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डॉ. राजेश गुप्ता, सिद्धू, सुबोध और शैलेश अग्रवाल की ताजपोशी
Updated Fri, 09 Nov 2018 10:01 PM IST
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बद्दी (सोलन)। औद्योगिक क्षेत्र बद्दी बरोटीवाला नालागढ़ के उद्योग संगठनों के रोष के आगे प्रदेश सरकार व उद्योग विभाग को झुकना पड़ा है। बीबीएन विकास प्राधिकरण में प्रतिनिधित्व से वंचित रहे उद्योग संगठनों को भी इसमें स्थान मिला है।
जानकारी के अनुसार बीबीएन उद्योग संघ के प्रधान शैलेश अग्रवाल, दवा निर्माता उद्योग संघ के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. राजेश गुप्ता, सीआईआई के चेयरमैन आईएमजेएस सिद्धू व नालागढ़ इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के प्रधान सुबोध गुप्ता को इसमें शामिल किया गया है। अब कुल मिलाकर इसमें मनोनीत सदस्यों की संख्या नौ हो गई है। सिर्फ गत्ता उद्योग संघ ही प्रतिनिधित्व से वंचित रह गया है। पूर्व में सरकार ने इसमें अखिल मोहन, अरुण रावत, नवीन रावत, संजय बतरा व योगेश कुमार को नामित किया था। पूर्व में प्रदेश सरकार व उद्योग विभाग ने बीबीएनडीए की राज्य स्तरीय व लोकल कमेटियों को भंग कर दिया था और उसमें दस नई तैनातियां कर दी थीं। बाकी बचे उद्योग संगठनों का आरोप था कि दस की दस नियुक्तियों में मात्र एक ही इंडस्ट्री एसोसिएशन के लोगों को नामित किया गया है। जबकि प्रदेश के सबसे बडे़ व प्रतिष्ठित उद्योग संगठन बीबीएनआईए व अन्य संगठनों को दरकिनार कर दिया गया है। गत दिनों प्रदेश के मुख्य सचिव बीके अग्रवाल जब बद्दी दौरे पर आए तो वंचित रहे कुछ उद्योग संगठनों ने उनके समक्ष दुखड़ा रोया था कि वह हर मुद्दे पर सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खडे़ हैं तो उनके साथ सौतेला व्यवहार क्यों हो रहा है। इसके बाद मुख्य सचिव ने शिमला पहुंचकर वंचित रहे चारों संगठनों के अध्यक्षों को बीबीएनडीए की स्टेट लेवल एक्जीक्यूटिव कमेटी में शामिल करने की अधिसूचना जारी करवा दी।
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जानकारी के अनुसार बीबीएन उद्योग संघ के प्रधान शैलेश अग्रवाल, दवा निर्माता उद्योग संघ के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. राजेश गुप्ता, सीआईआई के चेयरमैन आईएमजेएस सिद्धू व नालागढ़ इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के प्रधान सुबोध गुप्ता को इसमें शामिल किया गया है। अब कुल मिलाकर इसमें मनोनीत सदस्यों की संख्या नौ हो गई है। सिर्फ गत्ता उद्योग संघ ही प्रतिनिधित्व से वंचित रह गया है। पूर्व में सरकार ने इसमें अखिल मोहन, अरुण रावत, नवीन रावत, संजय बतरा व योगेश कुमार को नामित किया था। पूर्व में प्रदेश सरकार व उद्योग विभाग ने बीबीएनडीए की राज्य स्तरीय व लोकल कमेटियों को भंग कर दिया था और उसमें दस नई तैनातियां कर दी थीं। बाकी बचे उद्योग संगठनों का आरोप था कि दस की दस नियुक्तियों में मात्र एक ही इंडस्ट्री एसोसिएशन के लोगों को नामित किया गया है। जबकि प्रदेश के सबसे बडे़ व प्रतिष्ठित उद्योग संगठन बीबीएनआईए व अन्य संगठनों को दरकिनार कर दिया गया है। गत दिनों प्रदेश के मुख्य सचिव बीके अग्रवाल जब बद्दी दौरे पर आए तो वंचित रहे कुछ उद्योग संगठनों ने उनके समक्ष दुखड़ा रोया था कि वह हर मुद्दे पर सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खडे़ हैं तो उनके साथ सौतेला व्यवहार क्यों हो रहा है। इसके बाद मुख्य सचिव ने शिमला पहुंचकर वंचित रहे चारों संगठनों के अध्यक्षों को बीबीएनडीए की स्टेट लेवल एक्जीक्यूटिव कमेटी में शामिल करने की अधिसूचना जारी करवा दी।
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