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Solan News: सात डिफाल्टरों पर शिकंजा, एससी-एसटी कॉर्पोरेशन ने जारी करवाए गिरफ्तारी वारंट
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शिमला जिले के रहने वाले हैं सभी डिफॉल्टर, सालों से नहीं लौटाया 20 लाख का ऋण
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति निगम (एससी-एसटी कॉर्पोरेशन) की ओर से सात बड़े डिफाल्टरों की लिस्ट तैयार कर सभी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करवा दिए हैं। यह सभी डिफाल्टर शिमला जिले से संबंध रखते हैं। इन डिफाल्टरों के पास निगम का लगभग 18 से 20 लाख रुपये का पैसा अटका हुआ है। ऐसे में जब निगम के कई बार नोटिस भेजने के बाद भी इन्होंने पैसा नहीं दिया, तो निगम को इनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करना पड़ा।
वहीं शिमला के अन्य डिफाल्टरों को राजस्व अदालत में पेशी के नोटिस भेजने के लिए लिस्ट तैयार की जा रही है। निगम के आंकड़ों के अनुसार शिमला में प्रदेश भर में सबसे अधिक डिफॉल्टर मौजूद है। इनकी संख्या अब 150 से पास हो चुकी है। निगम की ओर से डिफाल्टरों पर की जा रही कार्रवाई को देखते हुए कुछ डिफॉल्टरों ने धीरे-धीरे पैसे देने शुरू कर दिए हैं, लेकिन अभी भी कई डिफॉल्टर पैसा नहीं दे रहे। ऐसे डिफाल्टरों की लिस्ट तैयार कर उन्हें अदालत में पेशी का नोटिस भेजा जाएगा। वहीं समय पर पैसा न देने के कारणों की भी जानकारी ली जाएगी और नियमानुसार कार्रवाई होगी।
एससीएसटी कॉर्पोरेशन के रिकवरी तहसीलदार मुल्तान सिंह बनयाल ने बताया कि निगम की ओर शिमला के डिफाल्टरों पर कार्रवाई करते हुए सात को गिरफ्तारी वारंट जारी किए है और अन्य की पेशी के लिए लिस्ट तैयार की जा रही है। निगम सभी डिफाल्टरों को पैसे चुकाने के कई मौके दे रहा है। उसके बाद ही सख्त कार्रवाई करते हुए गिरफ्तारी वारंट जारी किए जा रहे हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति निगम (एससी-एसटी कॉर्पोरेशन) की ओर से सात बड़े डिफाल्टरों की लिस्ट तैयार कर सभी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करवा दिए हैं। यह सभी डिफाल्टर शिमला जिले से संबंध रखते हैं। इन डिफाल्टरों के पास निगम का लगभग 18 से 20 लाख रुपये का पैसा अटका हुआ है। ऐसे में जब निगम के कई बार नोटिस भेजने के बाद भी इन्होंने पैसा नहीं दिया, तो निगम को इनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करना पड़ा।
वहीं शिमला के अन्य डिफाल्टरों को राजस्व अदालत में पेशी के नोटिस भेजने के लिए लिस्ट तैयार की जा रही है। निगम के आंकड़ों के अनुसार शिमला में प्रदेश भर में सबसे अधिक डिफॉल्टर मौजूद है। इनकी संख्या अब 150 से पास हो चुकी है। निगम की ओर से डिफाल्टरों पर की जा रही कार्रवाई को देखते हुए कुछ डिफॉल्टरों ने धीरे-धीरे पैसे देने शुरू कर दिए हैं, लेकिन अभी भी कई डिफॉल्टर पैसा नहीं दे रहे। ऐसे डिफाल्टरों की लिस्ट तैयार कर उन्हें अदालत में पेशी का नोटिस भेजा जाएगा। वहीं समय पर पैसा न देने के कारणों की भी जानकारी ली जाएगी और नियमानुसार कार्रवाई होगी।
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एससीएसटी कॉर्पोरेशन के रिकवरी तहसीलदार मुल्तान सिंह बनयाल ने बताया कि निगम की ओर शिमला के डिफाल्टरों पर कार्रवाई करते हुए सात को गिरफ्तारी वारंट जारी किए है और अन्य की पेशी के लिए लिस्ट तैयार की जा रही है। निगम सभी डिफाल्टरों को पैसे चुकाने के कई मौके दे रहा है। उसके बाद ही सख्त कार्रवाई करते हुए गिरफ्तारी वारंट जारी किए जा रहे हैं।
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