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विधायक इन और मंत्री आउट, खास को गया सर्किट हाउस
Updated Fri, 01 Jun 2018 10:44 PM IST
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सोलन। सर्किट हाउस सोलन का कमरा नंबर छह खास हो गया है। यहां सदर विधायक के डेरे ने भाजपा की धुकधुकी बढ़ा दी है। दोनों राजनीतिक दलों में कमरे पर कब्जे को लेकर ठन गई है। आरोप है कि सदर विधायक की वजह से सत्तासीन मंत्री तक को कमरे में प्रवेश की इजाजत नहीं मिल रही। एक से ज्यादा बार ऐसा हो चुका है जब वीआईपी कमरे को मंत्री के आने पर भी खाली नहीं करवाया गया। मंत्री को बैठक कक्ष में इंतजार करना पड़ा है। अब भाजपा पदाधिकारियों को सत्ता जाने के बाद भी कांग्रेसी विधायक का यह रौब पसंद नहीं आ रहा।
उन्होंने पूरे मामले की जांच करवाने और विधायक को कमरा नंबर छह से शिफ्ट करने की कसम खा ली है। इस बारे में सोलन के भाजपा नेता जल्द ही मुख्यमंत्री को भी शिकायत करने वाले हैं। इसमें सीधे तौर पर बार-बार विधायक के नाम पर कमरा बुक करने के लिए जिम्मेदार प्रशासनिक तंत्र की जांच करवाई जाएगी। साथ ही इस बात का भी रिकॉर्ड खंगाला जाएगा कि विधायक की रिहायश बने सर्किट हाउस सोलन के कमरा नंबर छह का भुगतान कौन कर रहा है। कांग्रेस कार्यकाल में मंत्री रहते कर्नल धनी राम शांडिल का ज्यादातर समय सर्किट हाउस में ही गुजरा है। उस समय भी भाजपा नेता उनके सर्किट हाउस में रहने को मुद्दा बनाते रहे हैं। लेकिन कड़ी आलोचना झेलने के बावजूद कर्नल सर्किट हाउस छोड़कर नहीं गए। अब जब सत्ता परिवर्तन हो चुका है तो भाजपा को उनका सर्किट हाउस में उसी अंदाज से ठहरना ज्यादा अखर रहा है। इसके चलते भाजपा नेताओं ने सदर विधायक कर्नल धनी राम शांडिल के खिलाफ मोर्चा खोलने की मुहिम शुरू कर दी है। इसके लिए शिकायतों का पुलिंदा बनाया जा रहा है जिसे मुख्यमंत्री तक पहुंचाया जाएगा।
मंत्री के आने पर भी विधायक ने नहीं छोड़ा कमरा : भाजपा
खादी बोर्ड के उपाध्यक्ष पुरुषोत्तम गुलेरिया ने कहा कि प्रोटोकॉल के मुताबिक वीआईपी कमरा मंत्री को मिलना चाहिए। लेकिन सदर विधायक इतने मगरूर हैं कि मंत्री के सर्किट हाउस पहुंचने पर उन्होंने कमरा नहीं छोड़ा और न ही दरवाजा खोला। इसके चलते दो बार मंत्री को बाहर बैठकर कार्यकर्ताओं से मिलना पड़ा है। कहा कि विधायक मंत्री रहते भी इसी कमरे में रुकते रहे हैं। सत्ता परिवर्तन के बाद भी उनके तेवर नहीं बदले। भाजपा इसकी मुख्यमंत्री से शिकायत करेगी, जो भी प्रशासनिक अधिकारी कमरा बुक करवाने के लिए जिम्मेदार होंगे उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की जाएगी। इस मौके पर भाजपा कार्यवाहक जिलाध्यक्ष पवन गुप्ता, मंडलाध्यक्ष रविंद्र परिहार भी मौजूद थे।
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मंत्री के आने की नहीं मिली सूचना : शांडिल
विधायक कर्नल धनीराम शांडिल ने कहा कि उन्हें मंत्री के आने की सूचना किसी ने नहीं दी। यदि उन्हें पता होता कि सर्किट हाउस में मंत्री आए हैं तो वे खुद ही कमरा छोड़ देते। कहा कि भाजपा नेता यदि चाहते हैं कि वे सर्किट हाउस में न ठहरें तो वे इसे जल्द ही खाली कर देंगे। प्रोटोकॉल का ख्याल उन्हें पूरा है लेकिन जब मंत्री सर्किट हाउस पहुंचे तो वे कमरे में आराम कर रहे थे। सर्किट हाउस के कर्मचारियों का कर्तव्य बनता था कि वे उन्हें आकर मंत्री के आने की सूचना देते। सूचना न देने के लिए उन्होंने कर्मचारियों को फटकार भी लगाई थी।
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उन्होंने पूरे मामले की जांच करवाने और विधायक को कमरा नंबर छह से शिफ्ट करने की कसम खा ली है। इस बारे में सोलन के भाजपा नेता जल्द ही मुख्यमंत्री को भी शिकायत करने वाले हैं। इसमें सीधे तौर पर बार-बार विधायक के नाम पर कमरा बुक करने के लिए जिम्मेदार प्रशासनिक तंत्र की जांच करवाई जाएगी। साथ ही इस बात का भी रिकॉर्ड खंगाला जाएगा कि विधायक की रिहायश बने सर्किट हाउस सोलन के कमरा नंबर छह का भुगतान कौन कर रहा है। कांग्रेस कार्यकाल में मंत्री रहते कर्नल धनी राम शांडिल का ज्यादातर समय सर्किट हाउस में ही गुजरा है। उस समय भी भाजपा नेता उनके सर्किट हाउस में रहने को मुद्दा बनाते रहे हैं। लेकिन कड़ी आलोचना झेलने के बावजूद कर्नल सर्किट हाउस छोड़कर नहीं गए। अब जब सत्ता परिवर्तन हो चुका है तो भाजपा को उनका सर्किट हाउस में उसी अंदाज से ठहरना ज्यादा अखर रहा है। इसके चलते भाजपा नेताओं ने सदर विधायक कर्नल धनी राम शांडिल के खिलाफ मोर्चा खोलने की मुहिम शुरू कर दी है। इसके लिए शिकायतों का पुलिंदा बनाया जा रहा है जिसे मुख्यमंत्री तक पहुंचाया जाएगा।
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मंत्री के आने पर भी विधायक ने नहीं छोड़ा कमरा : भाजपा
खादी बोर्ड के उपाध्यक्ष पुरुषोत्तम गुलेरिया ने कहा कि प्रोटोकॉल के मुताबिक वीआईपी कमरा मंत्री को मिलना चाहिए। लेकिन सदर विधायक इतने मगरूर हैं कि मंत्री के सर्किट हाउस पहुंचने पर उन्होंने कमरा नहीं छोड़ा और न ही दरवाजा खोला। इसके चलते दो बार मंत्री को बाहर बैठकर कार्यकर्ताओं से मिलना पड़ा है। कहा कि विधायक मंत्री रहते भी इसी कमरे में रुकते रहे हैं। सत्ता परिवर्तन के बाद भी उनके तेवर नहीं बदले। भाजपा इसकी मुख्यमंत्री से शिकायत करेगी, जो भी प्रशासनिक अधिकारी कमरा बुक करवाने के लिए जिम्मेदार होंगे उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की जाएगी। इस मौके पर भाजपा कार्यवाहक जिलाध्यक्ष पवन गुप्ता, मंडलाध्यक्ष रविंद्र परिहार भी मौजूद थे।
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मंत्री के आने की नहीं मिली सूचना : शांडिल
विधायक कर्नल धनीराम शांडिल ने कहा कि उन्हें मंत्री के आने की सूचना किसी ने नहीं दी। यदि उन्हें पता होता कि सर्किट हाउस में मंत्री आए हैं तो वे खुद ही कमरा छोड़ देते। कहा कि भाजपा नेता यदि चाहते हैं कि वे सर्किट हाउस में न ठहरें तो वे इसे जल्द ही खाली कर देंगे। प्रोटोकॉल का ख्याल उन्हें पूरा है लेकिन जब मंत्री सर्किट हाउस पहुंचे तो वे कमरे में आराम कर रहे थे। सर्किट हाउस के कर्मचारियों का कर्तव्य बनता था कि वे उन्हें आकर मंत्री के आने की सूचना देते। सूचना न देने के लिए उन्होंने कर्मचारियों को फटकार भी लगाई थी।