{"_id":"5731e87c4f1c1b9164919923","slug":"bhandra-cant-be-arrange-on-own","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब मनमर्जी से नहीं लगा सकेंगे मां के भंडारे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब मनमर्जी से नहीं लगा सकेंगे मां के भंडारे
ब्यूरो/अमर उजाला, सोलन
Updated Tue, 10 May 2016 10:47 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अधिष्ठात्री मां शूलिनी का पर्व राज्य स्तरीय शूलिनी मेला इस वर्ष 24 जून से 26 जून तक पारंपरिक विधि विधान के साथ मनाया जाएगा। शहर में अब दानी लोग अपनी मनमर्जी से हर कहीं भंडारे नहीं लगा सकेंगे। साथ ही भंडारे की आइटमों में भी विविधता होगी। इसके लिए प्रशासन जल्द बैठक करके इसकी रूपरेखा तय करेगी।
विज्ञापन
मेले के दौरान शहर में काफी संख्या में भंडारे लगते हैं। सफाई व्यवस्था हाशिये पर रहती है। लेकिन इस व्यवस्थित आयोजन की बात कही जा रही है। मेले की तैयारियों के संबंध में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. कर्नल धनीराम शांडिल ने यह जानकारी दी। इसमें सरकार और गैर सरकारी सदस्य मौजूद रहे। मंत्री ने कहा कि पहाड़ी विशेष रूप से बघाटी संस्कृति को सहेज कर रखने में राज्य स्तरीय शूलिनी मेला महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह मेला पहाड़ी संस्कृति एवं मनोरंजन का अनूठा संगम है तथा मेले की विशिष्टता को बनाए रखा जाना चाहिए। कहा कि समय के साथ बदलाव प्रकृति का नियम है और मेले को सुनिश्चित करने के लिए सकारात्मक बदलाव किए जाने अपेक्षित हैं।
विज्ञापन
मेले से पहले होगी मॉकड्रिल
बैठक में विभिन्न व्यवस्थाओं को बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन को समय पूर्व अभ्यास एवं मॉकड्रिल करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से मेले से पूर्व अग्निशमन, पुलिस, चिकित्सा सेवाएं, यातायात प्रबंधन के नियमित अभ्यास के निर्देश दिए। इस दौरान समुचित सफाई व्यवस्था बनाए रखने को भी कहा। वहीं इसके लिए जिला प्रशासन को व्यवस्थाओं के सुचारु कार्यान्वयन के लिए स्वंय सेवियों को प्रोत्साहित करने का आह्वान किया।
विज्ञापन
मेले का स्वरूप
पारंपरिक रहेगा
उपायुक्त एवं राज्य स्तरीय शूलिनी मेला समिति के अध्यक्ष राकेश कंवर ने कहा कि तीन दिवसीय इस मेले में भंडारों की उचित व्यवस्था होगी। इस दिशा में शीघ्र बैठक बुलाई जाएगी। उन्होंने सभी संबंध विभागों को उचित व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। कहा कि मेले का स्वरूप बनाए रखा जाएगा।
यह रहे मौजूद
पूर्व विधायक एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता मेजर मोहिनी, जिला कांग्रेस समिति के अध्यक्ष राहुल ठाकुर, नप के अध्यक्ष पवन गुप्ता, पूर्व अध्यक्ष कुलराकेश पंत, जोगेंद्रा सहकारी बैंक के अध्यक्ष मोहन मेहता, राज्य परिवहन प्राधिकरण के सदस्य सरदार सिंह ठाकुर, परिवहन निगम निदेशक मंडल के सदस्य अजय चौहान, प्रदेश पर्यटन विकास निगम निदेशक मंडल के सदस्य सुरेंद्र सेठी, प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य अरविंद गुप्ता, बघाट बैंक के अध्यक्ष अरुण शर्मा, प्रदेश कांग्रेस समिति के प्रवक्ता जगमोहन मल्होत्रा, सचिव अजय कंवर, जिला कांग्रेस समिति के प्रवक्ता मुकेश शर्मा, शहरी कांग्रेस के अध्यक्ष जतिन साहनी, भाषा, कला एवं संस्कृति अकादमी के सदस्य मदन हिमाचली, मेला समिति के सरकारी एवं गैर सरकारी सदस्य, एसपी अंजुम आरा तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी बैठक में मौजूद रहे।