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परवाणू में बंदरों के आंतक से लोग घर के पिंजरे में कैद होने को मजबूर

Thu, 14 Dec 2017 11:17 PM IST
Updated Thu, 14 Dec 2017 11:17 PM IST
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परवाणू में बंदरों के आंतक से लोग घर के पिंजरे में कैद होने को मजबूर
बंदर

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परवाणू (सोलन)। शहर में दिन प्रतिदिन बंदरों का आतंक बढ़ता जा रहा है। शहर के करीब अब सभी सेक्टरों में बंदरों की सक्रियता बढ़ गई है। बंदर जहां बाहर रखा सामान उठा ले जाते हैं वहीं कई बार रसोईघर में घुसकर भी रोटियां खा लेते हैं। आलम यह है कि लोगों को घरों को लोहे की जालियों से घेरना पड़ रहा ताकि बंदर अंदर न आ सके। घर की छत पर दो पल आराम से बैठना तक लोगों का बंदरों ने मुश्किल कर रखा है।
लोग अपने घरों के पिंजरों में बंद रहने को मजबूर हो गए हैं। शहर में बंदरों का आतंक इतना है कि अगर घर का दरवाजा थोड़ी देर के लिए खुला रह जाए तो बंदर बिना किसी डर के घर में घुस कर उत्पात मचा देते हैं। बंदरों के उत्पात से बचने के लिए लोगों ने अपने घरों को पिंजरे की तरह बना दिया है। इसमें वह बंदर के डर से दुबके रहते हैं। हालांकि अभी यह योजना सिर्फ परवाणू के सेक्टर छह में अपनाई गई है। लेकिन बंदरों के बढ़ते आतंक को देखते हुए अन्य सेक्टरों के लोगों को भी अपने घरों के बाहर जाली लगवाना पड़ रही है।
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जानकारी के अनुसार परवाणू के सेक्टर जंगलों से सटे हैं। इसके साथ सेब मंडी भी है। इसके चलते इस क्षेत्र में बंदरों की अधिक संख्या है। उन्हें जंगलों और मंडी में खाने को कुछ नहीं मिलता वह लोगों के घरों तक पहुंच रहे है। यदि बंदरों के भगाने की कोशिश की जाए तो यह लोगों को काटने के लिए दौड़ते हैं। कई दफा तो यह बच्चों और महिलाओं को भी अपना शिकार बना चुके हैं। इसके चलते परिजन अपने बच्चों को बाहर खेलने के लिए भी नहीं भेजते। इसके अलावा घर की छत पर कपड़े सूखाने के लिए भी नहीं डाल पाते। बंदर कपड़ों को फाड़ देते हैं।
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बच्चों पर भी कर चुके हैं हमला
पिछले वर्ष परवाणू के सेक्टर चार में एक लंगूर छोटे बच्चे को उठाकर दीवार पर ले गया था। लोगों ने बच्चे को छुड़ाने के लिए शोर मचाया तो लंगूर ने बच्चे को दीवार से पटक दिया था। हालांकि इस दौरान बच्चे को अधिक चोटें नहीं आई थीं। लेकिन इससे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया था। प्रशासन ने अभी तक बंदरों के आतंक से बचने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं। हालांकि वन विभाग कभी-कभी बंदरों को पिंजरों में पकड़ने का करता है लेकिन उससे भी कोई सफलता नहीं मिल रही है। लोगों की समस्या जस की तस बनी हुई है।


बंदरों को पकड़ने की चलेगी मुहिम
नगर परिषद् परवाणू के अध्यक्ष ठाकुर दास शर्मा ने बताया कि परवाणू में बंदरों से लोगों को हो रही परेशानी का जल्द समाधान होगा। अब नगर परिषद भी वन विभाग के साथ बंदरों को पकड़ने में सहायता करेगी। परवाणू वन विभाग के रेंज ऑफिसर एसपी बरार ने बताया कि इन दिनों परवाणू में बंदरों को पकड़ने के लिए पिंजरे लगाने का अभियान चल रहा है। दो दिन में सेक्टर 6 से 43 बंदर पकड़े गए हैं जिनकी नस बंदी के लिए उन्हें शिमला भेज दिया है।
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