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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Solan News ›   Cataract operations to start soon in Solan hospital with ultramodern machines

क्षेत्रीय अस्पताल में होंगे मोतियाबिंद के ऑपरेशन

Thu, 19 May 2022 10:24 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 19 May 2022 10:24 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
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सोलन। सफेद मोतियाबिंद से पीड़ित मरीजों को अब महंगे दामों पर ऑपरेशन करवाने से छुटकारा मिलने वाला है। इसके लिए क्षेत्रीय अस्पताल की रोगी कल्याण समिति अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस मशीन लगवाएगी।
ऑपरेशन करने में सक्षम फिको एमूलसिफिकेशन मशीन खरीदने के लिए हरी झंडी दे दी है। इस मशीन की लागत 20 से 25 लाख रुपये है। जिसे जल्द ही अस्पताल प्रशासन खरीदने वाला है। अभी तक अस्पताल में इस प्रकार की मशीन नहीं है। इस कारण मरीजों को मजबूरण इलाज के लिए निजी क्लीनिकों का रुख करना पड़ता था।
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क्षेत्रीय अस्पताल सोलन जिला का बड़ा अस्पताल है। यहां पर सोलन ही नहीं बल्कि सिरमौर और शिमला जिला से भी मरीज इलाज करवाने के लिए आते हैं। अस्पताल में आंख की बीमारी से संबंधित करीब 200 की ओपीडी रोजाना रहती है।
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इसी बीच मोतियाबिंद से पीडित कई मरीज इलाज के लिए अस्पताल आते हैं। जिन्हें चिकित्सको की ओर से ऑपरेशन की सलाह दी जाती थी। लेकिन मशीन न होने के चलते मरीजों को निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। इसी समस्या को देखते हुए आरकेएस की बैठक में यह मुद्दा गंभीरता से उठाया गया।
इसके बाद उपायुक्त ने मरीजों की समस्या को हल करने के लिए मशीन को खरीदने के लिए प्रस्ताव बनाने के लिए कहा। अब अस्पताल प्रशासन ने आरकेएस से मशीन खरीदने की तैयारी कर ली है।
उधर, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. सुमित सूद ने बताया कि अस्पताल के लिए फिको एमूलिसिफिकेशन मशीन खरीदने के लिए उपायुक्त को आरकेएस की बैठक में बताया गया। इसके बाद प्रस्ताव बनाकर भी भेजा गया। उपायुक्त ने मरीजों की सुविधा के लिए मशीन खरीदने की अनुमति दे दी है। जल्द ही मशीन खरीद ली जाएगी।

मशीन से बिना टांके के होता है उपाचार
एमूलसिफिकेशन मशीन से सफेद मोतियाबिंद का उपचार बिना टांके से किया जाता है। इससे पहले सफेद मोतिया का उपाचार करने के लिए आंख में चीरा दिया जाता था। इससे जख्म अधिक समय तक रहने की संभावना रहती है। इस मशीन से जख्म छोटा होगा और रिकवरी भी जल्दी होगी। कई निजी क्लीनिकों में इस मशीन से ऑपरेशन किए जा रहे हैं।
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