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डायरिया के मामले मिलने पर स्वास्थ्य विभाग को दें सूचना
Updated Thu, 26 Apr 2018 10:49 PM IST
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कंडाघाट (सोलन)। क्षेत्र के किसी गांव में डायरिया के 3 से 4 केस पाए जाते हैं तो इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को देनी होगी।
स्वास्थ्य केंद्र में तैनात रैपिड रिस्पांस टीम को तुरंत वहां भेजकर स्थिति को नियंत्रित किया जाएगा। यह टीम संबंधित क्षेत्रों के पेयजल स्रोतों और दूसरे खाद्य पदार्थों की भी जांच करेगी। यह निर्देश एसडीएम कंडाघाट संजीव धीमान ने दिए। वह वीरवार को उपमंडल मुख्यालय कंडाघाट के मिनी सचिवालय में गर्मियों के मौसम में जलजनित बीमारियों की रोकथाम को लेकर आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
बैठक में सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। उन्होंने अधिकारियों को हिदायत दी कि जलस्रोतों की साफ सफाई की जाए ताकि गर्मियों के मौसम में पैदा होने वाली जलजनित बीमारियों से बचा जा सके। बैठक में यह भी निर्देश दिए गए की जल भंडारण टैंक, स्कूल की टंकियां और अन्य जल स्रोतों की आईपीएच विभाग के साथ मिलकर बेहतर सफाई की जाए। जलस्रोतों में क्लोरीन की गोलियां डाली जाएं ताकि खतरनाक जलजनित बीमारियों से बचा जा सके। खंड चिकित्सा अधिकारी सायरी डॉ. एसएल वर्मा ने कहा कि सफाई करने और क्लोरीन की गोलियां डालने के बाद उन जल स्रोतों पर तिथि निर्धारित की जाए ताकि यह पता रहे कि इन स्रोतों की कब सफाई की गई थी। इसके साथ यह भी तय करना होगा कि पेयजल स्रोतों का पानी पीने योग्य है या नहीं। इस मौके पर बीडीओ कंडाघाट बीआर वर्मा, जयंत शर्मा, पद्म देव, मनोज कुमार और राजेंद्र ठाकुर सहित अन्य विभागों के कर्मचारी मौजूद रहे।
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स्वास्थ्य केंद्र में तैनात रैपिड रिस्पांस टीम को तुरंत वहां भेजकर स्थिति को नियंत्रित किया जाएगा। यह टीम संबंधित क्षेत्रों के पेयजल स्रोतों और दूसरे खाद्य पदार्थों की भी जांच करेगी। यह निर्देश एसडीएम कंडाघाट संजीव धीमान ने दिए। वह वीरवार को उपमंडल मुख्यालय कंडाघाट के मिनी सचिवालय में गर्मियों के मौसम में जलजनित बीमारियों की रोकथाम को लेकर आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
बैठक में सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। उन्होंने अधिकारियों को हिदायत दी कि जलस्रोतों की साफ सफाई की जाए ताकि गर्मियों के मौसम में पैदा होने वाली जलजनित बीमारियों से बचा जा सके। बैठक में यह भी निर्देश दिए गए की जल भंडारण टैंक, स्कूल की टंकियां और अन्य जल स्रोतों की आईपीएच विभाग के साथ मिलकर बेहतर सफाई की जाए। जलस्रोतों में क्लोरीन की गोलियां डाली जाएं ताकि खतरनाक जलजनित बीमारियों से बचा जा सके। खंड चिकित्सा अधिकारी सायरी डॉ. एसएल वर्मा ने कहा कि सफाई करने और क्लोरीन की गोलियां डालने के बाद उन जल स्रोतों पर तिथि निर्धारित की जाए ताकि यह पता रहे कि इन स्रोतों की कब सफाई की गई थी। इसके साथ यह भी तय करना होगा कि पेयजल स्रोतों का पानी पीने योग्य है या नहीं। इस मौके पर बीडीओ कंडाघाट बीआर वर्मा, जयंत शर्मा, पद्म देव, मनोज कुमार और राजेंद्र ठाकुर सहित अन्य विभागों के कर्मचारी मौजूद रहे।
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