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परवाणू के फार्मा उद्योग के खिलाफ संघर्ष का एलान
Updated Sat, 25 Nov 2017 10:30 PM IST
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परवाणू (सोलन)। औद्योगिक शहर परवाणू के सेक्टर-4 में स्थित एक फार्मा उद्योग में मजदूरों के शोषण का आरोप लगाते हुए सीटू ने प्रदर्शन की धमकी दी है। सोमवार को सीटू परवाणू शहर में आक्रोश रैली निकालेगी और साथ ही उद्योग व श्रम विभाग कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन करेगी। यह बात शनिवार को परवाणू के वेद मंदिर में सीटू ने प्रधान ओम दत्त शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में कही। बैठक के दौरान सीटू प्रधान ओम दत्त शर्मा ने कहा कि शहर के फार्मा उद्योग में मजदूरों के साथ जो अन्याय हो रहा है।
उन्होंने कहा कि उद्योग द्वारा श्रम कानून को लागू करने की बजाय मजदूरों के वेतन को पहले से कम कर दिया जा रहा है। कहा कि जब इस बारे में उद्योग में काम कर रहे एक कामगार ने अपनी आवाज उठानी चाही तो उसे भी उद्योग मालिकों द्वारा बाहरी लोगों को बुला कर बेहरहमी से पीटा। इसके बाद भी मजदूर अपनी मांगों पर अड़े रहे तो उद्योग मालिकों ने बद्दी-बरोटीवाला से एक अन्य मजदूर यूनियन को बुला कर यूनियन का गठन किया गया।
उन्होंने कहा कि इस यूनियन के पदाधिकारी लगातार मालिकों के इशारों में काम कर रहे हैं और पूरे दिन भर उद्योग में बैठकर मजदूरों को डरा धमका रहे हैं। कहा कि फार्मा उद्योग में मजदूरों के साथ हो रहें शोषण के बावजूद भी श्रम विभाग अपनी आंखें मूंद कर बैठा है। श्रम विभाग परवाणू का कार्यालय सप्ताह में एक या दो दिन 11 बजे के बाद ही खुलता है और शाम तीन बजे के बाद दोबारा से दरवाजे में ताला लटक जाता है। ऐसे में सैकड़ों मजदूरों के मामले लंबित हैं। बैठक के दौरान विभिन्न यूनियनों के पदाधिकारी दलजीत सिंह, पितांबर, रणजीत, भोला, मिथलेश, खेमराम, रणजीत सिंह, विजय कुमार, विजय नंद, नंद लाल, कर्म सिंह, लक्की, विक्की, प्यारे लाल वर्मा, मोहित वर्मा, डीसी रावत, नीतिश कुमार, एनडी रनौत, विजेंद्र मेहरा और अन्य कई लोग मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि उद्योग द्वारा श्रम कानून को लागू करने की बजाय मजदूरों के वेतन को पहले से कम कर दिया जा रहा है। कहा कि जब इस बारे में उद्योग में काम कर रहे एक कामगार ने अपनी आवाज उठानी चाही तो उसे भी उद्योग मालिकों द्वारा बाहरी लोगों को बुला कर बेहरहमी से पीटा। इसके बाद भी मजदूर अपनी मांगों पर अड़े रहे तो उद्योग मालिकों ने बद्दी-बरोटीवाला से एक अन्य मजदूर यूनियन को बुला कर यूनियन का गठन किया गया।
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उन्होंने कहा कि इस यूनियन के पदाधिकारी लगातार मालिकों के इशारों में काम कर रहे हैं और पूरे दिन भर उद्योग में बैठकर मजदूरों को डरा धमका रहे हैं। कहा कि फार्मा उद्योग में मजदूरों के साथ हो रहें शोषण के बावजूद भी श्रम विभाग अपनी आंखें मूंद कर बैठा है। श्रम विभाग परवाणू का कार्यालय सप्ताह में एक या दो दिन 11 बजे के बाद ही खुलता है और शाम तीन बजे के बाद दोबारा से दरवाजे में ताला लटक जाता है। ऐसे में सैकड़ों मजदूरों के मामले लंबित हैं। बैठक के दौरान विभिन्न यूनियनों के पदाधिकारी दलजीत सिंह, पितांबर, रणजीत, भोला, मिथलेश, खेमराम, रणजीत सिंह, विजय कुमार, विजय नंद, नंद लाल, कर्म सिंह, लक्की, विक्की, प्यारे लाल वर्मा, मोहित वर्मा, डीसी रावत, नीतिश कुमार, एनडी रनौत, विजेंद्र मेहरा और अन्य कई लोग मौजूद रहे।
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