फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Solan News ›   Bio chemistry analyser machine out of order in Solan hospital

सोलन अस्पताल में बायो-केमिस्ट्री एनालाइजर मशीन खराब

Sun, 04 Sep 2022 12:18 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 04 Sep 2022 12:18 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

सोलन। क्षेत्रीय अस्पताल सोलन की सरकारी लैब में बायो-केमिस्ट्री एनालाइजर मशीन खराब होने से मरीज परेशान हैं। रोजाना यहां पर मरीजों को टेस्ट तो लिखे जा रहे हैं लेकिन उन्हें करवाने के लिए मरीजों को निजी लैब का रुख करना पड़ रहा है।
सरकारी लैब में ये टेस्ट मात्र 100 से 150 रुपये में हो जाते हैं जबकि निजी लैब में उन्हें करवाने के लिए 500 से 600 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। दो दिनों से यह मशीन ठप पड़ी है। अस्पताल में इस मशीन का पिस्टन टूटा चूका है। इसे ठीक करवाने के लिए दिल्ली से इलेक्ट्रीशियन बुलाया गया है। दसके आने के बाद ही मशीन ठीक हो पाएगी। तब तक यहां मरीजों को परेशान होना पड़ेगा।
विज्ञापन

सरकारी टेस्टिंग लैब के डॉक्टर अजय पाठक ने कहा कि अस्पताल में एनालाइजर मशीन का पिस्टन टूटा चुका है। अगले दो से चार दिनों में मशीन को ठीक करवा दिय जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

यह टेस्ट रुके
बायो-केमिस्ट्री एनालाइजर मशीन में शुगर, लीवर, यूरिया, क्रेटनेन, आरएफटी, एलएफटी समेत कई टेस्ट किए जाते हैं। आमतौर पर यह टेस्ट हर बीमारी व्यक्ति को लिखे जाते हैं। इसके बाद मरीज की बीमारी का पता चलता है और डॉक्टर इलाज शुरू करते हैं।
अस्पताल में रोजाना 1500 से ज्यादा की ओपीडी होती है। सोलन के अलावा सिरमौर जिले के मरीज भी इलाज के लिए यहां आते हैं। ऐसे में मशीन खराब होने पर मरीजों को टेस्ट करवाने के लिए निजी लैब में जेब ढीली करवाकर परेशानी भी उठानी पड़ती है।
वह अपनी पत्नी को अस्पताल इलाज के लिए ले गए। वहां पर उन्हें कई टेस्ट डॉक्टरों ने लिखे। जब वह उन्हें करवाने सरकारी लैब में पहुंचे तो वहां पर मशीन खराब बताकर निजी लैब में टेस्ट करवाने को कहा। निजी लैब में 600 रुपये में टेस्ट करवाने पड़े। इसकी शिकायत प्रबंधकों से भी की गई।
विनोद गुप्ता, निवासी सोलन
उन्हें कई टेस्ट लिखे थे लेकिन सरकारी लैब में मशीन खराब होने के कारण उन्हें निजी लैब में करवाने पड़े। जिला अस्पताल में इस तरह से अव्यवस्थाओं से मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ती है।

राकेश शर्मा, निवासी सोलन
स्वास्थ्य मंत्री के जिले में अस्पताल की हालत खस्ता : शांडिल
अस्पताल में मशीन खराब होने से टेस्ट रुकने का मामला संज्ञान में आया है। यह शर्म की बात है कि जिस जिले से प्रदेश का स्वास्थ्य मंत्री है, वहां के अस्पताल में ऐसी हालत है। अस्पताल में निरीक्षण किया जाएगा और पता किया जाएगा कि यह मशीन बार-बार क्यों खराब हो रही है।
डॉ. कर्नल धनीराम शांडिल, विधायक सोलन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed