिस इस ट्रक को पकड़ने के लिए खाक छानती रही। लेकिन पुलिस के हाथों कुछ नहीं लगा। अब गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने ट्रक चोर को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने ट्रक का चेसी नंबर मिटा दिया था। पुलिस ने भी खुलासा करने की ठान रखी थी। फोरेंसिक टीम को मौके पर बुलाया। टीम ने पुराना चेसी नंबर दोबारा हासिल कर लिया जोकि उक्त व्यक्ति ने शिकायत में लिखवाया था। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने खुद ही अपने ट्रक के नागालैंड से फर्जी दस्तावेज बनाकर उसके दस्तावेजों को हिमाचल में अपने नाम ट्रांसफर करवाया। इसके बाद अपने ट्रक का चेसी नंबर मिटाकर इन दस्तावेजों के आधार उसे एक अन्य व्यक्ति को बेच दिया। दूसरी तरफ पुलिस पर अपने ट्रक को ढूंढने के लिए दबाव बनाता रहा। इस बीच जब जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि ट्रक चोरी ही नहीं हुआ है बल्कि चेसी नंबर बदलकर उसे आगे बेच दिया गया है। पुलिस ने जब फोरेंसिक टीम को मौके पर बुलाया तो चेसी नंबर सामने आ गया। इसके बाद खुलासा हुआ कि ट्रक न तो नागालैंड में खरीदा गया न ही चोरी हुआ था। आरोपी ने अपने ही ट्रक का चेसी नंबर मिटाकर उसे बेच डाला था। नए दस्तावेजों के आधार पर शिमला के एसडीएम कार्यालय में पेशकर ट्रक का नया नंबर भी ले लिया था। पुलिस के इस खुलासे से दो बड़ी बातें सामने आई है। पहली यह है कि फर्जी इंश्योरेंस हासिल करने का खेल खेला जाता है। दूसरा यह कि कैसे उत्तर पूर्वी राज्यों से वाहनों के फर्जी दस्तावेज जुटा लिए जाते हैं। दाड़लाघाट एसएचओ मोती सिंह ठाकुर ने बताया कि पुलिस ने आरोपी लेखराज के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। बताया कि लेखराज ने यह ट्रक अन्य एक व्यक्ति को बेच दिया था।
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