फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Solan News ›   सोलन को तोहफा और सैजल को चुनौती से भरा मंत्रीपद

सोलन को तोहफा और सैजल को चुनौती से भरा मंत्रीपद

Wed, 27 Dec 2017 10:57 PM IST
Updated Wed, 27 Dec 2017 10:57 PM IST
विज्ञापन
सोलन। बेहद करीबी मुकाबले में जीतकर सत्ता पर काबिज हुए कसौली के विधायक डॉ. राजीव सैजल को मंत्री पद बड़े तोहफे की तरह है। वे पहली बार मंत्री बन रहे हैं उनके सामने चुनौतियां भी बड़ी हैं। पार्टी में तालमेल, विकास और लोकसभा चुनाव में जनाधार को मजबूत करने की पूरी जिम्मेदारी डॉ. राजीव सैजल के कंधों पर आ गई है। इससे पूर्व भाजपा की तरफ से सोलन से डॉ. राजीव बिंदल स्वास्थ्य मंत्री रह चुके हैं।
विज्ञापन

वे सोलन सदर से चुनाव जीतते रहे हैं। वर्ष 2012 में सोलन सदर विधानसभा क्षेत्र के अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित होने के बाद उन्हें सोलन की सीट छोड़नी पड़ी थी। इसके बाद यहां से कांग्रेस के कर्नल धनी राम शांडिल चुनाव जीते। इन्हें कांग्रेस ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री के पद से नवाजा था। इनके सामने सोलन शहर का विकास, अस्पताल की आंतरिक व्यवस्था में सुधार, डॉ. राजीव बिंदल के समय प्रदेश में सोलन के स्टेट्स को बरकरार रखने की जिम्मेदारी थी।
विज्ञापन


अब पूरे जिले की दिक्कतें करनी होंगी दूर
सोलन अस्पताल में डॉक्टरों की कमी अब तक खल रही है। सोलन शहर नगरनिगम नहीं बन पाया और स्मार्ट सिटी के खिताब में भी सोलन पिछड़ गया। हालांकि डॉ. राजीव सैजल विधायक कसौली के हैं लेकिन मंत्री बनने के बाद जिला भर के लोगों को उनसे उम्मीदें रहेंगी। कसौली विधानसभा क्षेत्र में ही परवाणू औद्योगिक कस्बा है जहां सैकड़ों उद्योग फलफूल रहे हैं। इसके अलावा बद्दी और नालागढ़ में औद्योगिक विकास की इबारत लिखना भी बड़ी चुनौती होगा। सोलन में किसानों की समस्याएं भी सीधे तौर पर अब मंत्री डॉ. राजीव सैजल से जुड़ जाएंगी। बहरहाल, सोलन के इकलौते मंत्री के नाते डॉ. राजीव सैजल की चुनौतियां बड़ी होंगी। पद मिलने और कद बढ़ने के साथ लोकसभा चुनाव में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन



सैजल सरकारी बस से पहुंचते थे विधानसभा
डॉ. राजीव सैजल ने आयुर्वेदिक संस्थान पपरोला से बीएएमएस की डिग्री हासिल की है। आरएसएस से जुड़े होने के कारण उन्होंने प्रदेश भर में शाखाओं पहुंचकर वैरागी जीवन का अनुभव भी लिया है। अपनी सादगी के लिए मशहूर विधायक डॉ. राजीव सैजल विधानसभा में हिस्सा लेने के लिए सरकारी बस से सफर करते रहे हैं। वर्ष 2007 में विधायक बनने के बाद शिमला के कई सत्र उन्होंने सोलन-शिमला के बीच सरकारी बस से विधानसभा पहुंचे हैं।

कसौली से दूसरे मंत्री होंगे
कसौली विधानसभा क्षेत्र से डॉ. राजीव सैजल दूसरे मंत्री होंगे। इससे पूर्व कुछ माह के लिए कांग्रेस कार्यकाल के दौरान करीब 26 वर्षों तक विधायक रहे रघुराज को वर्ष 2007 में पशुपालन और सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य मंत्री बनाया गया था। कसौली विधानसभा क्षेत्र से पहले विधायक रहे चमन लाल गालची संसदीय सचिव के पद तक पहुंचे थे।


ईमानदार छवि चरित्र प्रमाण
युवा विधायक डॉ. राजीव सैजल मध्यम वर्गीय परिवार से संबंध रखते हैं। महज 41 वर्ष की आयु में मंत्रिमंडल में स्थान मिलने से जहां कसौली की जनता में विकास के प्रति आस जागी है वहीं मधुर भाषी ईमानदार छवि होना भी उनके चरित्र का प्रमाण हैं। डॉ. राजीव सैजल ने धर्मपुर में अपने छोटे से परिवार के साथ रहना पसंद किया। इनकी धर्मपत्नी वन विभाग में प्रथम श्रेणी की अधिकारी हैं। माता शिला सैजल (71) गृहिणी हैं तथा बेटे के मंत्री बनने से खुश हैं। पिता सतगुरुदास सैजल भी आरएसएस के सक्रिय सदस्य रहे हैं।

कसौली से कौन कब जीता
वर्ष पार्टी प्रतयाशी का नाम
1977 जनता पार्टी चमन लाल
1982 कांग्रेस रघुराज
1985 कांग्रेस रघुराज
1990 भाजपा सत्य पाल कम्पोज
1993 कांग्रेस रघुराज
1998 कांग्रेस रघुराज
2003 कांग्रेस रघुराज
2007 भाजपा राजीव सहजल
2012 भाजपा राजीव सहजल
2017 भाजपा राजीव सहजल
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed