{"_id":"5a0f14b34f1c1bec538bdc80","slug":"141510937779-solan-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"तकनीकी ज्ञान में भी दक्ष होंगे कॉलेज प्राध्यापक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तकनीकी ज्ञान में भी दक्ष होंगे कॉलेज प्राध्यापक
Updated Fri, 17 Nov 2017 10:36 PM IST
विज्ञापन
Teacher
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नालागढ़ (सोलन)। प्राध्यापकों को अब शैक्षणिक के अलावा तकनीकी ज्ञान में भी दक्ष किया जाएगा। आधुनिक युग में शिक्षा पूरी तरह से कंप्यूटर और आनलाइन हो चुकी है। स्कूलों में प्रोजेक्टरों से लेकर तमाम तरह की आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल बच्चों को पढ़ाने में किया जा रहा है। कॉलेज स्तर की पढ़ाई स्कूलों के मुकाबले अधिक आधुनिक हो चुकी है। ऐसे में प्राध्यापकों को भी तकनीकी ज्ञान होना जरूरी है। ब्लैक बोर्ड पर चौक घिसने से बच्चों को उतना समझ नहीं आता जितना प्रोजेक्टर के माध्यम से समझाने पर आता है। लेकिन ऐसे में प्राध्यापकों को भी इस तकनीक में दक्ष होना जरूरी है जिसे लेकर विभाग ने मुहिम शुरू कर दी है।
इसी मकसद को नालागढ़ कॉलेज में प्राध्यापकों के लिए माइक्रोसॉफ्ट टूल्स को लेकर कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें शिक्षकों को अध्यापन में उपयोग किए जाने वाले आधुनिक माइक्रोसॉफ्ट टूल्स के बारे में जानकारी दी गई। कार्यशाला प्राचार्य प्रो. बीएस राठौर के प्रतिनिधित्व में आयोजित हुई। इसमें प्राध्यापकों ने अध्यापन कार्य में कंप्यूटर के योगदान के बारे में चर्चा की। इसे सफल बनाने में माइक्रोसॉफ्ट इनोवेटिव टीम ने अपना योगदान दिया। कार्यशाला का मुख्य मकसद अध्यापन में उपयोग किए जाने वाले आधुनिक माइक्रोसॉफ्ट टूल्स के बारे में जागरूक करना था। कार्यशाला के समन्वयक डॉ. बीएस राठौर ने कहा कि अध्यापन कार्य को आकर्षक बनाने के लिए कक्षा में नई टेक्नोलॉजी को उपयोग में लाना आवश्यक है। आजकल हर स्तर पर कंप्यूटर का इस्तेमाल होता है। प्रोजेक्टर के जरिये किसी विषय वस्तु के बारे में जानकारी देना ज्यादा आसान है। ब्लैक बोर्ड में चौक घिसने से बच्चों को उतना समझ नहीं आता जितना प्रोजेक्टर से जरिये पता चलता है। कार्यशाला में प्रो. रणजोध, अनुपमा पाठक, डॉ. जसवंत, डॉ. अंजौरी, राजेश चौहान, डॉ. प्रियंका वैद्य, डॉ. हरीश, प्रो. कृति, पंकज सहित 35 प्राध्यापकों ने भाग लिया।
लाभदायक साबित होंगे यह कार्यक्रम : डॉ. महंत
कॉलेज प्राचार्य डॉ. केसी महंत ने कहा कि इस तरह की कार्यशालाओं का आयोजन भविष्य में भी होना चाहिए। ऐसे कार्यक्रमों से जरिये लोग घर पूरे दुनिया से जुड़ सकते हैं। आधुनिक युग में बच्चों को हर तरह की जानकारी होना जरूरी है। आने वाले दिनों में कॉलेज में तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा का जोर होगा। ऐसे में यह कार्यक्रम लाभदायक सिद्ध होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
इसी मकसद को नालागढ़ कॉलेज में प्राध्यापकों के लिए माइक्रोसॉफ्ट टूल्स को लेकर कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें शिक्षकों को अध्यापन में उपयोग किए जाने वाले आधुनिक माइक्रोसॉफ्ट टूल्स के बारे में जानकारी दी गई। कार्यशाला प्राचार्य प्रो. बीएस राठौर के प्रतिनिधित्व में आयोजित हुई। इसमें प्राध्यापकों ने अध्यापन कार्य में कंप्यूटर के योगदान के बारे में चर्चा की। इसे सफल बनाने में माइक्रोसॉफ्ट इनोवेटिव टीम ने अपना योगदान दिया। कार्यशाला का मुख्य मकसद अध्यापन में उपयोग किए जाने वाले आधुनिक माइक्रोसॉफ्ट टूल्स के बारे में जागरूक करना था। कार्यशाला के समन्वयक डॉ. बीएस राठौर ने कहा कि अध्यापन कार्य को आकर्षक बनाने के लिए कक्षा में नई टेक्नोलॉजी को उपयोग में लाना आवश्यक है। आजकल हर स्तर पर कंप्यूटर का इस्तेमाल होता है। प्रोजेक्टर के जरिये किसी विषय वस्तु के बारे में जानकारी देना ज्यादा आसान है। ब्लैक बोर्ड में चौक घिसने से बच्चों को उतना समझ नहीं आता जितना प्रोजेक्टर से जरिये पता चलता है। कार्यशाला में प्रो. रणजोध, अनुपमा पाठक, डॉ. जसवंत, डॉ. अंजौरी, राजेश चौहान, डॉ. प्रियंका वैद्य, डॉ. हरीश, प्रो. कृति, पंकज सहित 35 प्राध्यापकों ने भाग लिया।
विज्ञापन
लाभदायक साबित होंगे यह कार्यक्रम : डॉ. महंत
कॉलेज प्राचार्य डॉ. केसी महंत ने कहा कि इस तरह की कार्यशालाओं का आयोजन भविष्य में भी होना चाहिए। ऐसे कार्यक्रमों से जरिये लोग घर पूरे दुनिया से जुड़ सकते हैं। आधुनिक युग में बच्चों को हर तरह की जानकारी होना जरूरी है। आने वाले दिनों में कॉलेज में तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा का जोर होगा। ऐसे में यह कार्यक्रम लाभदायक सिद्ध होंगे।
विज्ञापन