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अर्की में भालू और तेंदुए का आतंक
ब्यूरो/अमर उजाला, सोलन
Updated Tue, 01 Mar 2016 06:27 PM IST
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भालू और तेंदुए के आतंक से परेशान कश्लोग के सेरा, समाणा, फुगाना तथा कोटलू गांव के लोगों ने वन विभाग से राहत दिलाने की मांग की है।
लोगों ने विभाग से इन दोनों जानवरों को जल्द पिंजरा लगाकर पकड़ने का आग्रह किया है। इनके आतंक के चलते लोगों का घरों से बाहर निकलना तक मुश्किल हो गया है। आलम यह है कि दिन के समय भी कोटलू के साथ लगते जंगल में स्थानीय लोगों ने कई बार भालू तथा तेंदुए को घूमते हुए देखा है।
यही नहीं बच्चों के स्कूल का रास्ता भी इसी जंगल से होकर गुजरता है। ग्रामीण महिलाओं ने भी कई बार झाड़ियों में इन जंगली पशुओं को घूमते देखा है।
ग्राम सुधार समिति के प्रधान अमर सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि वन विभाग ने इस समस्या से जल्द छुटकारा नहीं दिलवाया तो भविष्य में होने वाली किसी भी अप्रिय घटना के लिए विभाग स्वयं जिम्मेदार होगा।
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लोगों ने विभाग से इन दोनों जानवरों को जल्द पिंजरा लगाकर पकड़ने का आग्रह किया है। इनके आतंक के चलते लोगों का घरों से बाहर निकलना तक मुश्किल हो गया है। आलम यह है कि दिन के समय भी कोटलू के साथ लगते जंगल में स्थानीय लोगों ने कई बार भालू तथा तेंदुए को घूमते हुए देखा है।
यही नहीं बच्चों के स्कूल का रास्ता भी इसी जंगल से होकर गुजरता है। ग्रामीण महिलाओं ने भी कई बार झाड़ियों में इन जंगली पशुओं को घूमते देखा है।
ग्राम सुधार समिति के प्रधान अमर सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि वन विभाग ने इस समस्या से जल्द छुटकारा नहीं दिलवाया तो भविष्य में होने वाली किसी भी अप्रिय घटना के लिए विभाग स्वयं जिम्मेदार होगा।
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