{"_id":"575c45af4f1c1b8c1b9c5749","slug":"auto-owner-increase-rent","type":"story","status":"publish","title_hn":"ऑटो चालकों ने बिना मंजूरी बढ़ा दिया किराया ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ऑटो चालकों ने बिना मंजूरी बढ़ा दिया किराया
अमर उजाला साोलन
Updated Sat, 11 Jun 2016 10:39 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ऑटो संचालकों और प्रशासन के बीच किराया बढ़ाने और ओवरलोडिंग के भारी चालान काटे जाने को लेकर छिड़ा विवाद शहर की जनता पर भारी पड़ने लगा है। सरकारी नियमों को धत्ता बताते हुए सोलन शहर में ऑटो चालकों ने मनमाने ढंग से किराये में दोगुणा बढ़ोतरी कर आम लोगों की जेब पर अचानक कैंची चला दी है। शनिवार सुबह ऑटो चालकों ने नए सिरे से सवारियों से पैसे वसूलना शुरू कर दिया।
सुबह ट्यूशन जाने वाले बच्चों और अन्य लोगों ने जब इसका विरोध किया तो कई स्थानों पर यात्रियों से ऑटो चालकों की बहसबाजी भी हुई। लोगों का कहना है कि बिना प्रशासन की मंजूरी के किराया बढ़ाकर सरेआम जनता की जेब पर डाका डाला गया है। प्रशासन को इस पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। मनमाने ढंग से ऑटो संचालक रेट कैसे फिक्स कर सकते हैं? वहीं विरोध जताने पर ऑटो चालक बहस पर उतर रहे हैं। शहर में करीब 300 ऑटो दौड़ रहे हैं। सुबह से लेकर देर रात तक आम लोगों को ये आटो यातायात सुविधा प्रदान करते हैं, जबकि स्पेशल आटो का रेट भी डबल कर दिया है।
उपायुक्त सोलन किराया बढ़ोतरी के जिम्मेवार : यूनियन
आटो रिक्शा ऑपरेटर यूनियन के प्रधान जय दत्त शर्मा, वरिष्ठ उपप्रधान संदीप शर्मा, उपप्रधान बिशन सिंह, अतिरिक्त महासचिव जोगेंद्र शर्मा, कोषाध्यक्ष अचल शर्मा, संयुक्त सचिव राजेंद्र कुमार, संगठन सचिव संजय कुमार, मुख्य सलाहकार नरेंद्र शर्मा, कार्यालय एवं प्रेस सचिव किरपा राम का कहना है कि 22 वर्ष से सवारियों को बैठाने की व्यवस्था चल रही है, लेकिन प्रशासन को अब इस पर आपत्ति हो गई है। 3+1 यानी महज तीन सवारियां ही उठाने का रूल थोपकर ऑटो चालकों को भारी आर्थिक हानि की गई है। 10 जून को उपायुक्त सोलन ने किराया बढ़ाने को लेकर निर्णय की बात कही थी, लेकिन जब 10 जून को सभी पदाधिकारी गए तो उन्होंने किराया बढ़ोतरी को लेकर कुछ नहीं कहा। बल्कि सही ढंग से बात तक नहीं की। मजबूर होकर यूनियन अपने स्तर पर किराया बढ़ा रही है। इसकी जिम्मेवारी पूर्ण रूप से उपायुक्त सोलन की होगी। 2008 से जिला प्रशासन से बार-बार किराया वृद्धि करने की अपील की गई। जिसे अब तक मंजूरी नही मिल सकी है। यह होगा किराया
विज्ञापन
स्कूलों तक पहुंचना भी होगा महंगा
सोलन में ऑटो के माध्यम से अभिभावक अपने बच्चों को निजी स्कूल में भेजते हैं। अधिकांश स्कूलों में माह फिक्स किया हुआ है। ऐसे में आटो संचालकों का रवैया यही रहा तो स्कूलों तक लगे ऑटो में भी बढ़ोतरी हो सकती है। इसका सीधा असर अभिभावकों की जेब पर पड़ेगा।
स्थान यात्री किराया(रू)
पहले अब
डीसी चौक से कोटलानाला 1 05 10
डीसी चौक से शामति 1 10 20
रबौण से ओल्ड़ बस स्टेंड 1 10 20
ओल्ड़ बस स्टैंड से चंबाघाट 1 05 10
डीसी चौक से सपरूण 1 05 10
आटो संचालक कार्रवाई को रहें तैयार
उपायुक्त सोलन डा. राकेश कंवर ने कहा कि ऑटो का किराया मनमर्जी से कैसे बढ़ाया जा सकता है। यह गैर कानूनी है। यात्री मामले की शिकायत करें। इस पर तुरंत कार्रवाई होगी। अधिसूचना के बाद ही किराये में बढ़ोतरी होगी। अगर ऐसा किया है तो ऑटो संचालकों पर नियमानुसार कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग ने जो नियम ऑटो के लिए बना रखे हैं। उसके अनुसार ही ऑटो चलेंगे। ऑटो चालक नियम नहीं बनाएंगे।
विज्ञापन
सुबह ट्यूशन जाने वाले बच्चों और अन्य लोगों ने जब इसका विरोध किया तो कई स्थानों पर यात्रियों से ऑटो चालकों की बहसबाजी भी हुई। लोगों का कहना है कि बिना प्रशासन की मंजूरी के किराया बढ़ाकर सरेआम जनता की जेब पर डाका डाला गया है। प्रशासन को इस पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। मनमाने ढंग से ऑटो संचालक रेट कैसे फिक्स कर सकते हैं? वहीं विरोध जताने पर ऑटो चालक बहस पर उतर रहे हैं। शहर में करीब 300 ऑटो दौड़ रहे हैं। सुबह से लेकर देर रात तक आम लोगों को ये आटो यातायात सुविधा प्रदान करते हैं, जबकि स्पेशल आटो का रेट भी डबल कर दिया है।
विज्ञापन
उपायुक्त सोलन किराया बढ़ोतरी के जिम्मेवार : यूनियन
आटो रिक्शा ऑपरेटर यूनियन के प्रधान जय दत्त शर्मा, वरिष्ठ उपप्रधान संदीप शर्मा, उपप्रधान बिशन सिंह, अतिरिक्त महासचिव जोगेंद्र शर्मा, कोषाध्यक्ष अचल शर्मा, संयुक्त सचिव राजेंद्र कुमार, संगठन सचिव संजय कुमार, मुख्य सलाहकार नरेंद्र शर्मा, कार्यालय एवं प्रेस सचिव किरपा राम का कहना है कि 22 वर्ष से सवारियों को बैठाने की व्यवस्था चल रही है, लेकिन प्रशासन को अब इस पर आपत्ति हो गई है। 3+1 यानी महज तीन सवारियां ही उठाने का रूल थोपकर ऑटो चालकों को भारी आर्थिक हानि की गई है। 10 जून को उपायुक्त सोलन ने किराया बढ़ाने को लेकर निर्णय की बात कही थी, लेकिन जब 10 जून को सभी पदाधिकारी गए तो उन्होंने किराया बढ़ोतरी को लेकर कुछ नहीं कहा। बल्कि सही ढंग से बात तक नहीं की। मजबूर होकर यूनियन अपने स्तर पर किराया बढ़ा रही है। इसकी जिम्मेवारी पूर्ण रूप से उपायुक्त सोलन की होगी। 2008 से जिला प्रशासन से बार-बार किराया वृद्धि करने की अपील की गई। जिसे अब तक मंजूरी नही मिल सकी है। यह होगा किराया
विज्ञापन
स्कूलों तक पहुंचना भी होगा महंगा
सोलन में ऑटो के माध्यम से अभिभावक अपने बच्चों को निजी स्कूल में भेजते हैं। अधिकांश स्कूलों में माह फिक्स किया हुआ है। ऐसे में आटो संचालकों का रवैया यही रहा तो स्कूलों तक लगे ऑटो में भी बढ़ोतरी हो सकती है। इसका सीधा असर अभिभावकों की जेब पर पड़ेगा।
स्थान यात्री किराया(रू)
पहले अब
डीसी चौक से कोटलानाला 1 05 10
डीसी चौक से शामति 1 10 20
रबौण से ओल्ड़ बस स्टेंड 1 10 20
ओल्ड़ बस स्टैंड से चंबाघाट 1 05 10
डीसी चौक से सपरूण 1 05 10
आटो संचालक कार्रवाई को रहें तैयार
उपायुक्त सोलन डा. राकेश कंवर ने कहा कि ऑटो का किराया मनमर्जी से कैसे बढ़ाया जा सकता है। यह गैर कानूनी है। यात्री मामले की शिकायत करें। इस पर तुरंत कार्रवाई होगी। अधिसूचना के बाद ही किराये में बढ़ोतरी होगी। अगर ऐसा किया है तो ऑटो संचालकों पर नियमानुसार कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग ने जो नियम ऑटो के लिए बना रखे हैं। उसके अनुसार ही ऑटो चलेंगे। ऑटो चालक नियम नहीं बनाएंगे।