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धर्मपुर में कुष्ठ रोगियों से वोट मांगने नहीं आया कोई, बीस कुष्ठ रोगी करेंगे मतदान
Updated Sun, 05 Nov 2017 11:24 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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अमर उजाला ब्यूरो
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धर्मपुर(सोलन)
जहां एक ओर चुनावों के अंतिम क्षणों में उम्मीदवार हर मतदाता को लुभाने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर धर्मपुर अस्पताल के करीब बीस कुष्ठ रोगी ऐसे हैं जिन तक अभी कोई भी उम्मीदवार नहीं पहुंच सका है। यही नहीं धर्मपुर के कुष्ठ रोगियों को नोटा की भी कोई जानकारी नहीं है। ये बात अस्पताल में भर्ती कुष्ठ रोगियों ने बताई।
सचिन, दर्शन लाल, सुख नंद, सदानंद, गंगा राम, सोहन लाल, राम सिंह, शमशेर सिंह ने कहा है अस्पताल में बीस रोगी हैं। चुनावों से कुछ दिन पहले लौहाजी कुमारहटी में अस्पताल का शिलान्यास कर दिया गया लेकिन उन्हें धर्मपुर अस्पताल में आए हुए करीब पांच वर्ष हो गए हैं सरकार उन्हें हर जगह से खदेड़ देती है। लेकिन पांच वर्ष में कोई स्थाई ठिकाना नहीं दिया गया है। मढोधार से खदेड़ कर धर्मपुर भेजा। अब धर्मपुर से चंबाघाट भेजा रहा है। उन्हें पता चला है कि चंबाघाट में फर्श पर बिस्तर लगाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि उनकी ओर किसी भी सरकार ने नहीं देखा। सरकार पांच वर्ष में एक अस्पताल तक नहीं बना पाई।
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चुनाव आयोग ने भी नहीं दी जानकारी
कुष्ठ रोगियों को पांच वर्ष से नेता तो दूर चुनाव आयोग से भी कोई जानकारी दी गई। अगर किसी को वोट न देने की भी सुविधा है तो वे ऐसा भी कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें सभी रोगी सहमति बनाएंगे। हालांकि उन्होंने कहा कि उन्हें नोटा के बारे में ना तो पता है ना ही किसी ने उन्हें इसकी जानकारी दी है। सरकार की ओर से कुष्ठ रोगियों की सुविधा के लिए अस्पताल में ही मतदान केंद्र स्थापित किया गया है। लेकिन इन रोगियों को चुनाव संबंधित कोई भी जानकारी नहीं दी गई है।
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भवन को तोड़ा जाएगा : देवशीष पात्रा
फोरलेन कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर देवाशीष पात्रा ने बताया कि लैपरसी अस्पताल के लिए जिला उपायुक्त सोलन ने दो से तीन माह का समय मांगा था जनवरी 2018 तक उन्होंने इसके लिए समय दिया है। समय पूरा होने के बाद भवन को तोड़ दिया जाएगा।