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पशु कल्याण के लिए लगी वर्कशॉप में बताए उपाय
Updated Tue, 23 Jan 2018 06:20 PM IST
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पशुधन की रक्षा में सहयोग करें : ठाकुर
फोटो सहित
पशु चिकित्सालय नालागढ़ में लगी एक दिवसीय कार्यशाला
अमर उजाला ब्यूरो
नालागढ़ (सोलन)।
पशु कल्याण के लिए नालागढ़ में एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें पशु कल्याण को लेकर जहां चिंता जताई गई, वहीं उनकी देखरेख के लिए आवश्यक कदम बढ़ाने पर बल दिया गया। कार्यशाला में एसडीएम नालागढ़ प्रशांत देश्टा ने शिरकत की और प्रशासन द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी।
कार्यशाला में गौवंश से संबंधित विभागों सहित गौसदन संचालकों व प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिसमें विभागीय अधिकारी भी उपस्थित रहे। कार्यशाला को संबोधित करते हुए एसडीएम नालागढ़ ने कहा कि प्राय यह देखने में आया है कि लोग पशुओं को बेसहारा छोड़ देते है, जो पशुओं के साथ-साथ मनुष्य के लिए भी परेशानी का कारण बनता है। उन्होंने कहा कि पशुधन के कल्याण के लिए सभी का सहयोग आवश्यक है। पशुधन विशेषकर दुधारू पशु दुग्ध उत्पादन के साथ-साथ कृषि एवं बागवानी के विभिन्न कार्यों में महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य में किसानों एवं बागवानों की आर्थिकी को मजबूत बनाने में पशुधन महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। वहीं उपनिदेशक पशुपालन विभाग संजय ठाकुर ने कहा कि नालागढ़ उपमंडल में वर्तमान में 16 गौशालाएं पंजीकृत हैं। उन्होंने गौशाला संचालन के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी।
वरिष्ठ पशु चिकित्सक नालागढ़ डा. राजीव वालिया ने आए हुए मुख्य अतिथि, गणमान्य लोगों सहित गौसदन संचालकों का आभार जताया। इस मौके पर कार्यशाला में कृषि विशेषज्ञ डीआर ठाकुर, धर्मपुर से डा.विजय पाठक, सुबाथु से डा.अंकुर गुप्ता, बागवानी विभाग नालागढ़ से डा.भूपेंद्र सैणी, नेचर केयर से राजेंद्र गुलेरिया, मास्टर सुरेंद्र शर्मा, अभिनंदन जैन, गुरमेल चौधरी, अशोक शर्मा, संजीव शर्मा, राजकुमार, जोगिंद्र सिंह, सोहन लाल,स हेमराज, किशोरी लाल, मान सिंह, चांद राम, नरेश, लज्जा राम, रवि शर्मा, अभय कुमार, धर्मपाल आदि विभिन्न गौसदनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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पशु चिकित्सालय नालागढ़ में लगी एक दिवसीय कार्यशाला
अमर उजाला ब्यूरो
नालागढ़ (सोलन)।
पशु कल्याण के लिए नालागढ़ में एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें पशु कल्याण को लेकर जहां चिंता जताई गई, वहीं उनकी देखरेख के लिए आवश्यक कदम बढ़ाने पर बल दिया गया। कार्यशाला में एसडीएम नालागढ़ प्रशांत देश्टा ने शिरकत की और प्रशासन द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी।
कार्यशाला में गौवंश से संबंधित विभागों सहित गौसदन संचालकों व प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिसमें विभागीय अधिकारी भी उपस्थित रहे। कार्यशाला को संबोधित करते हुए एसडीएम नालागढ़ ने कहा कि प्राय यह देखने में आया है कि लोग पशुओं को बेसहारा छोड़ देते है, जो पशुओं के साथ-साथ मनुष्य के लिए भी परेशानी का कारण बनता है। उन्होंने कहा कि पशुधन के कल्याण के लिए सभी का सहयोग आवश्यक है। पशुधन विशेषकर दुधारू पशु दुग्ध उत्पादन के साथ-साथ कृषि एवं बागवानी के विभिन्न कार्यों में महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य में किसानों एवं बागवानों की आर्थिकी को मजबूत बनाने में पशुधन महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। वहीं उपनिदेशक पशुपालन विभाग संजय ठाकुर ने कहा कि नालागढ़ उपमंडल में वर्तमान में 16 गौशालाएं पंजीकृत हैं। उन्होंने गौशाला संचालन के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी।
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वरिष्ठ पशु चिकित्सक नालागढ़ डा. राजीव वालिया ने आए हुए मुख्य अतिथि, गणमान्य लोगों सहित गौसदन संचालकों का आभार जताया। इस मौके पर कार्यशाला में कृषि विशेषज्ञ डीआर ठाकुर, धर्मपुर से डा.विजय पाठक, सुबाथु से डा.अंकुर गुप्ता, बागवानी विभाग नालागढ़ से डा.भूपेंद्र सैणी, नेचर केयर से राजेंद्र गुलेरिया, मास्टर सुरेंद्र शर्मा, अभिनंदन जैन, गुरमेल चौधरी, अशोक शर्मा, संजीव शर्मा, राजकुमार, जोगिंद्र सिंह, सोहन लाल,स हेमराज, किशोरी लाल, मान सिंह, चांद राम, नरेश, लज्जा राम, रवि शर्मा, अभय कुमार, धर्मपाल आदि विभिन्न गौसदनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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