{"_id":"583c62ea4f1c1b0d1ede54c8","slug":"aggitation-aganist-note","type":"story","status":"publish","title_hn":"नोटबंदी के विरोध में फूंका पीएम का पुतला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नोटबंदी के विरोध में फूंका पीएम का पुतला
ब्यूरो, सोलन
Updated Mon, 28 Nov 2016 10:34 PM IST
विज्ञापन
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी की क्षेत्रिय कमेटी सोलन ने नोटबंदी के विरोध में जिला उपायुक्त कार्यालय चौक पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी की क्षेत्रिय कमेटी सोलन ने नोटबंदी के विरोध में जिला उपायुक्त कार्यालय चौक पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका। साथ ही केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों को लेकर धरना प्रदर्शन और नारेबाजी की। पार्टी कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि मोदी सरकार ने आम जनता को लाइन में खड़े करने को मजबूर कर दिया है। लोगों को अपने रुपये लेने के लिए घंटों-घंटों लाइन में खड़े रहना पड़ रहा है।
विज्ञापन
उद्योगपति और बड़े व्यापारियों का कर्जा माफ किया जा रहा है। इसी नोटबंदी के कारण देशभर में अभी तक 75 से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। इसका उचित मुआवजा पीड़ित परिवारों के सदस्यों को देना चाहिए। साथ ही नोटबंदी के कारण फैली कालाबाजारी पर तुरंत रोक लगाई जाए। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के सचिव प्यारे लाल वर्मा ने कहा कि नोटबंदी के फलस्वरूप देश के किसानों और मजदूरों को भारी परेशानी हो रही है।
विज्ञापन
लोगों के पास पर्याप्त धन नहीं होने से मजदूरों को काम नहीं मिल रहा है। इस कारण रोजी-रोटी के भी लाले पड़ गए हैं। उन्होंने कहा कि एक ओर तो आम लोगों से पैसे इकट्ठा किए जा रहे हैं वहीं दूसरी ओर उसी पैसे से अंबानी, अदानी, विजय माल्या जैसे पूंजीपतियों का कर्जा माफ किया जा रहा है। पार्टी के जिला कमेटी के सदस्य देवी चंद रावत ने कहा कि नोटबंदी से भ्रष्टाचार कम होने के बजाय बढ़ रहा है। कालेधन को सफेद करने वाले तरह-तरह के तरीके अपना रहे हैं। इस मौके पर मोहित वर्मा, डीसी रावत, ओमदत शर्मा, अजय कौशल, संजय, रौकी, सुशील और केशव वर्मा समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
विज्ञापन