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सोलन शहर में अब नहीं बिक सकेगी खुली कुल्फी
Updated Wed, 21 Mar 2018 10:22 PM IST
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सोलन। चिलचिलाती गरमी के बीच सड़क किनारे अब आपको कुलफी का स्वाद नहीं मिलेगा। प्रशासन ने खुले में कुलफी बेचने पर प्रतिबंध लगा दिया है। प्रशासन का तर्क है कि खुले में खाद्य पदार्थ बेचने से बीमारियां फैलने की आशंका रहती है। इसलिए यह प्रतिबंध लगाया जा रहा है। इस बाबत डीसी विनोद कुमार ने आवश्यक दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं। शहर में वही लोग कुलफी और आइसक्रीम बेच पाएंगे जो प्रमाणित पानी का इस्तेमाल करेंगे।
गर्मियों और बारिश के मौसम के दृष्टिगत हैजा, आंत्रशोथ, अतिसार, दस्त तथा विभिन्न जल जनित रोगों से बचाव के लिए कुछ आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों के अनुसार ऐसे खाद्य पदार्थों की बिक्री पर तुरंत प्रभाव से रोक लगाई गई है। अधिक पके, कम पके, सड़े, कटे तथा खराब फल एवं सब्जियों की बिक्री और वितरण पर प्रतिबंध रहेगा। खुले में बिक्री के लिए रखी गई मिठाई, चाट, बिस्कुट, दूध, कोल्ड ड्रिंक, मछली, मीट और अन्य खाद्य पदार्थों की बिक्री पर भी रोक रहेगी। बिना अप्रमाणित पानी के बनी आइसक्रीम और कुलफी की बिक्री पर भी प्रतिबंध रहेगा। शहरों और कस्बों के पास ऐसी किसी भी व्यापारिक गतिविधि पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं जिससे बीमारी फैलने का खतरा है। डीसी ने आईपीएच विभाग और संबंधित विभागों को सभी जल भंडारण टैंकों में ब्लीचिंग पाउडर डालने तथा सफाई करने के निर्देश भी दिए हैं।
इन अधिकारियों को सौंपा जांच का जिम्मा
मुख्य चिकित्सा अधिकारी, चिकित्सा अधिकारी, खंड चिकित्सा अधिकारी, विभिन्न नागरिक, ग्रामीण अस्पतालों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, नागरिक औषधालयों, स्वास्थ्य पर्यवेक्षकों, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी, आयुर्वेदिक अधिकारी, खाद्य सुरक्षा अधिकारी, खाद्य निरीक्षक, नगर परिषद और नगर पंचायतों को अपने क्षेत्रों में सफाई और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता का ध्यान रखने के निर्देश दिए हैं। सफाई निरीक्षक और एसडीएम भी ऐसे भवनों, दुकानों का निरीक्षण करेंगे जहां खाद्य पदार्थों का भंडारण किया जाता है।
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गर्मियों और बारिश के मौसम के दृष्टिगत हैजा, आंत्रशोथ, अतिसार, दस्त तथा विभिन्न जल जनित रोगों से बचाव के लिए कुछ आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों के अनुसार ऐसे खाद्य पदार्थों की बिक्री पर तुरंत प्रभाव से रोक लगाई गई है। अधिक पके, कम पके, सड़े, कटे तथा खराब फल एवं सब्जियों की बिक्री और वितरण पर प्रतिबंध रहेगा। खुले में बिक्री के लिए रखी गई मिठाई, चाट, बिस्कुट, दूध, कोल्ड ड्रिंक, मछली, मीट और अन्य खाद्य पदार्थों की बिक्री पर भी रोक रहेगी। बिना अप्रमाणित पानी के बनी आइसक्रीम और कुलफी की बिक्री पर भी प्रतिबंध रहेगा। शहरों और कस्बों के पास ऐसी किसी भी व्यापारिक गतिविधि पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं जिससे बीमारी फैलने का खतरा है। डीसी ने आईपीएच विभाग और संबंधित विभागों को सभी जल भंडारण टैंकों में ब्लीचिंग पाउडर डालने तथा सफाई करने के निर्देश भी दिए हैं।
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इन अधिकारियों को सौंपा जांच का जिम्मा
मुख्य चिकित्सा अधिकारी, चिकित्सा अधिकारी, खंड चिकित्सा अधिकारी, विभिन्न नागरिक, ग्रामीण अस्पतालों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, नागरिक औषधालयों, स्वास्थ्य पर्यवेक्षकों, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी, आयुर्वेदिक अधिकारी, खाद्य सुरक्षा अधिकारी, खाद्य निरीक्षक, नगर परिषद और नगर पंचायतों को अपने क्षेत्रों में सफाई और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता का ध्यान रखने के निर्देश दिए हैं। सफाई निरीक्षक और एसडीएम भी ऐसे भवनों, दुकानों का निरीक्षण करेंगे जहां खाद्य पदार्थों का भंडारण किया जाता है।
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