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दूषित जल का असर, एक महीने में दो हजार लोग से डायरिया पीड़ित
Updated Thu, 31 May 2018 10:42 PM IST
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सोलन। जिला में दूषित जल का असर डायरिया के रूप में दिखने लगा है। आलम यह है कि मई माह में ही जिलाभर सेे 2072 मामले डायरिया के आ चुके हैं। गंदे पानी का सेवन करने से लोगों में डायरिया की बीमारी फैल रही है। इस बीमारी से निपटने के लिए अब तक स्वास्थ्य विभाग करीब पांच लाख क्लोरीन की दवाइयां वितरित कर चुका है। लेकिन जिला में अभी तक डायरिया का प्रकोप कम होता नहीं दिख रहा।
जिला में डायरिया फैलने से अस्पताल में प्रतिदिन मरीज पहुंच रहे हैं। गर्मी के बाद बरसात में यह बीमारी और ज्यादा गंभीर रूप ले सकती है। क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में भी प्रतिदिन करीब सौ से अधिक मरीज डायरिया के पहुंच रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग इस बीमारी से निपटने के लिए लोगों को जागरूक भी कर रहा है। लेकिन इस बीमारी से ग्रस्त लोग हर रोज अस्पताल पहुंच रहे हैं। बताया जा रहा है कि गर्मी के मौसम में यह बीमारी काफी हद तक बढ़ जाती है। जिलाभर में अधिकतर लोग पानी की कमी के चलते प्राकृतिक स्रोतों का पानी इस्तेमाल कर रहे हैं। इस वजह से भी लोग इस बीमारी के चपेट में आ रहे हैं।
यह है लक्षण और बचाव
डायरिया की वजह से मरीज के पेट में दर्द, उल्टी और दस्त शुरू हो जाते हैं। यदि इस बीमारी पर समय रहते काबू नहीं पाया जाए तो किसी व्यक्ति की जान भी जा सकती। इस बीमारी से बचने के लिए लोगों को स्वच्छ पानी का सेवन करना चाहिए, बासी भोजन नहीं खाना चाहिए और यदि डायरिया के ऐसे कोई लक्षण दिखे तो तुरंत अस्पताल में जाकर चेकअप करवाएं।
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उबाल कर करें पानी का इस्तेमाल : गुप्ता
जिला स्वास्थ्य अधिकारी एनके गुप्ता ने कहा कि जिलाभर में इस माह 2072 मामले डायरिया के मरीजों के आ चुके हैं। गंदे पानी के सेवन से यह बीमारी फैलती है। लोगों को उबले हुए पानी का ही इस्तेमाल करना चाहिए। लोगों को पीने के पानी और अपने खानपान पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
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जिला में डायरिया फैलने से अस्पताल में प्रतिदिन मरीज पहुंच रहे हैं। गर्मी के बाद बरसात में यह बीमारी और ज्यादा गंभीर रूप ले सकती है। क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में भी प्रतिदिन करीब सौ से अधिक मरीज डायरिया के पहुंच रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग इस बीमारी से निपटने के लिए लोगों को जागरूक भी कर रहा है। लेकिन इस बीमारी से ग्रस्त लोग हर रोज अस्पताल पहुंच रहे हैं। बताया जा रहा है कि गर्मी के मौसम में यह बीमारी काफी हद तक बढ़ जाती है। जिलाभर में अधिकतर लोग पानी की कमी के चलते प्राकृतिक स्रोतों का पानी इस्तेमाल कर रहे हैं। इस वजह से भी लोग इस बीमारी के चपेट में आ रहे हैं।
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यह है लक्षण और बचाव
डायरिया की वजह से मरीज के पेट में दर्द, उल्टी और दस्त शुरू हो जाते हैं। यदि इस बीमारी पर समय रहते काबू नहीं पाया जाए तो किसी व्यक्ति की जान भी जा सकती। इस बीमारी से बचने के लिए लोगों को स्वच्छ पानी का सेवन करना चाहिए, बासी भोजन नहीं खाना चाहिए और यदि डायरिया के ऐसे कोई लक्षण दिखे तो तुरंत अस्पताल में जाकर चेकअप करवाएं।
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उबाल कर करें पानी का इस्तेमाल : गुप्ता
जिला स्वास्थ्य अधिकारी एनके गुप्ता ने कहा कि जिलाभर में इस माह 2072 मामले डायरिया के मरीजों के आ चुके हैं। गंदे पानी के सेवन से यह बीमारी फैलती है। लोगों को उबले हुए पानी का ही इस्तेमाल करना चाहिए। लोगों को पीने के पानी और अपने खानपान पर विशेष ध्यान देना चाहिए।