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परवाणू मंडी में अर्ली वैरायटी सेब की दस्तक
ब्यूरो, परवाणू, सोलन
Updated Thu, 07 Jul 2016 10:12 PM IST
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परवाणू के सेक्टर 6 स्थित सेब मंडी में अर्ली वैरायटी सेब के साथ नाशपाती ने दस्तक दे दी है। 25 किलो सेब की पेटी 1000 से 1700 रुपये में बिक रही है।
- फोटो : अमर उजाला
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परवाणू के सेक्टर 6 स्थित सेब मंडी में अर्ली वैरायटी सेब के साथ नाशपाती ने दस्तक दे दी है। 25 किलो सेब की पेटी 1000 से 1700 रुपये में बिक रही है। लगभग 8 माह बाद सेब मंडी में सेब और नाशपाती की पैदावार पहुंचने से दोबारा रौनक लौट आई है। वीरवार को सीजन के पहले दिन 1800 पेटी फ्रूट की पहुंची। इसमें सेब और नाशपाती शामिल है।
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सीजन के पहले दिन अभी 4 आढ़तियों ने ही क्रय विक्रय का काम किया। सभी व्यापारी चंडीगढ़ के ही थे। दो तीन दिनों में सेब मंडी में कारोबार बढ़ने के साथ चहल पहल बढ़ने की उम्मीद है। गौरतलब है कि वीरवार को मंडी में पहुंची 1800 पेटियों में से लगभग 1600 पेटी सेब की अर्ली टाइड मेन वैरायटी पहुंची है जबकि शेष पेटियां नाशपाती की शामिल हैं।
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नाशपाती 800 से 1200 रुपए पेटी
सेब की ऑक्शन में 25 किलो की पेटी 1000 से 1700 रुपये और नाशपाती 800 से 1200 रुपये प्रति पेटी बिकी। चंडीगढ़ से आए व्यापारी विनोद गुप्ता एंड कंपनी और पीएम ट्रेडर्स ने बोली में हिस्सा लिया। आढ़ती हन्नी रंजन एंड कंपनी, महाजन एंड कंपनी, दिष्टा फ्रूट कंपनी और पीएमसी ने बोली का संचालन किया। हन्नी रंजन कंपनी के मालिक हन्नी राठौड़ और रंजन ने बताया कि कुछ दिनों में यूपी, मुंबई, बिहार, झारखंड और अन्य प्रदेशों से व्यापारी यहां पहुंचने वाले हैं। बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष सेब की फसल 40 प्रतिशत कम है वहीं सरकार द्वारा तहबाजारी के माध्यम से सेब बेचने की इजाजत दे देने से मंडी के व्यापार पर असर पड़ेगा।
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जाम : सेब सीजन में फोरलेन निर्माण कार्य से होगी परेशानी
सोलन से परवाणू तक फोरलेन का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर है। आम दिनों में भारी भरकम जाम लग रहा है। वहीं सेब सीजन भी शुरू हो रहा है। ऐसे में वाहनों की संख्या में भारी इजाफा होने वाला है। ऐसे में एनएच पर भारी जाम आम जनमानस समेत बागवानों को मुसीबत पैदा कर सकता है। उधर वैकल्पिक मार्गों को अभी तक दुरुस्त नहीं किया जा सकता है। इसके लिए बाकायदा एनएच प्राधिकरण द्वारा 29 करोड़ का बजट मुहैया हो चुका है। लेकिन अभी तक इन सड़कों को दुरुस्त नहीं किया जा सकता है। अधिकारियों का कहना है कि सेब सीजन के दौरान यातायात को दुरुस्त रखने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।