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मशरूम उत्पादन से तीन माह में कमा सकते हैं 10 लाख : डॉ. जानकीराम
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अमर उजाला ब्यूरो
सोलन। डीएमआर सोलन में शुक्रवार को 21वीं अखिल भारतीय खुंब परियोजना कार्यशाला शुरू हुई। इसका शुभारंभ सहायक महानिदेशक (बागवानी विज्ञान) आईसीएआर नई दिल्ली डॉ. टी. जानकीराम ने किया। डॉ. एनएस अत्री, डॉ. टीएन लखनपाल, डॉ. सीएल झंडाइक, पूर्व निदेशक डीएमआर डॉ. मनजीत सिंह, डॉ. आरपी सिंह विशेष रूप से मौजूद रहे।
डीएमआर सोलन के निदेशक डॉ. वीपी शर्मा ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। इसमें 27 राज्यों में स्थित कृषि विश्वविद्यालयों और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के विभिन्न संस्थानों में 32 परियोजनाएं मशरूम के बहुस्थानीय अनुसंधान पर कार्य कर रही हैं। मशरूम अनुसंधान निदेशालय के निदेशक डॉ. शर्मा ने सभी अतिथियों को संस्थान की सभी प्रयोगशाला एवं फसल उत्पादन सुविधा का भ्रमण भी करवाया। इस अवसर पर डॉ. टी. जानकीराम ने मशरूम अनुसंधान निदेशालय के दो तकनीकी प्रकाशनों शिटाके मशरूम उत्पादन एवं विभिन्न मशरूम उत्पादों की रिपोर्ट का विमोचन किया।
उन्होंने कहा कि मशरूम उत्पादन से मात्र तीन माह में ही 10 लाख तक कमा सकते हैं। इस दो दिवसीय कार्यशाला में मशरूम उत्पादन और अनुसंधान के विभिन्न पहलुओं पर गहन-विचार विमर्श किया जाएगा। इस अवसर पर डीएमआर के सभी वैज्ञानिकों सहित देश के विभिन्न संस्थानों से लगभग 50 वैज्ञानिक भाग ले रहे हैं।
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सोलन। डीएमआर सोलन में शुक्रवार को 21वीं अखिल भारतीय खुंब परियोजना कार्यशाला शुरू हुई। इसका शुभारंभ सहायक महानिदेशक (बागवानी विज्ञान) आईसीएआर नई दिल्ली डॉ. टी. जानकीराम ने किया। डॉ. एनएस अत्री, डॉ. टीएन लखनपाल, डॉ. सीएल झंडाइक, पूर्व निदेशक डीएमआर डॉ. मनजीत सिंह, डॉ. आरपी सिंह विशेष रूप से मौजूद रहे।
डीएमआर सोलन के निदेशक डॉ. वीपी शर्मा ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। इसमें 27 राज्यों में स्थित कृषि विश्वविद्यालयों और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के विभिन्न संस्थानों में 32 परियोजनाएं मशरूम के बहुस्थानीय अनुसंधान पर कार्य कर रही हैं। मशरूम अनुसंधान निदेशालय के निदेशक डॉ. शर्मा ने सभी अतिथियों को संस्थान की सभी प्रयोगशाला एवं फसल उत्पादन सुविधा का भ्रमण भी करवाया। इस अवसर पर डॉ. टी. जानकीराम ने मशरूम अनुसंधान निदेशालय के दो तकनीकी प्रकाशनों शिटाके मशरूम उत्पादन एवं विभिन्न मशरूम उत्पादों की रिपोर्ट का विमोचन किया।
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उन्होंने कहा कि मशरूम उत्पादन से मात्र तीन माह में ही 10 लाख तक कमा सकते हैं। इस दो दिवसीय कार्यशाला में मशरूम उत्पादन और अनुसंधान के विभिन्न पहलुओं पर गहन-विचार विमर्श किया जाएगा। इस अवसर पर डीएमआर के सभी वैज्ञानिकों सहित देश के विभिन्न संस्थानों से लगभग 50 वैज्ञानिक भाग ले रहे हैं।
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