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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Solan News ›   Baghat Bank: Congress member creates a ruckus before possession of the property is taken.

Solan News: संपत्ति को कब्जे में लेने से पहले कांग्रेसी नेता ने कर दिया हंगामा

Wed, 15 Jul 2026 11:37 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन Updated Wed, 15 Jul 2026 11:37 PM IST
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बघाट बैंक : कांग्रेसी नेता की संपत्ति को लिया जाना था कब्जे में
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करोड़ों रुपये का लिया है ऋण, किस्तें न चुकाने पर होनी थी कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। बघाट बैंक की ओर से एक कांग्रेसी नेता की शहर के बीचो-बीच एक संपत्ति को कब्जे में लेने की कार्रवाई से पहले ही हंगामा हो गया। नेता ने बैंक पहुंचकर प्रबंधकों और नए प्रशासकों को अपनी ऊंची पहुंच और राजनीति पैठ का हवाला देकर खरी-खोटी सुनाई। यह घटना शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है। कांग्रेसी नेता पर बैंक का करोड़ों रुपये का ऋण बकाया है। बीते सप्ताह बैंक प्रबंधन ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए नेता के शहर स्थित संपत्ति को कब्जे में लेने की तैयारी की थी। इसी बीच नेता को जब इसका पता चला तो वह बैंक पहुंच गए और वहां जमकर हंगामा किया। उन्होंने बैंक के अधिकारियों पर पक्षपातपूर्ण कार्रवाई का आरोप लगाया और चेतावनी दी कि यदि उनकी संपत्ति को छुआ गया तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
बैंक के अधिकारियों के अनुसार ऋण की किस्तों का भुगतान न करने के कारण कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जा रही थी। उन्होंने कहा कि बैंक नियमों के अनुसार ही काम कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी भी दबाव में नहीं आएंगे और निष्पक्षता से कार्य करेंगे।
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फिलहाल, बैंक ने अपनी कार्रवाई फिलहाल रोक दी है लेकिन यह स्पष्ट है कि मामले का समाधान आसानी से नहीं होगा। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि बैंक और कांग्रेसी नेता के बीच इस तनातनी का अंत कैसे होता है और क्या कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ पाती है या कोई बीच का रास्ता निकाला जाता है। इस पूरे घटनाक्रम से सहकारी बैंकों के कामकाज और ऋण वसूली की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
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पहले भी नहीं हो पाई थी गिरफ्तारियां
इससे पहले भी सहायक पंजीयक की अदालत से कई बड़े डिफॉल्टरों के नाम नोटिस काटे गए थे मगर एक भी बड़े डिफॉल्टर की गिरफ्तारी नहीं हो पाई थी। सभी ने अपनी पहुंच से गिरफ्तारी वारंट को ही रद्द करवा दिया जबकि छोटे डिफॉल्टरों को पुलिस ने पकड़ा था। वहीं एआरसीएस की अदालत में भी बहुत कम डिफॉल्टर ही पेश हुए थे। जबकि बैंक का एनपीए अभी भी करीब 118 करोड़ है और 75 हजार लोगों का पैसा फंसा हुआ है।

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