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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Solan News ›   Asha and health workers will identify tuberculosis patients in rural areas

Solan News: आशा और हेल्थ वर्कर ग्रामीण क्षेत्रों में करेंगी क्षय रोगियों की पहचान

Sun, 07 Apr 2024 10:44 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन Updated Sun, 07 Apr 2024 10:44 PM IST
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स्वास्थ्य विभाग ने टीबी को लेकर युद्धस्तर पर छेड़ा अभियान
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रोगी का पता लगाने के लिए घरद्वार पर जाएगी विभाग की टीम
जागरूकता बोर्ड लगाकर पंचायत में लोगों को बताए जा रहे लक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिले को क्षय रोग मुक्त बनने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। जिले की 240 पंचायतों में क्षय रोगियों की पहचान करने के लिए युद्ध स्तर पर अभियान शुरू कर दिया है। ताकि क्षय रोगियों की पहचान कर उनका समय पर इलाज शुरू किया जा सके। इस अभियान में आशा और हेल्थ वर्करों को शामिल किया गया है। इनकी टीमें बना दी गई हैं।
यह टीमें घरद्वार पर जाकर क्षय रोग से संबंधित प्रश्न लोगों से पूछेंगी। इन प्रश्नों के माध्यम से क्षय रोगियों का पता लगाया जाएगा। अगर इनमें कोई संदिग्ध मरीज मिलता है तो टीम घरद्वार से बलगम के सैंपल एकत्र करेगी और नजदीकी प्रशिक्षण केंद्र में जांच करवाएगी। इसी के साथ पंचायतों को भी इस अभियान में सहयोग करने के लिए कहा गया है। पंचायतों के सहयोग से लोगों की अधिक जानकारी मिलने का अनुमान भी विभाग लगा रहा है। वहीं टीबी को लेकर जागरूकता बोर्ड भी पंचायतों में लगाए गए हैं। जिसमें टीबी के लक्षण आदि के बारे में संपूर्ण जानकारी लोगों को दी गई है।
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इनसेट
केमिस्ट एसोसिएशन भी कर रहा सहयोग
क्षय रोग मुक्त अभियान में केमिस्ट एसोसिएशन सोलन भी महकमे का सहयोग कर रहा है। बिना पर्ची के लोगों को खांसी की दवा भी केमिस्ट की दुकानों पर नहीं दी जा रही है। वहीं बार-बार खांसी की शिकायत लेकर आने वाले मरीजों को अस्पताल जाने का आग्रह भी केमिस्ट कर रहे हैं। इसी के साथ टीबी की दवाइयां भी दवा दुकानों पर नहीं रख रहे हैं।
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इनसेट
प्रशिक्षण देकर किया जा रहा अनुभवी
आशा वर्कर और हेल्थ वर्करों को जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से समय-समय पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। वहीं इन्हें अनुभवी भी महकमा बना रहा है जिससे एकत्र किए जाने वाले सैंपल खराब न हो और बार-बार सैंपल लेने की जरूरत न पड़े। वहीं चिकिस्तकों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को भी प्रशिक्षण दिया जा चुका है। यह प्रशिक्षण जिला कार्यक्रम अधिकारी (स्वास्थ्य) डॉ. एके सिंह ने दिया है।

इनसेट
जिला की पंचायतों में टीबी मरीजों का पता लगाने के लिए विभाग ने अभियान चलाया हुआ है। इसमें आशा वर्कर और हेल्थ वर्कर की टीम बनाई हुई है। इसी के साथ पंचायतों में जागरूकता बोर्ड भी लगाए गए हैं। इन बोर्ड पर लिखी गई जानकारी को आसान बनाया गया ताकि लोग इसे आसानी से समझ सके।
-डॉ. एके सिंह
जिला कार्यक्रम अधिकारी (स्वास्थ्य)।
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