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बद्दी स्कूल के ‘अनमोल मोती’ सम्मानित
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बद्दी स्कूल के अनमोल मोती प्रधानाचार्य और एसएमसी के साथ।
- फोटो : SOLAN
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बद्दी (सोलन)। वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बद्दी के विद्यालय का सहारा समुदाय हमारा कार्यक्रम के तहत स्कूल के अनमोल मोतियों के साथ प्रबंधकों की बैठक हुई। इसमें स्कूल के उत्थान पर चर्चा की गई।
इस मौके पर स्कूल प्रशासन ने अनमोल मोतियों को सम्मानित किया। बैठक में कहा गया कि वर्ष 2012 में बीबीएनआईए ने तत्कालीन मुख्यमंत्री के हाथों से स्कूल के जीर्णोद्धार के लिए लगाई गई शिलान्यास पट्टिका लगाई थी। आज तक उद्योग संघ ने काम नहीं किया है। इस पर शिक्षक-अभिभावक संघ ने उद्योग संघ के साथ पत्राचार करने का फैसला लिया। स्कूल में चाहर दिवारी न होने से स्कूल से बच्चे बंक मारने पर चिंता जताई गई। इस पर पूर्व छात्र कृष्ण कुमार कौशल ने सुझाव दिया कि बंक मारने वाले छात्रों पर नजर रखे और ऐसे छात्र की पहचान कर उसे तभी स्कूल में ले जब तक उनके परिजन स्कूल में नहीं आते हैं।
प्रार्थना सभा में बच्चों को नैतिक शिक्षा और अनुशासन का पाठ पढ़ाए जिससे बच्चे दीवार फांदने की बजाय पढ़ने में मन लगाए। भारत विकास परिषद के सचिव रमन कौशल ने कहा कि वह पहले स्कूल के 11वीं और 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को साइंस की किताबें मुहैया कराते थे, लेकिन कोरोना काल के दौरान स्कूल बंद होने से इसे बंद कर दिया था लेकिन अब वह इसे दोबारा चालू कर सकते है।
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रणेश राणा ने कहा कि स्कूल की एक कक्षा को बेहतर कक्षा बनाए जाएगा इसमें सभी सुविधा उपलब्ध कराई जाएंगी। जो अन्य स्कूलों के लिए एक मॉडल का काम करें। इस मौके पर अनमोल मोती सेवानिृवत्त सैन्य अधिकारी ओमप्रकाश, पूर्व प्रधानाचार्य जसवंत राय कौशल, कृष्ण कुमार कौशल, रमन कुमार, रणेश राणा, नप उपाध्यक्ष मान सिंह मेहता, एसएमसी के प्रधान रामू, प्रवक्ता अंजु वालिया, अधीक्षक कर्मचंद समेत एसएमसी के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
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इस मौके पर स्कूल प्रशासन ने अनमोल मोतियों को सम्मानित किया। बैठक में कहा गया कि वर्ष 2012 में बीबीएनआईए ने तत्कालीन मुख्यमंत्री के हाथों से स्कूल के जीर्णोद्धार के लिए लगाई गई शिलान्यास पट्टिका लगाई थी। आज तक उद्योग संघ ने काम नहीं किया है। इस पर शिक्षक-अभिभावक संघ ने उद्योग संघ के साथ पत्राचार करने का फैसला लिया। स्कूल में चाहर दिवारी न होने से स्कूल से बच्चे बंक मारने पर चिंता जताई गई। इस पर पूर्व छात्र कृष्ण कुमार कौशल ने सुझाव दिया कि बंक मारने वाले छात्रों पर नजर रखे और ऐसे छात्र की पहचान कर उसे तभी स्कूल में ले जब तक उनके परिजन स्कूल में नहीं आते हैं।
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प्रार्थना सभा में बच्चों को नैतिक शिक्षा और अनुशासन का पाठ पढ़ाए जिससे बच्चे दीवार फांदने की बजाय पढ़ने में मन लगाए। भारत विकास परिषद के सचिव रमन कौशल ने कहा कि वह पहले स्कूल के 11वीं और 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को साइंस की किताबें मुहैया कराते थे, लेकिन कोरोना काल के दौरान स्कूल बंद होने से इसे बंद कर दिया था लेकिन अब वह इसे दोबारा चालू कर सकते है।
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रणेश राणा ने कहा कि स्कूल की एक कक्षा को बेहतर कक्षा बनाए जाएगा इसमें सभी सुविधा उपलब्ध कराई जाएंगी। जो अन्य स्कूलों के लिए एक मॉडल का काम करें। इस मौके पर अनमोल मोती सेवानिृवत्त सैन्य अधिकारी ओमप्रकाश, पूर्व प्रधानाचार्य जसवंत राय कौशल, कृष्ण कुमार कौशल, रमन कुमार, रणेश राणा, नप उपाध्यक्ष मान सिंह मेहता, एसएमसी के प्रधान रामू, प्रवक्ता अंजु वालिया, अधीक्षक कर्मचंद समेत एसएमसी के पदाधिकारी उपस्थित रहे।