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Solan News: लंपी वायरस का संक्रमण बढ़ा, दो दिन में आए 50 नए मामले,
Tue, 25 Aug 2026 12:59 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Tue, 25 Aug 2026 12:59 AM IST
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अब तक कुल संक्रमित पशुओं का आंकड़ा पहुंचा 90
12 हजार पशुओं को लगी गोटपॉक्स वैक्सीन, विभाग ने अभियान किया तेज
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। सोलन जिले में लंपी वायरस का प्रकोप तेजी से फैल रहा है। पिछले दो दिनों के भीतर जिले में संक्रमण के 50 नए मामले दर्ज किए गए हैं, जिससे कुल संक्रमित पशुओं का आंकड़ा बढ़कर 90 हो गया है। मामलों में आए इस अचानक उछाल से पशुपालकों में हड़कंप मच गया है, वहीं पशुपालन विभाग भी पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है।
संक्रमण को रोकने के लिए विभाग ने टीकाकरण अभियान में तेजी ला दी है। विभाग की टीमों ने अब तक करीब 12,000 पशुओं को गोटपॉक्स का टीका लगा दिया है। सीमावर्ती और मैदानी इलाकों बीबीएन (बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़), परवाणू और कुनिहार में वायरस का फैलाव सबसे अधिक देखा जा रहा है। पशुपालन विभाग की विशेष टीमें प्रभावित गांवों और पंचायतों में घर-घर जाकर पशुओं की जांच और टीकाकरण कर रही हैं। अधिकारियों ने पशुपालकों से अपील की है कि किसी भी पशु में लक्षण दिखने पर उसे तुरंत अलग करें और नजदीकी पशु चिकित्सा केंद्र को सूचित करें।
कोट
पशुपालकों से अपील की है कि यदि किसी भी पशु में इस बीमारी के लक्षण दिखें, तो तुरंत नजदीकी पशु चिकित्सा केंद्र को सूचित करें। उन्होंने बताया कि अभी तक करीब 90 मामले आ चुके हैं। हालांकि अभी किसी पशु की मौत नहीं हुई है। जिन क्षेत्रों से यह मामले आ रहे हैं, वहां पर स्थिति स्थिर है। लंपी ज्यादा फैल नहीं रहा है। -डॉ. विवेक लांबा, उपनिदेशक, पशुपालन विभाग
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इनसेट
लंपी रोग के मुख्य लक्षण
पशुओं की त्वचा पर छोटी-बड़ी गांठें या चकत्ते बनने लगते हैं।
संक्रमित पशु को तेज बुखार आता है और वह सुस्त पड़ जाता है।
दुधारू पशुओं के दूध उत्पादन क्षमता में अचानक भारी कमी आती है।
पशु की आंखों और नाक से लगातार पानी बहने लगता है।
पशु खाना-पीना छोड़ देता है, जिससे वह लगातार शारीरिक रूप से कमजोर होने लगता है।
इनसेट
बचाव और रोकथाम के उपाय
रोग के लक्षण दिखते ही संक्रमित पशु को स्वस्थ पशुओं से तुरंत अलग स्थान पर बांधें।
पशुपालन विभाग की सलाह पर अपने पशुओं को गोटपॉक्स टीका अवश्य लगवाएं।
पशुओं के रहने के स्थान पर मक्खी, मच्छर को पनपने से रोकने के लिए नियमित रूप से कीट नाशक दवाइयों का छिड़काव करें।
प्रभावित क्षेत्रों से पशुओं की खरीद-फरोख्त या आवाजाही से फिलहाल परहेज करें।
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12 हजार पशुओं को लगी गोटपॉक्स वैक्सीन, विभाग ने अभियान किया तेज
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। सोलन जिले में लंपी वायरस का प्रकोप तेजी से फैल रहा है। पिछले दो दिनों के भीतर जिले में संक्रमण के 50 नए मामले दर्ज किए गए हैं, जिससे कुल संक्रमित पशुओं का आंकड़ा बढ़कर 90 हो गया है। मामलों में आए इस अचानक उछाल से पशुपालकों में हड़कंप मच गया है, वहीं पशुपालन विभाग भी पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है।
संक्रमण को रोकने के लिए विभाग ने टीकाकरण अभियान में तेजी ला दी है। विभाग की टीमों ने अब तक करीब 12,000 पशुओं को गोटपॉक्स का टीका लगा दिया है। सीमावर्ती और मैदानी इलाकों बीबीएन (बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़), परवाणू और कुनिहार में वायरस का फैलाव सबसे अधिक देखा जा रहा है। पशुपालन विभाग की विशेष टीमें प्रभावित गांवों और पंचायतों में घर-घर जाकर पशुओं की जांच और टीकाकरण कर रही हैं। अधिकारियों ने पशुपालकों से अपील की है कि किसी भी पशु में लक्षण दिखने पर उसे तुरंत अलग करें और नजदीकी पशु चिकित्सा केंद्र को सूचित करें।
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पशुपालकों से अपील की है कि यदि किसी भी पशु में इस बीमारी के लक्षण दिखें, तो तुरंत नजदीकी पशु चिकित्सा केंद्र को सूचित करें। उन्होंने बताया कि अभी तक करीब 90 मामले आ चुके हैं। हालांकि अभी किसी पशु की मौत नहीं हुई है। जिन क्षेत्रों से यह मामले आ रहे हैं, वहां पर स्थिति स्थिर है। लंपी ज्यादा फैल नहीं रहा है। -डॉ. विवेक लांबा, उपनिदेशक, पशुपालन विभाग
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लंपी रोग के मुख्य लक्षण
पशुओं की त्वचा पर छोटी-बड़ी गांठें या चकत्ते बनने लगते हैं।
संक्रमित पशु को तेज बुखार आता है और वह सुस्त पड़ जाता है।
दुधारू पशुओं के दूध उत्पादन क्षमता में अचानक भारी कमी आती है।
पशु की आंखों और नाक से लगातार पानी बहने लगता है।
पशु खाना-पीना छोड़ देता है, जिससे वह लगातार शारीरिक रूप से कमजोर होने लगता है।
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बचाव और रोकथाम के उपाय
रोग के लक्षण दिखते ही संक्रमित पशु को स्वस्थ पशुओं से तुरंत अलग स्थान पर बांधें।
पशुपालन विभाग की सलाह पर अपने पशुओं को गोटपॉक्स टीका अवश्य लगवाएं।
पशुओं के रहने के स्थान पर मक्खी, मच्छर को पनपने से रोकने के लिए नियमित रूप से कीट नाशक दवाइयों का छिड़काव करें।
प्रभावित क्षेत्रों से पशुओं की खरीद-फरोख्त या आवाजाही से फिलहाल परहेज करें।