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शूलिनी यूनिवर्सिटी जलवायु परिवर्तन पर कोर्स करेगी शुरू
Updated Sun, 05 Nov 2017 11:16 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
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सोलन।
शूलिनी यूनिवर्सिटी जल्द ही आपदा प्रबंधन और जलवायु परिवर्तन पर डिप्लोमा कोर्स शुरू करेगी। यूनिवर्सिटी नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजास्टर मैनेजमेंट के साथ संपर्क में है ताकि कोर्स का पाठ्यक्रम और अन्य पहलुओं को अच्छे से तैयार कर उनको सही प्रकार से लागू किया जा सके।
वाइस चांसलर प्रो पीके खोसला ने माउंटेन रिर्सोसेज एंड लाइवलीहुड्स इन हिंदू कुश हिमालयज हायर एजुकेशन रिसर्च एंड रीजनल कोलेबरेशन फॉर सस्टेनेबल माउंटेन डेवलपमेंट पर आयोजित एक कॉंफ्रेंस में भी हिस्सा लिया। यह कॉंफ्रेंस एचयूसी की वार्षिक बैठक-2017 के साथ हुई जो कि सिचुआन यूनिवर्सिटी, चेंगदू (चीन) में आयोजित की गई।
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इसका आयोजन इंटरनेशनल सेंटर फॉर इंटीग्रेटेड माउंटेन डेवलपमेंट (आईसीआईएमओडी) की ओर से किया गया। इस दौरान, शूलिनी यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर ने तीन एमओयू पर भी हस्ताक्षर किए। यह करार काबुल यूनिवर्सिटी, अफगानिस्तान, एग्रीकल्चर एंड फॉरेस्ट्री यूनिवर्सिटी, चितवन, नेपाल और चटगांव यूनिवर्सिटी, बांग्लादेश के साथ किए गए हैं। शूलिनी यूनिवर्सिटी हिमालयन क्षेत्रों में रहने वाली जनसंख्या की आजीविका में सुधार के लिए अनुसंधान के क्षेत्र में सक्रिय रूप से काम कर रही है। इस संबंध में एक नया केंद्र सेंटर ऑफ रिसर्च ऑन हिमालयन सस्टेनेबिलिटी एंड डेवलपमेंट को भी यूनिवर्सिटी में ही स्थापित किया गया है।
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