{"_id":"5cc341d6bdec222dcc5793cc","slug":"11556300246-solan-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्कूल परिसर में नहीं होगी शिक्षण सामग्री और वर्दियों की बिक्री","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्कूल परिसर में नहीं होगी शिक्षण सामग्री और वर्दियों की बिक्री
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
सोलन। शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों के परिसर में शिक्षण सामग्री और ड्रेस आदि सामान की बिक्री करने पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। शिक्षा विभाग की जांच टीम की ओर से निजी स्कूलों के निरीक्षण के बाद सौंपी गई रिपोर्ट के बाद ये आदेश दिए गए हैं।
जिला सोलन के कई निजी स्कूलों के परिसर में स्टेशनरी और वर्दियों की ब्रिकी की जा रही थी। यहां तक कि अभिभावकों को स्कूल से ही शिक्षण सामग्री और वर्दी खरीदने को मजबूर किया जा रहा था। हालांकि निरीक्षण के दौरान विभागीय टीम ने उक्त स्कूलों के इस कारोबार को बंद करवा दिया है। अब शिक्षा निदेशक ने भी उक्त कार्य को पूरी तरह से बंद करने का निर्णय लिया है।
शिक्षा विभाग निजी स्कूलों की मनमर्जी को लेकर सख्त हो गया है। इसके तहत अब शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों की फीस सहित अन्य सुविधाओं को लेकर कार्रवाई की जा रही है। इससे पहले शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों की फीस को लेकर भी बड़ा फैसला लिया है जिसे लागू करने के लिए रणनीति बनाई जा रही है।
विज्ञापन
विभाग ने मनमर्जी कर रहे स्कूल प्रबंधनों को अंतिम चेतावनी देते हुए इस प्रणाली को बंद करने के निर्देश दिए हैं। वहीं चेतावनी दी है कि यदि फिर कोई निजी स्कूल ऐसा करता पाया गया तो उस स्कूल की मान्यता को रद्द किया जा सकता है।
शिक्षा विभाग के उपनिदेशक एलिमेंट्री सोलन सरवण कुमार ने बताया कि निजी स्कूलों में स्टेशनरी और वर्दी की बिक्री नहीं की जाएगी। जिले के कई स्कूलों में स्टेशनरी और वर्दी परिसर में ही बेची जा रही थी जिसे बंद करवाया था। अब ऐसा कार्य न करने की चेतावनी दी गई है।
विज्ञापन
सोलन। शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों के परिसर में शिक्षण सामग्री और ड्रेस आदि सामान की बिक्री करने पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। शिक्षा विभाग की जांच टीम की ओर से निजी स्कूलों के निरीक्षण के बाद सौंपी गई रिपोर्ट के बाद ये आदेश दिए गए हैं।
जिला सोलन के कई निजी स्कूलों के परिसर में स्टेशनरी और वर्दियों की ब्रिकी की जा रही थी। यहां तक कि अभिभावकों को स्कूल से ही शिक्षण सामग्री और वर्दी खरीदने को मजबूर किया जा रहा था। हालांकि निरीक्षण के दौरान विभागीय टीम ने उक्त स्कूलों के इस कारोबार को बंद करवा दिया है। अब शिक्षा निदेशक ने भी उक्त कार्य को पूरी तरह से बंद करने का निर्णय लिया है।
विज्ञापन
शिक्षा विभाग निजी स्कूलों की मनमर्जी को लेकर सख्त हो गया है। इसके तहत अब शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों की फीस सहित अन्य सुविधाओं को लेकर कार्रवाई की जा रही है। इससे पहले शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों की फीस को लेकर भी बड़ा फैसला लिया है जिसे लागू करने के लिए रणनीति बनाई जा रही है।
विज्ञापन
विभाग ने मनमर्जी कर रहे स्कूल प्रबंधनों को अंतिम चेतावनी देते हुए इस प्रणाली को बंद करने के निर्देश दिए हैं। वहीं चेतावनी दी है कि यदि फिर कोई निजी स्कूल ऐसा करता पाया गया तो उस स्कूल की मान्यता को रद्द किया जा सकता है।
शिक्षा विभाग के उपनिदेशक एलिमेंट्री सोलन सरवण कुमार ने बताया कि निजी स्कूलों में स्टेशनरी और वर्दी की बिक्री नहीं की जाएगी। जिले के कई स्कूलों में स्टेशनरी और वर्दी परिसर में ही बेची जा रही थी जिसे बंद करवाया था। अब ऐसा कार्य न करने की चेतावनी दी गई है।