कंक्रीट के जंगल में बदल गए शहर, न पार्किंग न पानी

Shimla Bureau Updated Fri, 13 Oct 2017 10:43 PM IST
सोलन। अवैध कब्जों को नियमित करने के राजनीतिक दलों से मिले झांसे आम लोगों पर भारी पड़ रहे हैं। न तो कब्जे नियमित हुए अब उल्टा अदालत ने इन्हें उखाड़ने के आदेश भी दे डाले हैं। इस पर कार्रवाई भी शुरू हो चुकी है। सोलन शहर और कसौली समेत बीबीएन के लोग इस दंश को झेलने को मजबूर हैं। इन शहरों में नियमों को दरकिनार कर बहुमंजिला भवनों का निर्माण तेजी से हुआ है। लेकिन आबादी बढ़ने के हिसाब से इन शहरों में सुविधाएं नहीं मिल सकीं। इस वजह से अब लोग पार्किंग से लेकर पानी तक की समस्याओं को झेलने को मजबूर हैं। सरकार ने कब्जे नियमित करने की भा पालिसी बना रखी है लेकिन इसमें स्क्वेयर फुट के हिसाब भारीभरकम फीस तय कर रखी है। लोगों का कहना है कि उस राशि नया मकान ही बन जाएगा। ऐसे में कब्जाधारी और आम लोगों दोनों राजनैतिक दलों से नाराज हैं।
हाईकोर्ट की सख्ती पर मामले की परतें खुलनी शुरू हुई हैं और सिलसिलेवार कई अवैध भवन सामने आए हैं। इनमें से कइयों ने व्यावसायिक तौर पर इन भवनों का इस्तेमाल किया। बिना नक्शे के बनाए इन भवनों में बिजली और पानी के मीटर लगाकर आगे फ्लैट के तौर पर बेच दिए गए। कई भवनों में मॉल तक खुल चुके हैं। यह एक या दो मामले नहीं बल्कि सोलन शहर ऐसी इमारतों को घिर चुका है। सोलन में हाईकोर्ट के आदेश पर जांच शुरू हुई तो कसौली में ग्रीन ट्रिब्यूनल ने होटल मालिकों को कतार में ला दिया। यहां भी नियमों के अनुरूप नहीं हुए निर्माण कार्य पर निशाना साधा गया और होटल कारोबारियों को अतिरिक्त फ्लैट तोड़ने के आदेश जारी किए गए हैं। अब इन बहुमंजिला भवनों की चर्चा सोलन में आम हो रही है।
विधानसभा चुनाव में भी इसका असर साफ देखने को मिलेगा। राजनीतिक तौर पर कहीं न कहीं अवैध निर्माण कर्ताओं को संरक्षण मिलता रहा है। सरकारों ने भी इसी साल बहुमंजिला और अवैध रूप से बने भवनों को नियमित करने का ऐलान कर पूरे प्रदेश में खलबली मचा दी थी। हालांकि यह विवादास्पद फैसला अभी अमल में नहीं आया है। लेकिन यह फैसला अमल में आया होता तो शायद सोलन में अवैध निर्माणकर्ताओं को भवन तोड़ने की जरूरत ही नहीं पड़ती।

यह हैं नियम
वर्ष 2008 में नगर परिषद ने 4 प्लस एक का रूल जारी किया था। आदेश थे कि सोलन में सड़क किनारे जो भवन तैयार करेगा उन्हें 4 प्लस 1 का रूल फॉलो करना पड़ेगा। रूल के अनुसार यदि व्यक्ति नियमों के तहत 4 मंजिला मकान बनाता है तो उसे एक मंजिल में पार्किंग बनानी होगी। यह रूल सोलन में पार्किंग की समस्या को लेकर बना था। अब नक्शे में तो भवन मालिकों ने पार्किंग पास करवा ली। लेकिन भवन पास करवाने के बाद पार्किंग के स्थानों पर दुकानें और अन्य व्यावसायिक भवन बनवा लिए। वहीं वर्ष 2009 के बाद इस रूल को 3 प्लस एक कर दिया।

भूकंप जोन पांच में आता है सोलन
जिला सोलन भूकंप जोन पांच में आता है। ऐसे में यदि इस दौरान यहां पर कोई भूकंप का झटका आता है तो नक्शे से विपरीत बने भवन ढह जाएंगे। इसमें जहां जानी और आर्थिक दोनों नुकसानों को झेलना पड़ेगा। लेकिन इसके बावजूद भी लोग अपने लालच को देखते हुए नक्शे से बाहर जाकर अवैध निर्माण कर रहे है।

बहुमंजिला इमारतों के हो रहे सर्वे
नप अध्यक्ष देवेंद्र ठाकुर ने बताया कि शहर की बहुमंजिला इमारतों के सर्वे किए जा रहे हैं। इसकी रिपोर्ट नगर परिषद के जेई तैयार कर रहे हैं। यह अपनी रिपोर्ट नप को सौंपेंगे। इसके बाद बिना नक्शे के बने मकान मालिकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी।

प्रशासन कर रहा है कार्रवाई : डीसी
डीसी राकेश कंवर ने कहा कि प्रशासन हाईकोर्ट के आदेश पर कार्रवाई कर रहा है। कहा कि जिन लोगों ने नियमों से बाहर जाकर काम किया है उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। इनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। यही नहीं जिन लोगों ने अवैध भवनों को बिजली और पानी के कनेक्शन दिलवाए हैं उन पर भी कार्रवाई होगी।

अवैध कब्जों को वैध करने की घोषणा
कांग्रेस सरकार ने घोषणा की थी कि अवैध कब्जाधारियों के कब्जों को वैद्य कर दिया जाएगा। लेकिन अभी यह नियम लागू नहीं हुए हैं। लोगों को उम्मीद थी कि अवैध कब्जों को जल्द वैध कर दिया जाएगा लेकिन अब हाईकोर्ट के आदेशानुसार ऐसे सभी कब्जाधारियों पर इसकी गाज गिरने वाली है।

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