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जिला के 45 निजी स्कूलों की मान्यता रद्द
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिले में शिक्षा विभाग के पास मान्यता का नवीनीकरण न करने वाले प्रारंभिक निजी स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो गई है। इसके तहत जिले के 45 स्कूलों की मान्यता रद्द कर 25-25 हजार का जुर्माना भी लगा दिया है। वहीं तीन स्कूलों की मान्यता रद्द होने पर तय समय अवधि के बाद आवेदन आने पर विभाग ने इन्हें भी 25 हजार जुर्माना करने के साथ अन्य फीस भी वसूल की है।
शिक्षा विभाग ने संबंधित स्कूलों को डिफाल्टर लिस्ट में शामिल कर मान्यता रिन्यू करवाने के लिए नोटिस दिया था लेकिन कोई जवाब न मिलने पर शिक्षा विभाग ने कार्रवाई कर मान्यता रद्द कर दी है। जानकारी के अनुसार निजी स्कूल प्रबंधन को मान्यता प्राप्त करने के लिए शिक्षा विभाग का अनुमति पत्र चाहिए। विभाग की टीम स्कूल का निरीक्षण कर वहां सुविधाओं और शिक्षा की गुणवत्ता की जांच के बाद मान्यता देने के लिए आला अधिकारियों को रिपोर्ट सौंपती है। इसके बाद स्कूल का पंजीकरण किया जाता है। विभाग स्कूल को पांच वर्ष के लिए पंजीकृत करता है। पांच साल में दोबारा से स्कूल की मान्यता रिन्यू करवानी पड़ती है।
जिले के नालागढ़, रामशहर, धर्मपुर, कंडाघाट और धर्मपुर के स्कूल डिफाल्टर सूची में हैं। इसमें सबसे अधिक नालागढ़ और रामशहर के स्कूल शामिल हैं। उधर, शिक्षा विभाग के उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा दीवान चंदेल ने बताया कि जिला के निजी स्कूलों को मान्यता रिन्यू करवाने लिए नोटिस दिया था। इसके बावजूद 45 स्कूल प्रबंधनों ने कोई भी जवाब नहीं दिया। जिसके बाद कार्रवाई करते हुए उनकी मान्यता रद्द कर दी है।
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सोलन। जिले में शिक्षा विभाग के पास मान्यता का नवीनीकरण न करने वाले प्रारंभिक निजी स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो गई है। इसके तहत जिले के 45 स्कूलों की मान्यता रद्द कर 25-25 हजार का जुर्माना भी लगा दिया है। वहीं तीन स्कूलों की मान्यता रद्द होने पर तय समय अवधि के बाद आवेदन आने पर विभाग ने इन्हें भी 25 हजार जुर्माना करने के साथ अन्य फीस भी वसूल की है।
शिक्षा विभाग ने संबंधित स्कूलों को डिफाल्टर लिस्ट में शामिल कर मान्यता रिन्यू करवाने के लिए नोटिस दिया था लेकिन कोई जवाब न मिलने पर शिक्षा विभाग ने कार्रवाई कर मान्यता रद्द कर दी है। जानकारी के अनुसार निजी स्कूल प्रबंधन को मान्यता प्राप्त करने के लिए शिक्षा विभाग का अनुमति पत्र चाहिए। विभाग की टीम स्कूल का निरीक्षण कर वहां सुविधाओं और शिक्षा की गुणवत्ता की जांच के बाद मान्यता देने के लिए आला अधिकारियों को रिपोर्ट सौंपती है। इसके बाद स्कूल का पंजीकरण किया जाता है। विभाग स्कूल को पांच वर्ष के लिए पंजीकृत करता है। पांच साल में दोबारा से स्कूल की मान्यता रिन्यू करवानी पड़ती है।
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जिले के नालागढ़, रामशहर, धर्मपुर, कंडाघाट और धर्मपुर के स्कूल डिफाल्टर सूची में हैं। इसमें सबसे अधिक नालागढ़ और रामशहर के स्कूल शामिल हैं। उधर, शिक्षा विभाग के उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा दीवान चंदेल ने बताया कि जिला के निजी स्कूलों को मान्यता रिन्यू करवाने लिए नोटिस दिया था। इसके बावजूद 45 स्कूल प्रबंधनों ने कोई भी जवाब नहीं दिया। जिसके बाद कार्रवाई करते हुए उनकी मान्यता रद्द कर दी है।
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