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सेब की छह लाख पेटियां अधिक पहुंची परवाणू मंडी में
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एमएम भंडारी
परवाण ू(सोलन)। प्रदेश में सेब सीजन खत्म हो चुका है। इसके चलते प्रदेश की सबसे पुरानी सेब मंडी परवाणू में सन्नाटा पसर गया है। ज्यादातर कारोबारी पलायन भी कर चुके हैं। इस बार परवाणू सेब मंडी में बीते साल के मुकाबले छह लाख सेब की पेटियां अधिक पहुंचीं।
कारोबारियों के अनुसार इस साल सेब की बंपर फसल होने के कारण अधिक पेटियां परवाणू पहुंचीं। बीते वर्ष परवाणू में 16 लाख पेटियां आई थीं जबकि इस साल 22 लाख से अधिक पेटियां परवाणू सेब मंडी में पहुंचीं।
इस साल एक जुलाई से सेब सीजन शुरू हुआ था और 15 नवंबर को खत्म हुआ। हालांकि अभी बीच-बीच में किन्नौर का सेब भी पहुंच रहा है। कारोबारियों के अनुसार सेब सीजन की शुरूआत में काफी अच्छे दाम बागवानों में मिले लेकिन बाद में दामों में गिरावट आने लगी।
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सीजन के बीच में दाम काफी कम हो गए थे। अंत में फिर अच्छे दामों पर सब बिका। यहां पर सेब की आवक कम नहीं हुई और इस बार भी बंपर पेटियां परवाणू सेब मंडी में पहुंची। इस वर्ष सेब का दाम प्रति पेटी 500 से 3,500 रुपये तक रहा।
प्रदेश में सीजन 15 जुलाई से शुरू होकर नवंबर के आखिर तक किन्नौर का सेब यहां पहुंचता है। जुलाई में कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों शिमला के ठियोग, कोटगढ़, कुमारसैन, कोटखाई और रोहड़ू से सेब पहुंचता है। संवाद
कश्मीर का सेब आने से घटे दाम
इस साल प्रदेश में सेब की पैदावार अच्छी होने से परवाणू मंडी में पहले से अधिक पेटियां पहुंचीं लेकिन कश्मीर का सेब बाजार में आने से हिमाचल के सेब के रेट कम हो गया।
हनी राठौर, सचिव, आढ़ती एसोसिएशन परवाणू सेब मंडी
अब इक्का-दुक्का ट्रक ही पहुंच रहे सेब मंडी
इस साल परवाणू सेब मंडी में लगभग 22 लाख सेब की पेटियां पहुंचीं। 15 नवंबर के बाद सेब सीजन के अंतिम चरण में इक्का-दुक्का ट्रक ही सेब लेकर मंडी पहुंच रहे हैं।
राजेश शर्मा, सचिव, मार्केट कमेटी परवाणू
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परवाण ू(सोलन)। प्रदेश में सेब सीजन खत्म हो चुका है। इसके चलते प्रदेश की सबसे पुरानी सेब मंडी परवाणू में सन्नाटा पसर गया है। ज्यादातर कारोबारी पलायन भी कर चुके हैं। इस बार परवाणू सेब मंडी में बीते साल के मुकाबले छह लाख सेब की पेटियां अधिक पहुंचीं।
कारोबारियों के अनुसार इस साल सेब की बंपर फसल होने के कारण अधिक पेटियां परवाणू पहुंचीं। बीते वर्ष परवाणू में 16 लाख पेटियां आई थीं जबकि इस साल 22 लाख से अधिक पेटियां परवाणू सेब मंडी में पहुंचीं।
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इस साल एक जुलाई से सेब सीजन शुरू हुआ था और 15 नवंबर को खत्म हुआ। हालांकि अभी बीच-बीच में किन्नौर का सेब भी पहुंच रहा है। कारोबारियों के अनुसार सेब सीजन की शुरूआत में काफी अच्छे दाम बागवानों में मिले लेकिन बाद में दामों में गिरावट आने लगी।
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सीजन के बीच में दाम काफी कम हो गए थे। अंत में फिर अच्छे दामों पर सब बिका। यहां पर सेब की आवक कम नहीं हुई और इस बार भी बंपर पेटियां परवाणू सेब मंडी में पहुंची। इस वर्ष सेब का दाम प्रति पेटी 500 से 3,500 रुपये तक रहा।
प्रदेश में सीजन 15 जुलाई से शुरू होकर नवंबर के आखिर तक किन्नौर का सेब यहां पहुंचता है। जुलाई में कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों शिमला के ठियोग, कोटगढ़, कुमारसैन, कोटखाई और रोहड़ू से सेब पहुंचता है। संवाद
कश्मीर का सेब आने से घटे दाम
इस साल प्रदेश में सेब की पैदावार अच्छी होने से परवाणू मंडी में पहले से अधिक पेटियां पहुंचीं लेकिन कश्मीर का सेब बाजार में आने से हिमाचल के सेब के रेट कम हो गया।
हनी राठौर, सचिव, आढ़ती एसोसिएशन परवाणू सेब मंडी
अब इक्का-दुक्का ट्रक ही पहुंच रहे सेब मंडी
इस साल परवाणू सेब मंडी में लगभग 22 लाख सेब की पेटियां पहुंचीं। 15 नवंबर के बाद सेब सीजन के अंतिम चरण में इक्का-दुक्का ट्रक ही सेब लेकर मंडी पहुंच रहे हैं।
राजेश शर्मा, सचिव, मार्केट कमेटी परवाणू