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आशा मैडम हर घर जाकर पूछेंगी कैसी है अापकी सेहत
Updated Wed, 27 Jun 2018 10:25 PM IST
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नालागढ़ (सोलन)। आशा कार्यकर्ता अब गांवों के हर घर में जाकर लोगों की सेहत का हालचाल पूछेंगी। बीमारियों के लक्षण होने पर इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को देंगी। आशा कार्यकर्ताओं को स्वास्थ्य विभाग ने बीमारियों के लक्षण पहचानने का प्रशिक्षण देना शुरू कर दिया है। इस मुहिम का मकसद हर व्यक्ति को स्वस्थ रखना तथा बीमारियों का जड़ से खात्मा करना है।
स्वास्थ्य खंड नालागढ़ के तहत पीएचसी जोघों में आशा कार्यकर्ताओं को बीमारियों से बचाव और विभाग की चलाई जा रही योजनाओं का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण शिविर में आशा कार्यकर्ताओं को सीखी बातों को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया गया। आशा कार्यकर्ताओं को मलेरिया, डेंगू, स्क्रब टायफस, दिमागी बुखार की पहचान करना बताया गया। इसके साथ स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं मुख्यमंत्री राज्य स्वास्थ्य देखभाल योजना, राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना, यूनिवर्सल हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम और मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना की जानकारी प्रदान की गई। उन्होंने कहा कि गर्मी और बरसात के मौसम में डेंगू, मलेरिया, डायरिया, दिमागी बुखार आदि का खतरा बढ़ जाता है। लोगों को इन बीमारियों से बचाव के लिए आशा कार्यकर्ता जागरूक करके बचाव कर सकती हैं। कहा कि शिविर में सीखी गईं बातों को वह अपने कार्य क्षेत्रों में जाकर लोगों में इसका प्रचार करें ताकि लोग सतर्क रह सके और बीमारियों से बच सकें। इस अवसर पर स्वास्थ्य पर्यवेक्षक कृष्णा संधू, मीना, जमना, मंजीत सहित 40 आशा कार्यकर्ता मौजूद रही।
डेंगू मच्छर के शरीर पर होती हैं धारियां
शिविर में आशा कार्यकर्ताओं का स्वास्थ्य शिक्षक शशीपाल ठाकुर ने डेंगू के बारे में बताया। बताया कि यह मच्छर साफ पानी में पनपता है और दिन के समय काटता है। इसे टाईगर मच्छर भी कहा जाता है। इसके शरीर और पंखों पर धारियां होती हैं। यह मच्छर कूलर, पानी की टैंकी, पक्षियों के पीने के पानी के बर्तन, फ्रिज की ट्रे, फूलदान, नारियाल का खोल, टूटे हुए बर्तन व टायर आदि साफ पानी में फैलता है, इसलिए पानी से भरे हुए बर्तन व टैंकियों आदि को ढककर रखे और सप्ताह में एक बार कूलर को खाली करके सूखा दे और पूरी ऐहतियात बरते। डेंगू होने पर मरीज को तेज सिरदर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द होना, आंखों के पीछे दर्द होना, जी मिचलाना, उल्टी होती हैं।
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स्वास्थ्य खंड नालागढ़ के तहत पीएचसी जोघों में आशा कार्यकर्ताओं को बीमारियों से बचाव और विभाग की चलाई जा रही योजनाओं का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण शिविर में आशा कार्यकर्ताओं को सीखी बातों को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया गया। आशा कार्यकर्ताओं को मलेरिया, डेंगू, स्क्रब टायफस, दिमागी बुखार की पहचान करना बताया गया। इसके साथ स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं मुख्यमंत्री राज्य स्वास्थ्य देखभाल योजना, राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना, यूनिवर्सल हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम और मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना की जानकारी प्रदान की गई। उन्होंने कहा कि गर्मी और बरसात के मौसम में डेंगू, मलेरिया, डायरिया, दिमागी बुखार आदि का खतरा बढ़ जाता है। लोगों को इन बीमारियों से बचाव के लिए आशा कार्यकर्ता जागरूक करके बचाव कर सकती हैं। कहा कि शिविर में सीखी गईं बातों को वह अपने कार्य क्षेत्रों में जाकर लोगों में इसका प्रचार करें ताकि लोग सतर्क रह सके और बीमारियों से बच सकें। इस अवसर पर स्वास्थ्य पर्यवेक्षक कृष्णा संधू, मीना, जमना, मंजीत सहित 40 आशा कार्यकर्ता मौजूद रही।
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डेंगू मच्छर के शरीर पर होती हैं धारियां
शिविर में आशा कार्यकर्ताओं का स्वास्थ्य शिक्षक शशीपाल ठाकुर ने डेंगू के बारे में बताया। बताया कि यह मच्छर साफ पानी में पनपता है और दिन के समय काटता है। इसे टाईगर मच्छर भी कहा जाता है। इसके शरीर और पंखों पर धारियां होती हैं। यह मच्छर कूलर, पानी की टैंकी, पक्षियों के पीने के पानी के बर्तन, फ्रिज की ट्रे, फूलदान, नारियाल का खोल, टूटे हुए बर्तन व टायर आदि साफ पानी में फैलता है, इसलिए पानी से भरे हुए बर्तन व टैंकियों आदि को ढककर रखे और सप्ताह में एक बार कूलर को खाली करके सूखा दे और पूरी ऐहतियात बरते। डेंगू होने पर मरीज को तेज सिरदर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द होना, आंखों के पीछे दर्द होना, जी मिचलाना, उल्टी होती हैं।
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