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Solan News: चायल अस्पताल खुद बीमार, न स्टाफ न ही मशीनरी
Thu, 05 Sep 2024 11:46 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Thu, 05 Sep 2024 11:46 PM IST
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ग्राम पंचायत चायल का सिविल अस्पताल। संवाद
इलाज के लिए सोलन व शिमला भेजे जा रहे हैं मरीज
क्षेत्र की 10 पंचायतों की 15000 आबादी इस पर निर्भर
संवाद न्यूज एजेंसी
चायल(सोलन)। उपमंडल के तहत आने वाली ग्राम पंचायत चायल का सिविल अस्पताल खस्ता हालत में है। चायल क्षेत्र की सात और जिला शिमला की तीन पंचायतें इस अस्पताल पर निर्भर हैं। चायल क्षेत्र में 100 होटल हैं, वन संस्थान, राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल, प्रदेश पर्यटन विकास निगम का पैलेस होटल चायल, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय चायल समेत कई शिक्षण संस्थान के लोग भी यहीं पर प्राथमिक इलाज के लिए आते हैं।
इस अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है। स्टाफ नर्साें, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के करीब दस पद रिक्त हैं। मामूली बीमारियों का इलाज करने के लिए भी मरीजों को शिमला व सोलन रेफर किया जाता है। इसके कारण उन्हें बड़ी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। साथ ही समय और धन दोनों की बर्बादी होती है।
स्थानीय ग्राम पंचायत चायल के उप प्रधान पंकज वर्मा, ग्राम पंचायत बांजणी के प्रधान महेंद्र, संजय, रमेश, बिट्टू, यशपाल, अनीता, शांता, आशा सहित क्षेत्र के दर्जनों लोगों ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू व स्वास्थ्य मंत्री डॉ. कर्नल धनीराम शांडिल से मांग उठाई है कि इस अस्पताल में पूरा स्टाफ तैनात किया जाए।
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उधर, चायल अस्पताल के मुख्य चिकित्सक विवेक शर्मा ने बताया कि इस बारे विभाग के उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया जा चुका है। जल्द ही यहां पर स्टाफ तैनात किया जाएगा।
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क्षेत्र की 10 पंचायतों की 15000 आबादी इस पर निर्भर
संवाद न्यूज एजेंसी
चायल(सोलन)। उपमंडल के तहत आने वाली ग्राम पंचायत चायल का सिविल अस्पताल खस्ता हालत में है। चायल क्षेत्र की सात और जिला शिमला की तीन पंचायतें इस अस्पताल पर निर्भर हैं। चायल क्षेत्र में 100 होटल हैं, वन संस्थान, राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल, प्रदेश पर्यटन विकास निगम का पैलेस होटल चायल, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय चायल समेत कई शिक्षण संस्थान के लोग भी यहीं पर प्राथमिक इलाज के लिए आते हैं।
इस अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है। स्टाफ नर्साें, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के करीब दस पद रिक्त हैं। मामूली बीमारियों का इलाज करने के लिए भी मरीजों को शिमला व सोलन रेफर किया जाता है। इसके कारण उन्हें बड़ी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। साथ ही समय और धन दोनों की बर्बादी होती है।
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स्थानीय ग्राम पंचायत चायल के उप प्रधान पंकज वर्मा, ग्राम पंचायत बांजणी के प्रधान महेंद्र, संजय, रमेश, बिट्टू, यशपाल, अनीता, शांता, आशा सहित क्षेत्र के दर्जनों लोगों ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू व स्वास्थ्य मंत्री डॉ. कर्नल धनीराम शांडिल से मांग उठाई है कि इस अस्पताल में पूरा स्टाफ तैनात किया जाए।
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उधर, चायल अस्पताल के मुख्य चिकित्सक विवेक शर्मा ने बताया कि इस बारे विभाग के उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया जा चुका है। जल्द ही यहां पर स्टाफ तैनात किया जाएगा।