{"_id":"6a99670b5a0aaa7c1104ae39","slug":"scientists-deliberated-on-modern-pharmaceutical-research-solan-news-c-176-1-ssml1044-178066-2026-09-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Solan News: आधुनिक औषधि अनुसंधान पर वैज्ञानिकों ने किया मंथन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Solan News: आधुनिक औषधि अनुसंधान पर वैज्ञानिकों ने किया मंथन
Fri, 04 Sep 2026 12:53 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Fri, 04 Sep 2026 12:53 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बद्दी विवि में तीन दिवसीय कार्यशाला का किया आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी(सोलन)। बद्दी विश्वविद्यालय में तीन दिवसीय प्रयोगशाला पशु विज्ञान एवं अनुवादात्मक औषधि विज्ञान कार्यशाला का गुरुवार को समापन हुआ। इसमें देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों, संस्थानों और शोध संगठनों के शोधकर्ताओं व प्रतिभागियों ने सक्रिय भागीदारी की।समापन दिवस पर विशेषज्ञों ने नवीन अनुसंधान पद्धतियों पर विस्तार से चर्चा की। इनमें कृत्रिम अंग प्रतिरूप, अंग-चिप तकनीक और शारीरिक-आधारित औषधि गतिकी प्रतिरूपण शामिल थे। मात्रात्मक संरचना-गतिविधि संबंध, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित अनुसंधान तथा आणविक संधारण जैसी आधुनिक तकनीकों पर भी बात हुई। प्रतिभागियों को मानव-केंद्रित एवं नैतिक औषधि अनुसंधान की नवीन पद्धतियों की व्यावहारिक जानकारी दी गई। पंजाब विश्वविद्यालय के अनिल कुमार तथा राष्ट्रीय कृषि-खाद्य जैव प्रौद्योगिकी संस्थान, मोहाली के महेंद्र बिश्नोई ने विशेषज्ञ वक्ताओं के रूप में मार्गदर्शन दिया। उनके व्याख्यानों से प्रतिभागियों को नवीन वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नैतिक अनुसंधान पद्धतियों की समझ विकसित करने में मदद मिली।
समापन समारोह में टीआर भारद्वाज, रविनेश मिश्रा, भारतेन्दु शर्मा एवं अलका शर्मा ने विशेषज्ञों का स्वागत किया। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रतिभागियों के अनुभव-साझाकरण और प्रतिक्रिया सत्र भी आयोजित हुए। प्रमाण-पत्र वितरण के साथ समारोह संपन्न हुआ। सुनीता ने कार्यशाला की उपलब्धियों का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया। कार्यशाला के सफल आयोजन में सुनीता कुमारी, जितेन सिंह, सौरभ एवं शाइस्ता जहरा मकबूल सहित आयोजन समिति के सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी(सोलन)। बद्दी विश्वविद्यालय में तीन दिवसीय प्रयोगशाला पशु विज्ञान एवं अनुवादात्मक औषधि विज्ञान कार्यशाला का गुरुवार को समापन हुआ। इसमें देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों, संस्थानों और शोध संगठनों के शोधकर्ताओं व प्रतिभागियों ने सक्रिय भागीदारी की।समापन दिवस पर विशेषज्ञों ने नवीन अनुसंधान पद्धतियों पर विस्तार से चर्चा की। इनमें कृत्रिम अंग प्रतिरूप, अंग-चिप तकनीक और शारीरिक-आधारित औषधि गतिकी प्रतिरूपण शामिल थे। मात्रात्मक संरचना-गतिविधि संबंध, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित अनुसंधान तथा आणविक संधारण जैसी आधुनिक तकनीकों पर भी बात हुई। प्रतिभागियों को मानव-केंद्रित एवं नैतिक औषधि अनुसंधान की नवीन पद्धतियों की व्यावहारिक जानकारी दी गई। पंजाब विश्वविद्यालय के अनिल कुमार तथा राष्ट्रीय कृषि-खाद्य जैव प्रौद्योगिकी संस्थान, मोहाली के महेंद्र बिश्नोई ने विशेषज्ञ वक्ताओं के रूप में मार्गदर्शन दिया। उनके व्याख्यानों से प्रतिभागियों को नवीन वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नैतिक अनुसंधान पद्धतियों की समझ विकसित करने में मदद मिली।
समापन समारोह में टीआर भारद्वाज, रविनेश मिश्रा, भारतेन्दु शर्मा एवं अलका शर्मा ने विशेषज्ञों का स्वागत किया। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रतिभागियों के अनुभव-साझाकरण और प्रतिक्रिया सत्र भी आयोजित हुए। प्रमाण-पत्र वितरण के साथ समारोह संपन्न हुआ। सुनीता ने कार्यशाला की उपलब्धियों का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया। कार्यशाला के सफल आयोजन में सुनीता कुमारी, जितेन सिंह, सौरभ एवं शाइस्ता जहरा मकबूल सहित आयोजन समिति के सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
विज्ञापन