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सोलन में ओलावृष्टि और बारिश से करोड़ों की फसलें तबाह
ब्यूरो/अमर उजाला, सोलन
Updated Sat, 07 May 2016 11:18 AM IST
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झमाझम बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है।
- फोटो : अमर उजाला
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झमाझम बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। किसानों का कहना है कि ओलावृष्टि से उन्हें करोड़ों रुपये का नुकसान झेलना पड़ा है। शुक्रवार को बघाट सुधार कमेटी सोलन के अध्यक्ष विकास ठाकुर की अध्यक्षता में किसानों ने फसलों और फलदार पौधों को पहुंचे नुकसान के मुआवजा की मांग को लेकर एडीएम सोलन को ज्ञापन सौंपा।
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किसानों और बागवानों का कहना है कि डमरोग, गलानग, खनोग, मत्यूल, शामती, कोठो, ओच्छघाट और सनहोल ग्रामीण क्षेत्रों में फसलों तथा बगीचों को वीरवार को हुई बारिश तथा ओलावृष्टि से भारी नुकसान हुआ है। इसमें टमाटर, शिमला मिर्च, गोभी, पलम, खूमानी, आडू़, नाशपाती और अन्य नगदी फसलें प्रभावित हुई हैं। इनके नष्ट होने से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।
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पूरे ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को करोड़ों रुपये की नकदी फसलों का नुकसान हुआ है। इसमें किसानों द्वार बैंकों से फसल की बीज, दवाई, खाद, टैक्ट्रर और अन्य उपकरणों की खरीद के लिए लाखों का ऋण ले रखा है। अब फसलें बर्बाद होने से किसान आर्थिक, मानसिक और शारीरिक रूप से पूरी तरह टूट चुके हैं। यदि किसानों को आर्थिक तौर पर सरकार से कोई मदद नहीं मिली तो किसान आर्थिक तौर पर कमजोर होकर कृषि छोड़ने के लिए मजबूर हो जाएंगे।
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ग्रामीणों ने सरकार से आग्रह किया कि फसलों और बगीचों में किसानों को हुए नुकसान का सर्वेक्षण करवाकर उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए। इस मौके पर विकास ठाकुर, कमल मेहता, रोकी, विशाल, राजेंद्र, लोकेश, इंद्र सिंह, कविराज, प्रेम सिंह, प्रमोद ठाकुर, हरिश, अमित ठाकुर, रजत, अजय, विकास, अमन ठाकुर, प्रकाश चंद और अन्य लोग मौजूद रहे।
किसान आयोग का हो गठन
किसानों के पास कृषि को छोड़कर अन्य कोई कमाई का साधन और व्यवस्था नहीं है। ग्रामीणों ने मांग की है कि किसानों की समस्या की सुनवाई के लिए किसान आयोग का गठन किया जाए। किसान एमएलए और एमपी से नाखुश हैं क्योंकि वह अपने वेतन बढ़ाने के लिए बिल पांच मिनट में पास कर देते हैं जबकि किसानों की समस्याओं को दूर करने के लिए कोई भी उचित कदम नहीं उठाए जाते।