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क्षेत्रीय अस्पताल में सात वार्डों में मिलेगा दुर्घटनाग्रस्त मरीजों को इलाज

Thu, 01 Sep 2022 12:00 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 01 Sep 2022 12:00 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
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सोलन। क्षेत्रीय अस्पताल में दुर्घटना के समय आपातकाल में आने वाले मरीजों को अब अन्य वार्डों में भी इलाज मिल सकेगा। प्रशासन ने अस्पताल के सात वार्डों में ट्रॉमा बेड लगा दिए हैं। इन बेड पर केवल दुर्घटना के दौरान आपातकाल में आने वाले मरीजों को ही इलाज दिया जाएगा।
इन सभी बेड पर एडमिट मरीजों को वहीं पर सभी सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी। इससे जहां दुर्घटनाग्रस्त मरीजों को आराम मिलेगा, वहीं मरीजों को टांके लगाने से लेकर पट्टी करवाने तक की माइनर ओटी में जाने की जरूरत नहीं होगी। ट्रॉमा बेड पर ही उन्हें यह सुविधा दी जाएगी। शुरू में अस्पताल के ऑर्थो समेत सात वार्डों में ये बेड लगा दिए गए हैं। जल्द ही अन्य वार्डों में भी इस तरह के बेड लगाने की योजना तैयार की जा रही है। मौजूदा समय में केवल आपातकाल में ही इस तरह के बेड थे लेकिन अब सात वार्डों में मरीजों को ट्रॉमा बेड की सुविधा मिलेगी।
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ये होगा फायदा
वार्डों में ट्रॉमा बेड लगाने से मरीजों को काफी सुविधा मिलेगी। इससे पहले केवल आपातकाल में ही ट्रामा बेड होते थे। अकसर दुर्घटना होने पर यहां मरीजों को संख्या भी बढ़ जाती थी जिससे मरीजों को जल्दी उपचार नहीं मिल पाता था। वहीं अन्य वार्डों में ट्रॉमा बेड न होने से दुर्घटनाग्रस्त मरीजों को शिफ्ट भी नहीं कर सकते थे। अब अस्पताल में ट्रॉमा बेड लगने से दुर्घटनाग्रस्त मरीजों को अन्य वार्डों मे भी शिफ्ट किया जा सकेगा और आपातकाल में भी अधिक भीड़ नहीं लगेगी।
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इसलिए लिया निर्णय
क्षेत्रीय अस्पताल दो जिला के मरीजों का केंद्र है। सोलन के साथ-साथ यहां पर सिरमौर जिला से भी रेफर मरीज आते हैं। दुर्घटना के समय पहले यहीं पर मरीजों को लाया जाता है। ऐसे में यहां पर काफी भीड़ हो जाती है। इससे आपातकाल में बेड की कमी भी खलती थी। इसके अलावा आपातकाल में कई बीमारियों के अन्य रोगी भी यहां पर आते हैं। जिन्हें संबंधित विभाग के वार्ड में शिफ्ट करने में भी परेशानी आती थी क्योंकि उन्हें अकसर उपचार के लिए माइनर ओटी या आपातकाल में जाना पड़ता था। अब हर वार्ड में बेड लगने से उन्हें सुविधाएं मिलेंगी।

अस्पताल में सात वार्डों में ट्रॉमा बेड स्थापित किए गए हैं। इनमें इंजरी केस समेत आपातकाल में पहुंचे मरीजों को उपचार की सुविधा मिलेगी। खास बात यह है कि मरीजों को अब टांके लगवाने या पट्टी करवाने के लिए माइनर ओटी में आने की जरूरत नहीं होगी। बेड पर ही उन्हें सभी सुविधाएं मुहैया करवाई जाएगी।
डॉ. एसएल वर्मा, चिकित्सा अधीक्षक क्षेत्रीय अस्पताल सोलन
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