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चूल्हा उद्योगों को मालभाड़े में 10 फीसदी छूट
Updated Thu, 10 May 2018 09:56 PM IST
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- फोटो : बस्ती
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परवाणू (सोलन)। लगातार बढ़ते भाड़े और आर्थिक बोझ से खफा चूल्हा उद्योगपतियों के लिए ट्रांसपोर्ट यूनियनों ने राहत भरा फैसला लिया है। परवाणू की सभी ट्रांसपोर्ट यूनियनें उद्योग के मालभाड़े में दस प्रतिशत की कटौती करने जा रही हैं। इस फैसले को सर्वसम्मति से मंजूर कर लिया है और अब इस निर्णय को उद्योग जगत में नई ऊर्जा के रूप में देखा जा रहा है। यह निर्णय परवाणू में वीरवार को ट्रांसपोर्ट यूनियनों की बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता ट्रक ऑपरेटर यूनियन के प्रधान बावा हरदीप सिंह ने की।
बैठक में परवाणू की समस्त ट्रांसपोर्टर यूनियनों ने सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया। यूनियनों के इस कदम से जीएसटी लगने के बाद परवाणू से अपना काम धंधा छोड़ने का मन बना चुके चूल्हे के निर्माण से जुड़े उद्योगों के लिए यह निर्णय टॉनिक का काम करेगा। इन उद्योगों का पलायन बंद होगा। जीएसटी लगने के बाद परवाणू से उद्योगों का धीरे-धीरे शिफ्ट होना जारी है। विभिन्न कंपनियों के सीएंडएफ और मार्केटिंग से जुड़ी होलसेल इकाईयां भी परवाणू को खाली कर चुकी हैं। ऐसे में यदि चूल्हा उद्योग भी यहां से चले जाएंगे तो दिक्कतें बढ़ जाएंगी।
यूनियन के कदम से मिलेगी राहत
ट्रांसपोर्ट यूनियनों ने पहल करके चूल्हा उद्योगों के लिए राहत भरा फैसला लिया है। यह परवाणू और यहां के लोगों के भले के लिए लिया है। ट्रांसपोर्ट रेट्स में 10 प्रतिशत की कटौती मिलने के बाद चूल्हा उद्योग से जुड़ी इकाइयां इस निर्णय से बूस्ट अप हुई हैं। इस निर्णय के पीछे सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. राजीव सैजल का भी बहुत योगदान माना जा रहा है।
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चूल्हा उत्पादन एसोसिएशन ने फैसले को सराहा
परवाणू में चूल्हा उद्योगों का प्रतिनिधित्व करने वाली संस्था ऑल इंडिया गैस स्टोव उत्पादन एसोसिएशन ने ट्रांसपोर्ट चार्जेज में 10 फीसदी कटौती करने पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. राजीव सैजल और ट्रक ऑपरेटर यूनियन परवाणू के प्रधान बावा हरदीप सिंह समेत सभी यूनियनों के प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया है। एसोसिएशन के चीफ पैटर्न विनोद अग्रवाल, चेयरमैन सुरिंद्र कुमार, प्रधान राजीव मल्होत्रा समेत अन्य पदाधिकारियों अशोक मग्गू, नीरज नंगला, मनोज गुप्ता, युगल मल्होत्रा, इंद्रजीत अरोड़ा, संजीव रेल्हन, परवीन जैन, अपूर्वा प्रकाश, अनिल गुप्ता और मनोज जैन ने इस कदम की सराहना की। आश्वासन दिया कि वह परवाणू से अपना कामकाज शिफ्ट नहीं करेंगे।
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बैठक में परवाणू की समस्त ट्रांसपोर्टर यूनियनों ने सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया। यूनियनों के इस कदम से जीएसटी लगने के बाद परवाणू से अपना काम धंधा छोड़ने का मन बना चुके चूल्हे के निर्माण से जुड़े उद्योगों के लिए यह निर्णय टॉनिक का काम करेगा। इन उद्योगों का पलायन बंद होगा। जीएसटी लगने के बाद परवाणू से उद्योगों का धीरे-धीरे शिफ्ट होना जारी है। विभिन्न कंपनियों के सीएंडएफ और मार्केटिंग से जुड़ी होलसेल इकाईयां भी परवाणू को खाली कर चुकी हैं। ऐसे में यदि चूल्हा उद्योग भी यहां से चले जाएंगे तो दिक्कतें बढ़ जाएंगी।
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यूनियन के कदम से मिलेगी राहत
ट्रांसपोर्ट यूनियनों ने पहल करके चूल्हा उद्योगों के लिए राहत भरा फैसला लिया है। यह परवाणू और यहां के लोगों के भले के लिए लिया है। ट्रांसपोर्ट रेट्स में 10 प्रतिशत की कटौती मिलने के बाद चूल्हा उद्योग से जुड़ी इकाइयां इस निर्णय से बूस्ट अप हुई हैं। इस निर्णय के पीछे सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. राजीव सैजल का भी बहुत योगदान माना जा रहा है।
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चूल्हा उत्पादन एसोसिएशन ने फैसले को सराहा
परवाणू में चूल्हा उद्योगों का प्रतिनिधित्व करने वाली संस्था ऑल इंडिया गैस स्टोव उत्पादन एसोसिएशन ने ट्रांसपोर्ट चार्जेज में 10 फीसदी कटौती करने पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. राजीव सैजल और ट्रक ऑपरेटर यूनियन परवाणू के प्रधान बावा हरदीप सिंह समेत सभी यूनियनों के प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया है। एसोसिएशन के चीफ पैटर्न विनोद अग्रवाल, चेयरमैन सुरिंद्र कुमार, प्रधान राजीव मल्होत्रा समेत अन्य पदाधिकारियों अशोक मग्गू, नीरज नंगला, मनोज गुप्ता, युगल मल्होत्रा, इंद्रजीत अरोड़ा, संजीव रेल्हन, परवीन जैन, अपूर्वा प्रकाश, अनिल गुप्ता और मनोज जैन ने इस कदम की सराहना की। आश्वासन दिया कि वह परवाणू से अपना कामकाज शिफ्ट नहीं करेंगे।