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बीज खराब होने पर कन्नी काट रही कंपनी
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सोलन। जिले में रॉकस्टार टमाटर के बीज खराब होने के बाद अब कंपनी किसानों से कन्नी काटने लगी है। मंगलवार को बसाल पंचायत घर में रॉकस्टार बीज कंपनी के एमडी ने पीड़ित किसानों को समझौते के लिए बुलाया था। इसमें तीन पंचायतों के करीब 35 प्रभावित किसानों ने भाग लिया है। इस दौरान कंपनी के एमडी ने रॉकस्टार टमाटर की मार्केटिंग समेत मुआवजा का आश्वासन दिया है।
लेकिन यह आश्वासन लिखित में नहीं है। एमडी ने दलील दी है कि पहले किसानों के खेतों का निरीक्षण किया जाएगा, उसके बाद ही आगामी निर्णय लिया जाएगा। इस निर्णय से मौजूद सभी किसानों ने नाराज होकर कंपनी का बहिष्कार करने की भी बात कही है। किसानों ने कंपनी के अधिकारी को एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया है। जानकारी के अनुसार जिले के बसाल, डांगरी और धरोट पंचायत के किसानों ने करीब दस लाख पौधे रॉकस्टार के लगाए हैं। टमाटर उत्पादक किसानों का बिगड़े आकार के टमाटर ने इस बार बंटाधार कर दिया है। जिले के अधिकतर किसानों की आय का मुख्य साधन टमाटर ही है और टमाटर उत्पादन से ही उनकी वर्षभर की रोजी-रोटी चलती है। बीज खराब निकलने से मंडियों में इसे कोई भी आढ़ती खरीदने को तैयार नहीं है। कई किसानों ने अपने खेतों में रॉकस्टार के ही बीज लगाए थे। इसमें अभी तक टमाटर को तैयार करने में किया गया खर्च भी पूरा नहीं हो सका है। कई किसान हरी-भरी फसलों को उखाड़ने पर मजबूर हैं। ऐसे में उन्हें परिवार के पालन पोषण की चिंता सताने लगी है।
इनसेट
किसानों के खेतों का किया जाएगा निरीक्षण
रॉक स्टार बीज कंपनी के एमडी देवीदास ठाकुर ने कहा कि कंपनी किसानों की मदद करने के लिए तैयार है। यही कारण है कि वे स्वयं प्रभावित किसानों से मिलने के लिए बसाल आए थे। किसानों के साथ उनकी बातचीत हुई है। मौके का निरीक्षण कर नुकसान का आकलन किया जाएगा। पिछले वर्ष इस बीज के अच्छे परिणाम थे। इस बार अच्छे परिणाम न आने से वे भी दुखी हैं। खेतों का निरीक्षण करने के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी। बसाल में भी किसानों के नाम दर्ज किए गए हैं, जिन्होंने टमाटर खराब होने की बात कही है। जल्द ही कंपनी की ओर से संबंधित किसानों के खेतों का निरीक्षण कर पौधों की संख्या भी नोट की जाएगी।
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इनसेट
एक सप्ताह का दिया है अल्टीमेटम
वहीं, ग्राम पंचायत बसाल की प्रधान रिचा ठाकुर ने कहा कि कंपनी के एमडी ने उन्हें ग्रामीणों से वार्ता करने का प्रस्ताव रखा था। इसके बाद उन्होंने क्षेत्र के पीड़ित किसानों से बात कर मंगलवार का समय दिया। मंगलवार को किसानों ने अपना पक्ष कंपनी के पास रखा है, लेकिन कंपनी की ओर से ग्रामीणों को कोई लिखित आश्वासन नहीं दिया है। कंपनी सिर्फ खेतों के निरीक्षण की बात कह रही है। इसमें कंपनी को एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया गया है।
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लेकिन यह आश्वासन लिखित में नहीं है। एमडी ने दलील दी है कि पहले किसानों के खेतों का निरीक्षण किया जाएगा, उसके बाद ही आगामी निर्णय लिया जाएगा। इस निर्णय से मौजूद सभी किसानों ने नाराज होकर कंपनी का बहिष्कार करने की भी बात कही है। किसानों ने कंपनी के अधिकारी को एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया है। जानकारी के अनुसार जिले के बसाल, डांगरी और धरोट पंचायत के किसानों ने करीब दस लाख पौधे रॉकस्टार के लगाए हैं। टमाटर उत्पादक किसानों का बिगड़े आकार के टमाटर ने इस बार बंटाधार कर दिया है। जिले के अधिकतर किसानों की आय का मुख्य साधन टमाटर ही है और टमाटर उत्पादन से ही उनकी वर्षभर की रोजी-रोटी चलती है। बीज खराब निकलने से मंडियों में इसे कोई भी आढ़ती खरीदने को तैयार नहीं है। कई किसानों ने अपने खेतों में रॉकस्टार के ही बीज लगाए थे। इसमें अभी तक टमाटर को तैयार करने में किया गया खर्च भी पूरा नहीं हो सका है। कई किसान हरी-भरी फसलों को उखाड़ने पर मजबूर हैं। ऐसे में उन्हें परिवार के पालन पोषण की चिंता सताने लगी है।
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किसानों के खेतों का किया जाएगा निरीक्षण
रॉक स्टार बीज कंपनी के एमडी देवीदास ठाकुर ने कहा कि कंपनी किसानों की मदद करने के लिए तैयार है। यही कारण है कि वे स्वयं प्रभावित किसानों से मिलने के लिए बसाल आए थे। किसानों के साथ उनकी बातचीत हुई है। मौके का निरीक्षण कर नुकसान का आकलन किया जाएगा। पिछले वर्ष इस बीज के अच्छे परिणाम थे। इस बार अच्छे परिणाम न आने से वे भी दुखी हैं। खेतों का निरीक्षण करने के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी। बसाल में भी किसानों के नाम दर्ज किए गए हैं, जिन्होंने टमाटर खराब होने की बात कही है। जल्द ही कंपनी की ओर से संबंधित किसानों के खेतों का निरीक्षण कर पौधों की संख्या भी नोट की जाएगी।
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एक सप्ताह का दिया है अल्टीमेटम
वहीं, ग्राम पंचायत बसाल की प्रधान रिचा ठाकुर ने कहा कि कंपनी के एमडी ने उन्हें ग्रामीणों से वार्ता करने का प्रस्ताव रखा था। इसके बाद उन्होंने क्षेत्र के पीड़ित किसानों से बात कर मंगलवार का समय दिया। मंगलवार को किसानों ने अपना पक्ष कंपनी के पास रखा है, लेकिन कंपनी की ओर से ग्रामीणों को कोई लिखित आश्वासन नहीं दिया है। कंपनी सिर्फ खेतों के निरीक्षण की बात कह रही है। इसमें कंपनी को एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया गया है।