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परवाणू में मलेरिया के पंद्रह मामले पॉजिटिव
Updated Fri, 01 Sep 2017 10:28 PM IST
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परवाणू (सोलन)। परवाणू सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में अब डेंगू के साथ मलेरिया ने भी अपनी दस्तक दे दी है। अब तक औद्योगिक शहर सहित आसपास लगते ग्रामीण इलाकों में डेंगू के चार और मलेरिया के 15 मामले सामने आ चुके हैं। यह सभी केस परवाणू के साथ लगते टकसाल और कामली में बनाई गई झुग्गी झोंपड़ियों से सामने आए हैं। कुछ मरीजों का इलाज परवाणू के ईएसआई अस्पताल में चल रहा है और कुछ को दवाईयां देकर अस्पताल से छुट्टी दे दी है।
बरसात के मौसम के आखिरी दौर में स्थानीय ईएसआई अस्पताल में पहले से दोगुना ज्यादा ओपीडी में दिन प्रति दिन आने वाले मरीजों की तादाद बढ़ती जा रही है। इनमें ज्यादातर मरीज बुखार, खांसी और जुकाम के आ रहे हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि शहर में डेंगू का डर किस तरह बना हुआ है। स्थानीय ईएसआई अस्पताल के कार्यकारी अधिकारी डॉक्टर कपिल ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों के अनुसार गठित की गई कमेटियों ने आसपास के झुग्गी झोंपड़ियों में निरीक्षण का कार्य शुरू कर वहां रहने वाले लोगों को सफाई व्यवस्था बनाए रखने की हिदायत दी है। इसके अलावा लोगों को डेंगू औरमलेरिया के लक्षण, इसके बचाव के बारे में भी विस्तार से जानकारी प्रदान कर रहे हैं। शहर में बढ़ते हुए डेंगू और मलेरिया के केस को देखते हुए नगर परिषद ने तत्काल प्रभाव से अपने कर्मचारियों को शहर तथा इसके आसपास के इलाकों में दवाई का छिड़काव शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
कर्मचारियों को किया तैनात : नगर परिषद
नगर परिषद के प्रधान ठाकुर दास शर्मा ने बताया कि डेंगू और मलेरिया के बढ़ते मामलों को देखते हुए कर्मचारियों ने छिड़काव का कार्य शुरू कर दिया है। शुक्रवार को परवाणू के सेक्टर दो के झुग्गी झोंपड़ियों के आसपास छिड़काव किया गया। इसे आने वाले दिनों में भी जारी रखा जाएगा ताकि बीमारी फैलकर दूसरे इलाकों को अपने चपेट में न ले सके।
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खांसी और बुखार होने पर अस्पताल जाएं
स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कपिल ने बताया कि लोगों को जागरूक रहने की जरूरत है। खांसी और बुखार के लक्षण होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। यदि डेंगू या मलेरिया के लक्षण पाए जाते हैं तो डॉक्टर की सलाह पर अमल कर उपचार करवाएं। परवाणू में बाहरी राज्यों से आने वाले मजदूर झुग्गियों में रह रहे हैं। इनकी ज्यादातर झुग्गियां ऐसी जगह हैं जहां पानी एकत्र होने की संभावना ज्यादा है। उन्होंने कहा कि इन इलाकों में दवा के छिड़काव के निर्देश दिए हैं।
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बरसात के मौसम के आखिरी दौर में स्थानीय ईएसआई अस्पताल में पहले से दोगुना ज्यादा ओपीडी में दिन प्रति दिन आने वाले मरीजों की तादाद बढ़ती जा रही है। इनमें ज्यादातर मरीज बुखार, खांसी और जुकाम के आ रहे हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि शहर में डेंगू का डर किस तरह बना हुआ है। स्थानीय ईएसआई अस्पताल के कार्यकारी अधिकारी डॉक्टर कपिल ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों के अनुसार गठित की गई कमेटियों ने आसपास के झुग्गी झोंपड़ियों में निरीक्षण का कार्य शुरू कर वहां रहने वाले लोगों को सफाई व्यवस्था बनाए रखने की हिदायत दी है। इसके अलावा लोगों को डेंगू औरमलेरिया के लक्षण, इसके बचाव के बारे में भी विस्तार से जानकारी प्रदान कर रहे हैं। शहर में बढ़ते हुए डेंगू और मलेरिया के केस को देखते हुए नगर परिषद ने तत्काल प्रभाव से अपने कर्मचारियों को शहर तथा इसके आसपास के इलाकों में दवाई का छिड़काव शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
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कर्मचारियों को किया तैनात : नगर परिषद
नगर परिषद के प्रधान ठाकुर दास शर्मा ने बताया कि डेंगू और मलेरिया के बढ़ते मामलों को देखते हुए कर्मचारियों ने छिड़काव का कार्य शुरू कर दिया है। शुक्रवार को परवाणू के सेक्टर दो के झुग्गी झोंपड़ियों के आसपास छिड़काव किया गया। इसे आने वाले दिनों में भी जारी रखा जाएगा ताकि बीमारी फैलकर दूसरे इलाकों को अपने चपेट में न ले सके।
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खांसी और बुखार होने पर अस्पताल जाएं
स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कपिल ने बताया कि लोगों को जागरूक रहने की जरूरत है। खांसी और बुखार के लक्षण होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। यदि डेंगू या मलेरिया के लक्षण पाए जाते हैं तो डॉक्टर की सलाह पर अमल कर उपचार करवाएं। परवाणू में बाहरी राज्यों से आने वाले मजदूर झुग्गियों में रह रहे हैं। इनकी ज्यादातर झुग्गियां ऐसी जगह हैं जहां पानी एकत्र होने की संभावना ज्यादा है। उन्होंने कहा कि इन इलाकों में दवा के छिड़काव के निर्देश दिए हैं।