फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Solan News ›   अब मशरूम करेगा हाई ब्लड प्रेशर ‌न‌ियंत्र‌ित

अब मशरूम करेगा हाई ब्लड प्रेशर नियंत्रित

Tue, 02 Jan 2018 10:02 PM IST
Updated Tue, 02 Jan 2018 10:02 PM IST
विज्ञापन
अब मशरूम करेगा हाई ब्लड प्रेशर नियंत्रित
ar
नौणी (सोलन)। आप अगर उच्च रक्तचाप की बीमारी से ग्रसित हैं तो आप दवाइयों की जगह बटन मशरूम का इस्तेमाल कर सकते हैं। मशरूम की इस प्रजाति में हाई ब्लडप्रेशर को नियंत्रित करने की तमाम खूबियां हैं। यही नहीं इसमें विटामिन डी भी भरपूर होती है। नौणी विवि के वैज्ञानिकों का कहना है कि बटन मशरूम महज सब्जी ही नहीं बल्कि आयुर्वेदिक औषधि के रूप में भी काम करता है।
विज्ञापन

खुंब अनुसंधान केंद्र सोलन के वैज्ञानिक डॉ. श्वेत कमल ने कहा कि बटन मशरूम में फैट जीरो प्रतिशत होता है। विटामिन डी की भरपूर मात्रा होती है। इसके नियमित सेवन से उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) नियंत्रित रखा जा सकता है। किसी भी तरह बनाने से इसकी क्षमता पर कोई असर नहीं पड़ता। बटन मशरूम बनने के बाद भी उतना ही पौष्टिक रहता है जितना वो कच्चा होने पर होता है।
विज्ञापन

इसे उगाने के लिए किसानों को कमरे का तापमान स्थिर रखना होगा। तापमान को 14 डिग्री सेल्सियस से नीचे आने से रोकना होगा। यदि तापमान निर्धारित सीमा से नीचे आता है तो कमरे में हीटर जलाकर तापमान को वापस 14 डिग्री तक ले जाना पड़ेगा। तापमान बनाए रखने से मशरूम की बढ़िया पैदावार में मदद मिलेगी। नौणी विवि के नोडल ऑफिसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. मोहन सिंह जॉगडा और डॉ. सतीश भारद्वाज ने बताया कि बटन मशरूम की फसल आने पर थैलों के ऊपर हल्के पानी से छिड़काव करें। कमरों में नमी बनाए रखने के लिए दीवारों और फर्श पर भी पानी का छिड़काव करें। कमरों में दिन में 2-3 बार शुद्ध हवा आने दें। इससे मशरूम की गुणवत्ता में सुधार होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


सर्वाधिक उगाया जाता है बटन मशरूम
डॉ. श्वेत कमल के अनुसार बटन मशरूम का उत्पादन अन्य के मुकाबले सबसे अधिक होता है। यह आसानी से उग जाता है। बटन मशरूम की मांग भी इसके उत्पादन की तरह ही सर्वाधिक है। इसका सेवन रोजाना भी किया जा सकता है।

आम और लीची में डालें खाद
नौणी विवि के वैज्ञानिकों के अनुसार आम और लीची के पौधों में नत्रजन खाद की बची हुई आधी मात्रा डालने के लिए यह समय अनुकूल है। आम, लीची और नींबू वर्गीय फसलों के नर्सरी पौधों को कोहरे से बचाने के लिए जमीन में नमी का उचित स्तर बनाए रखें तथा नसर्री बैड को शेड नेट से ढक दें।


15-10 सेंटीमीटर के फासले पर लगाएं प्याज
निचले क्षेत्रों में जहां प्याज की तैयार पनीरी रोपित न की हो वहां 15-10 सेंटीमीटर फासले पर इसे रोपा जा सकता है। नींबू प्रजातीय फलों से विभिन्न उत्पाद जैसे रस, स्क्वैश, कार्डियल, मार्मलेड इत्यादि बनाकर परिरक्षित किए जा सकते हैं। अमरूद तथा टमाटर के विभिन्न पदार्थ, आंवले का मुरब्बा तथा कैंडी, सब्जियों को सुखाकर, इनसे विभिन्न तरह के अचार, गाजर का मुरब्बा तथा जैम बनाया जा सकता है। पपीते के विभिन्न पदार्थ, गलगल और माल्टा के छिलके से कैंडी बनाए जा सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed