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अनुबंध कर्मचारी संयुक्त मंच ने नियमितीकरण की मांग उठाई
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नालागढ़ (सोलन)। स्वास्थ्य विभाग सोसायटी के तहत अनुबंध कर्मचारी संयुक्त मंच के प्रदेश अध्यक्ष ने दो दशक से विभाग में कार्य कर रहे कर्मचारियों को नियमित करने की मांग उठाई है। उन्होंने नालागढ़ एसडीएम के माध्यम से सरकार को पत्र भेजा है।
प्रदेश अध्यक्ष देशराज ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत प्रदेश भर में 1600 कर्मचारी तैनात हैं। शिमला के आईजीएमसी, कांगड़ा के टांडा मेडिकल कॉलेज स्थित प्रयोगशाला में मंच के ही कर्मचारी लगे हुए हैं। इन कर्मचारियों को अभी तक नियमित नहीं किया गया है।
सर्व शिक्षा अभियान के तहत लगे कर्मचारी सरकार ने नियमित कर दिए हैं लेकिन उनकी अनदेखी हो रही है जबकि वह भी उसी पैटर्न पर तैनात किए थे। प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि कोरोना संकट में कर्मचारी सरकार के साथ खड़े हैं लेकिन सरकार के साथ जो पत्राचार किया जाता है, उसका मंच को कोई भी उत्तर नहीं मिलता है।
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कुछ कर्मचारियों ने अपने भविष्य को लेकर अदालत का दरवाजा भी खटखटाया है। हैरानी की बात है कि सरकार ने अनुबंध कर्मचारियों को अपना मानने से इंकार कर दिया है। अभी तक कोरोना कर्फ्यू के कारण मंच किसी भी आंदोलन में नहीं कर रहा है लेकिन 10 जून के बाद मंच अपनी बैठक कर जल्द ही रणनीति तैयार करेगा।
प्रदेश अध्यक्ष ने हैरानी जताई की ऊना, मंडी, कांगड़ा व सिरमौर से अनुबंध कर्मचारी अपनी मांगे उठा रहे हैं लेकिन सरकार मूकदर्शक बनी हुई है। अनुबंध कर्मचारियों ने सरकार से मांग की है कि उनकी नियमितीकरण की मांग को पूरा करे अन्यथा उन्हें संघर्ष का रास्ता अपनाना पड़ेगा।
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प्रदेश अध्यक्ष देशराज ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत प्रदेश भर में 1600 कर्मचारी तैनात हैं। शिमला के आईजीएमसी, कांगड़ा के टांडा मेडिकल कॉलेज स्थित प्रयोगशाला में मंच के ही कर्मचारी लगे हुए हैं। इन कर्मचारियों को अभी तक नियमित नहीं किया गया है।
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सर्व शिक्षा अभियान के तहत लगे कर्मचारी सरकार ने नियमित कर दिए हैं लेकिन उनकी अनदेखी हो रही है जबकि वह भी उसी पैटर्न पर तैनात किए थे। प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि कोरोना संकट में कर्मचारी सरकार के साथ खड़े हैं लेकिन सरकार के साथ जो पत्राचार किया जाता है, उसका मंच को कोई भी उत्तर नहीं मिलता है।
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कुछ कर्मचारियों ने अपने भविष्य को लेकर अदालत का दरवाजा भी खटखटाया है। हैरानी की बात है कि सरकार ने अनुबंध कर्मचारियों को अपना मानने से इंकार कर दिया है। अभी तक कोरोना कर्फ्यू के कारण मंच किसी भी आंदोलन में नहीं कर रहा है लेकिन 10 जून के बाद मंच अपनी बैठक कर जल्द ही रणनीति तैयार करेगा।
प्रदेश अध्यक्ष ने हैरानी जताई की ऊना, मंडी, कांगड़ा व सिरमौर से अनुबंध कर्मचारी अपनी मांगे उठा रहे हैं लेकिन सरकार मूकदर्शक बनी हुई है। अनुबंध कर्मचारियों ने सरकार से मांग की है कि उनकी नियमितीकरण की मांग को पूरा करे अन्यथा उन्हें संघर्ष का रास्ता अपनाना पड़ेगा।